Baso Man Mandir Shyama Shyam

युगल माधुरी बसो मन-मन्दिर, श्यामा-श्याम चपला नव-नीरद से अनुपम, युगल वर्ण अभिराम मुकुलित नयन प्रफुल्लित मुखड़ा, अलकावली ललाम नील वसन, पीताम्बर सोहे, रसिक राधिका श्याम लीला रत सँग ब्रज सुन्दरियाँ, श्री वृन्दावन धाम युगल-रूप सौन्दर्य लजाये, कोटि कोटि रति काम निगमागम के सारभूत को, भज मन आठो याम  

Biraj Main Holi Khelat Nandlal

होली बिरज में होरी खेलत नँदलाल ढोलक झाँझ मँजीरा बाजत, सब सखियाँ मिल होरी गावत, नाचत दे दे ताल भर भरके पिचकारी मारत, भीजत है ब्रज के नर नारी, मुग्ध भई ब्रज-बाल धरती लाल, लाल भयो अम्बर, लाल राधिका, लालहि नटवर, उड़त अबीर गुलाल होरी खेलत है कुँवर कन्हाई, जमुना तट पर धूम मचाई, क्रीड़ा […]

Biraj Main Holi Ki Hai Dhum

होली बिरज में होली की है धूम लेकर हाथ कनक पिचकारी, यहाँ खड़ें हैं कृष्ण मुरारी, उतते आई गोपकुमारी, पकड़ लियो झट से बनवारी मुख पर मल दी तभी गुलाल, बिरज में होली है अब आई वृजभानु-दुलारी, और साथ में सखियाँ न्यारी, घेर लियो फिर नँद-नंदन को, पहना दी रेशम की सारी रंग दियो श्याम […]

Budhapa Bairi Tu Kyon Kare Takor

वृद्धा अवस्था बुढ़ापा बैरी, तूँ क्यों करे टकोर यौवन में जो साथ रहे, वे स्नेही बने कठोर जीर्ण हो गया अब तन सारा, रोग व दर्द सताते गई शक्ति बोलो कुछ भी तो, ध्यान कोई ना देते चेत चेत रे मनवा अब तो, छोड़ सभी भोगों को राम-कृष्ण का भजन किये बिन, ठोर नहीं हैं […]

Baithe Hari Radha Sang

मुरली मोहिनी बैठे हरि राधासंग, कुंजभवन अपने रंग मुरली ले अधर धरी, सारंग मुख गाई मनमोहन अति सुजान, परम चतुर गुन-निधान जान बूझ एक तान, चूक के बजाई प्यारी जब गह्यो बीन, सकल कला गुन प्रवीन अति नवीन रूप सहित, तान वही सुनाई ‘वल्लभ’ गिरिधरनलाल, रीझ कियो अंकमाल कहन लगे नन्दलाल, सुन्दर सुखदाई 

Braj Ke Birahi Log Bichare

वियोग ब्रज के बिरही लोग बिचारे बिन गोपाल ठगे से ठाढ़े, अति दुरबल तनु हारे मात जसोदा पंथ निहारति, निरखति साँझ सकारे सबही कान्ह कान्ह कहि बोलत, अँखियन बहत पनारे यह मथुरा काजर की रेखा, जे निकसे ते कारे ‘परमानंद’ स्वामी बिन ऐसे, ज्यों चंदा बिनु तारे  

Braj Ko Bacha Lo Mohan

गोवर्धन लीला ब्रज को बचा लो मोहन, रक्षा करो हमारी हो कु्रद्ध शची के पति ने, वर्षा करी है भारी आँधी भी चल रही है, ओले बरस रहे हैं पानी से भर गया ब्रज, सब कष्ट से घिरे हैं गिरिराज को उखाड़ा, ले हाथ पर हरि ने उसको उठाये रक्खा, दिन सात तक उन्होंने ब्रज […]

Braj Main Ghar Ghar Bajat Badhai

श्री राधा प्राकट्य ब्रिज में घर घर बजत बधाई अतिशय रूप निरख कन्या का माँ कीरति है हर्षाई सकल लोक की सुंदरता, वृषभानु गोप के आई जाको जस सुर मुनी सब कोई, भुवन चतुर्दश गाई नवल-किशोरी गुन निधि श्यामा, कमला भी ललचाई प्रगटे पुरुषोत्तम श्री राधा द्वै विधि रूप बनाई 

Braj Main Kaisi Hori Machai

होली ब्रज में कैसी होरी मचाई, करत परस्पर रोरी नंदकुँवर बरसाने आये, खेलन के मिस होरी बाँह पकड़ एक ग्वालिन की वे, बहुत ही करै चिरौरी अब तो बहियाँ छोड़ो प्यारे, देखत हमें किसोरी अधिक अधीर राधिका आई, जानत श्याम ठगोरी होली खेलत राधा मोहन, गलियन रंग बह्योरी लाल भयो कटिपट मोहन को, लाल राधिका […]

Bhakta Ke Vash Main Hain Bhagwan

भक्त वत्सलता भक्त के वश में हैं भगवान जब जब स्मरण किया भक्तों ने, रखली तुमने आन चीर खिंचा जब द्रुपद-सुता का, दु:शासन के द्वारा लिया वस्त्र अवतार, द्रौपदी ने जब तुम्हें पुकारा लगी बाँधने यशुमति मैया, जब डोरी से तुमको थकी यशोदा पर न बँधे, तो बँधवाया अपने को दुर्वासा संग शिष्य जीमने, पाण्डव-कुटि […]