Are Man Jap Le Prabhu Ka Nam

नाम स्मरण अरे मन जप ले प्रभु का नाम पाँच तत्व का बना पींजरा, मढ़ा उसी पर चाम आज नहीं कल छूट जायगा, भज ले करुणाधाम द्रुपद-सुता ने उन्हें पुकारा, वसन रूप भये श्याम श्रद्धा-भाव रहे मन में नित, जपो प्रभु का नाम अजामील ने पुत्र-भाव से, नारायण का लिया नाम सुलभ हो गई सद्गति […]

Are Ham Naam Jape Shiv Ka

शिव महिमा अरे! हम नाम जपें शिव का, नित्य श्रद्धा से बारम्बार महादेव की महिमा भारी, कोई न पाये पार आशुतोष को भोले शंकर, कहता सब संसार आप हिमालय पे गौरी संग, करे दिव्य अभिसार रौद्र रूप में करते हैं शिव, दुष्टों का संहार गंग विराजे जटा बीच, शशि मस्तक का श्रृंगार बम बम भोले […]

Avatarit Hue Bhagwan Krishna

श्रीकृष्ण प्राकट्य अवतरित हुए भगवान कृष्ण, पृथ्वी पर मंगल छाया है बज गई स्वर्ग की दुन्दुभियाँ,चहुँ दिशि आनन्द समाया है था गदा, चक्र अरु कमल, शंख, हाथों में शोभित बालक के श्रीवत्स चिन्ह वक्षःस्थल पे, कटि में भी पीताम्बर झलके वसुदेव देवकी समझ गये, यह परमपुरुष पुरुषोत्तम है जो पुत्र रूप में प्राप्त हुआ, साक्षात् […]

Avtar Hum Shri Raghav Ka

श्रीराम प्राकट्य अवतार हुआ श्री राघव का, तो चैत्र-मास की नवमी थी मौसम सुहावना सुखकारी, तब ऋतु बसंत छवि छाई थी आनन्द विभोर अयोध्या थी, उन्मुक्त तरंगें सरयू की हर्षातिरेक से भरी हुई, यह स्थिति मात कौसल्या की चौथेपन में बेटा पाया, कोसलाधीश को हर्ष हुआ मन चाहीं भेंट मिली सबको, नाचें गायें दें सभी […]

Aaj Ayodhya Ki Nagari Main

अयोध्या में शिव आज अजोध्या की नगरी में, घूमे जोगी मतवाला अलख निरंजन खड़ा पुकारे, देखूँगा दशरथ-लाला शैली सिंगी लिये हाथ में, अरु डमरू त्रिशूल लिये छमक छमा-छम नाचे जोगी, दरसन की मन चाह लिये पग के घुँघरू रुनझुन बाजे, शोभा अतिशय मन हारी बालचन्द्र मस्तक पे राजे, सर्पों की माला धारी अंग भभूत रमाये […]

Aaj Ki Bela Sukhkari

श्री श्री राधा प्राकट्य आज की बेला सुखकारी प्रगट भई वृषभानु-नंदिनी, कीरति प्राण-पियारी गावत सभी बधाई हिलमिल, बरसाने की नारी अत्यधिक, आनंद महल में बरनत रसना हारी नौबत बजत और शहनाई, नाचत सखियाँ सारी नंद यशोदा सुनसुख पायें, हरषे हिय में भारी भादौ मास, गगन घन छाये, बिजुरी चमके न्यारी चहुँ ओर है खुशियाँ छाई, […]

Aaj Rawal Main Jay Jaykar

श्रीश्री राधा प्राकट्य आज रावल में जय-जयकार भयो यहाँ वृषभानु गोप के, श्री राधा अवतार सज-धज के सब चलीं वेग तें, गावत मंगलाचार पृथ्वी पर त्रिभुवन की शोभा, रूप रासि सुखसार निरखत गावत देत बधाई, तभी भीर भई द्वार ‘परमानँद’ वृषभानु- नंदिनी, जोरी नंदकुमार

Aaj Braj Main Chayo Anand

श्रीकृष्ण प्राकट्य आज व्रज में छायो आनन्द नंद महर घर ढोटा आयो, पूरण परमानंद विविध भाँति बाजे बाजत हैं, वेद पढ़त द्विज-वृंद छिरकत दूध दही घृत माखन, मोहन-मुख अरविन्द देत दान ब्रजराज मगन मन, फूलत नाहिं समाय देते असीस सबहिं जन ब्रज के, बार-बार बलि जाय

Aaj Sakhi Raghav Ki Sudhi Aai

स्मृति आज सखि! राघव की सुधि आई आगे आगे राम चलत है, पीछे लक्ष्मण भाई इनके बीच में चलत जानकी, चिन्ता अधिक सताई सावन गरजे भादों बरसे,पवन चलत पुरवाई कौन वृक्ष तल भीजत होंगे, राम लखन दोउ भाई राम बिना मोरी सूनी अयोध्या, लक्ष्मण बिन ठकुराई सीता बिन मोरी सूनी रसोई, महल उदासी छाई

Aaj Sakhi Nandnandan Pragate

श्रीकृष्ण प्राकट्य आजु सखी, नँद-नंदन प्रगटे, गोकुल बजत बधाई री कृष्णपक्ष की अष्टमी भादौ, योग लग्न घड़ी आई री गृह-गृह ते सब बनिता आई, गावत गीत बधाई री जो जैसे तैसे उठि धाई, आनन्द उर न समाई री चौवा चन्दन और अरगजा, दधि की कीच मचाई री बन्दीजन सुर नर गुन गावें, शोभा बरनि न […]