Antaryami Ko Pahchano
अन्तरवृत्ति अन्तर्यामी को पहचानो मन में होय उजेरा क्रोध लोभ मद अहंकार ने, मानव जीवन घेरा हुए मोह से ग्रस्त सभी जन, छाया घना अँधेरा यौवन बीता, समय जा रहा, किन्तु विवेक न जागा जिसने संग किया संतों का, तमस हृदय का भागा
Atulit Bal Ke Dham
महावीर वन्दना अतुलित बल के धाम पवनसुत, तेज प्रताप निधान राम जानकी हृदय बिराजै, संकटहर हनुमान अग्रगण्य ज्ञानी अंजनि-सुत, सद्गुण के हो धाम अजर अमर हो सिद्धि प्रदाता, रामदूत अभिराम कंचन वर्ण आपके वपु का, घुँघराले वर केश हाथों में है वज्र, ध्वजा अरु अति विशिष्ट है वेश गमन आपका मन सदृश है, छोह करे […]
Adbhut Shri Vrindavan Dham
वृन्दावन धामअद्भुत श्री वृन्दावन धाम यमुनाजी की धारा बहती, केलि राधिका श्याम मुरली की ध्वनि मधुर गूँजती और नाचते मोर इकटक निरख रहे पशु पक्षी, नटवर नन्द-किशोर बंशी स्वर, मयूर नृत्य में, स्पर्धा रुचिकारी पाँख मोर की निकल पड़ी, तो मोहन सिर पर धारी राधारानी के मयूर की, भेंट मिली कान्हा को इसीलिये सहर्ष श्याम […]
Anupranit Vaidik Dharma Kiya
आद्य शंकराचार्य अनुप्राणित वैदिक धर्म किया, श्रद्धा से उनका स्मरण करें वे ज्ञान मूर्ति शंकर ही थे, हम सादर उन्हें प्रणाम करें जब धर्म अवैदिक फैल गया तो ब्रह्मवाद हो गया मन्द अवतरित हुए शंकराचार्य तो श्रुति विरोध का हुआ अंत आचार्य-चरण से सुलभ हमें स्तुतियाँ श्रेष्ठ प्रभु-विग्रह की श्रद्धापूर्वक हम गान करें, हो सुदृढ़ […]
Advitiy Madhuri Jodi
युगल माधुर्य अद्वितीय माधुरी जोड़ी, हमारे श्याम श्यामा की रसीली रसभरी अखियाँ, हमारे श्याम श्यामा की चितवनि कटीली बाँकी सुघड़ सूरत मधुर बतियाँ लटकनें कान में सुन्दर, हमारे श्याम श्यामा की मुकुट और चन्द्रिका माथे, अधर पर पान की लाली अहो! कैसी भली छबि है, हमारे श्याम श्यामा की प्रेम में वे पगे विहरें, श्री […]
Anant Guno Ke Jo Sagar
प्रभु संकर्षण वंदना अनन्त गुणों के जो सागर, प्रभु संकर्षण को नमस्कार मस्तक उनके जो हैं सहस्त्र, एक ही पर पृथ्वी का अधार देवता असुर गन्धर्व, सिद्ध, मुनिगण भी पाये नहीं पार एक कान में कुण्डल जगमगाय, शोभित है अंग पे नीलाम्बर कर हल की मठू पर रखा हुआ, वक्ष:स्थल पे वैजन्ती हार भगवान कृष्ण […]
Anurag Gopiyon Jaisa Ho
गोपियों की प्रीति अनुराग गोपियों जैसा हो श्रीकृष्ण प्रेम का मूर्तिमान, विग्रह है श्री राधाजी ही महाभाव रूप उनका पावन,राधारानी का प्रेम वही श्री राधा का उद्देश्य यही, बस सुख पहुँचाएँ प्यारे को वे करते प्रेम प्रियाजी से, यह श्रेय श्री कृष्ण बड़प्पन को जीवन में जो कुछ सुख दुख है, हम स्वीकारें सहर्ष उसे […]
Apane Ko Sukhi Banaye Ham
अनासक्ति अपने को सुखी बनायें हम कामना पूर्ति जब नहीं होती, तत्काल क्रोध तब आ जाता जब खो देते विवेक तभी, संतुलन नहीं तब रह पाता हम अनासक्त हो कर्म करें, तो अहम् भाव ही मिट जाये प्रभु के हित होए कार्य तभी, कर्तापन भाव न रह पाये होए सहिष्णुता प्रेम भाव, ईर्ष्या व द्वेष […]
Apurva Nratya Hanuman Kare
मारुति-सुत का नृत्य अपूर्व नृत्य हनुमान करें है दिव्य देह, सिन्दूर लेप, करताल करो में चित्त हरें आनन्दित मुख की श्रेष्ठ छटा, श्रीराम नाम का गान करें चरणों में मोहक घुँघरू, दो नयनों से प्रेमाश्रु झरें कटि में शोभित है रक्ताम्बर, अंजनी-सुत हम पर कृपा करें
Aab Tum Meri Aur Niharo
शरणागति अब तुम मेरी ओर निहारो हमरे अवगुन पै नहि जाओ, अपनो बिरुद सम्भारो जुग जुग साख तुम्हारी ऐसी, वेद पुरानन गाई पतित उधारन नाम तिहारो, यह सुन दृढ़ता आई मैं अजान तुम सम कुछ जानों, घट घट अंतरजामी मैं तो चरन तुम्हारे लागी, शरणागत के स्वामी हाथ जोरि के अरज करति हौं, अपनालो गहि […]