Jo Kuch Hai Vah Parmeshwar Hai
तत्व चिंतन जो कुछ है वह परमेश्वर है वे जगत् रूप प्रकृति माया यदि साक्षी भाव से चिंतन हो मेरा पन तो केवल छाँया हम करें समर्पण अपने को, उन परमपिता के चरणों में और करें तत्व का जो विचार, सद्मार्ग सुलभ हो तभी हमें जो तत्व मसि का महावाक्य ‘वह तूँ है’ उनके सिवा […]
Jo Dhanush Ban Dhare
श्रीराम स्तवन जो धनुष-बाण धारे, कटि पीत वस्त्र पहने वे कमल-नयन राघव, सर्वस्व हैं हमारे वामांग में प्रभु के, माँ जानकी बिराजै नीरद सी जिनकी आभा, आया शरण तुम्हारे रघुनाथ के चरित का, कोई न पार पाये यश-गान होता जिनका, रघुनाथ पाप हारी शिव-धनुष जिसने तोड़ा, मिथिला से नाता जोड़ा असुरों के जो विनाशक, रक्षा […]
Jo Nishchal Bhakti Kare
शिव आराधना जो निश्छल भक्ति करे उसको, भोले शम्भू अपना लेते वे धारण करें रजोगुण को, और सृष्टि की रचना करते होकर के युक्त सत्त्वगुण से, वे ही धारण पोषण करते माया त्रिगुणों से परे प्रभु, शुद्ध स्वरूप स्थित होते ब्रह्मा, विष्णु, अरु, रुद्र, रूप, सृष्टि, पालन,लय वहीं करें हैं पूर्ण ब्रह्म प्रभु आशुतोष, अपराध […]
Jo Param Shant Shri Lakshmikant
श्री नारायण स्तुति जो परम शांत श्री लक्ष्मी-कांत, जो शेष-नाग पर शयन करें वे पद्मनाभ देवाधिदेव, वे जन्म मरण का कष्ट हरें है नील मेघ सम श्याम वर्ण, पीताम्बर जिनके कटि राजे हे अंग सभी जिनके सुन्दर, शोभा पे कोटि मदन लाजे ब्रह्मादि देव अरू योगी जन, जिनका हृदय में धरे ध्यान वे कमल नयन […]
Jo Paanch Tatva Se Deh Bani
तत्व चिन्तन जो पाँच तत्व से देह बनी, वह नाशवान ऐसा जानो जीना मरना तो साथ लगा, एक तथ्य यही जो पहचानो परमात्मा ही चेतन स्वरूप और जीव अंश उसका ही है सच्चिदानंद दोनों ही तो, निर्गुण वर्णन इसका ही है जैसे की सींप में रजत दिखे, मृगतृष्णा जल होता न सत्य सम्पूर्ण जगत् ही […]
Jo Pran Tyage Dharma Hit
प्राणोत्सर्ग जो प्राण त्यागे धर्म हित, वह सद्गति को प्राप्त हो सम्राट नामी थे दिलीप, गौ-नन्दिनी भयग्रस्त थी दबोच रक्खा था उसे बली सिंह ने, संकट में थी तब गौ की रक्षा हेतु से, महाराज बोले सिंह को अपनी क्षुधा को शान्त कर, खा ले तूँ मेरी देह को गौ कामधेनु की सुता थी, जिसको […]
Jo Bit Gaya So Bit Gaya
हरि भजन जो बीत गया सो बीत गया, पल भर भी वापस नहीं आये बहुमूल्य समय धन से बढ़कर, आदर उसका हम कर पाये यह समय काल है वास्तव में, सबकी जो प्रतिपल उम्र हरे जो करे समय का सदुपयोग तो, मानो उस पर विजय करे घर बार धनार्जन कार्यों से अवकाश निकाले नित्य आप […]
Jo Rahe Badalta Jagat Vahi
परिवर्ती जगत् जो रहे बदलता जगत वही रह सकता इक सा कभी न ये, जो समझे शांति भी मिले यहीं जो चाहे कि यह नहीं बदले, उन लोगों को रोना पड़ता हम नहीं हटेगें कैसे भी, विपदा में निश्चित वह फँसता जो अपने मन में धार लिया,हम डटे रहेंगे उस पर ही वे भूल गये […]
Jo Rahe Vasna Ant Samay
नाम स्मरण जो रहे वासना अन्त समय, वैसी ही गति को प्राप्त करे श्रीराम कृष्ण को स्मरण करे, सद्बुद्धि वही प्रदान करे सम्बन्धी कोई पैदा हो या मर जाये, निर्लिप्त रहें गोपीजन का श्रीकृष्ण प्रेम आदर्श हमारा यही रहे कन्या ससुराल में जाती है, मैके से दूर तभी होये जो प्रभु से लौ लग जाये […]
Jo Vishva Vandya Karuna Sagar
स्तुति जो विश्वबंद्य करुणासागर मैं शरण उन्हीं की जाता हूँ शरणागत पालक विश्वरूप, मैं प्रभु का वंदन करता हूँ जिनके प्रविष्ट कर जाने परे, जड़ भी चेतन हो जाते हैं जो कारण कार्य पर सबके, मेरे अवलम्बन वे ही है ऋषि मुनि देवता भी जिनका कैसा स्वरूप न जान सके फिर तो साधारण जीव भला, […]