Jay Bajarangi Kesari Nandan

श्री हनुमान स्तुति जय बजरंगी केसरीनंदन, जय जय पवन कुमार जय गिरि धारक, लंका जारक, हारक व्याधि विकार जय जग वन्दन असुर निकंदन, जय दुरन्त हनुमान जय सुख दाता, संकट त्राता, जय कलि के भगवान जय बल सागर, अतिशय नागर, जय करुणा के धाम जय दुख भंजन, जन मन रंजन, रामदूत निष्काम जय हो जय […]

Jay Bhuwaneshwari Jay Narayani

देवी स्तवन जय भुवनेश्वरि जय नारायणि संतति की रक्षा करती हो अज्ञान, अहं को हरती हो, सुख वैभव हमको देती हो जैसे प्रभात की सूर्य किरण, वैसी श्री अंगों की शोभा मुसकान अधर पर छाई है, रत्नाभूषण की अमित प्रभा आये जो शरण दीन पीड़ित उसकी रक्षा माँ ही करती हे सनातनी हे कात्यायिनि, सेवक […]

Jab Haar Kisi Ke Hath Nahi

समदृष्टि जय हार किसी के हाथ नहीं जब विजय प्राप्त हो अपने को, ले श्रेय स्वयं यह ठीक नहीं हम तो केवल कठपुतली हैं, सब कुछ ही तो प्रभु के वश में है जीत उन्हीं के हाथों में और हार भी उनके हाथों में जब मिलें पराजय अपयश हो, पुरुषार्थ हमारा जाय कहाँ हो हार […]

Jane Kya Jadu Bhara Hua Shri Krishna Aapki Gita Main

गीताजी की महिमा जाने क्या जादू भरा हुआ, श्रीकृष्ण आपकी गीता में जब शोक मोह से घिर जाते, गीता संदेश स्मरण करते, उद्धार हमारा ही इसमें, भगवान आपकी गीता में निगमागम का सब सार भरा, संकट से यह उबार लेती नित अमृत का हम पान करें, हे श्री कृष्ण आपकी गीता में है कर्म, भक्ति […]

Jinake Prafulla Rajiv Nayan

श्रीराम चरित जिनके प्रफुल्ल राजीव नयन, मर्यादा के जो श्रेष्ठ धाम शोभा सागर श्रीरामचन्द्र, सीतापति को शत-शत प्रणाम बाहु प्रलम्ब प्रभु शक्तिमान, कोमल कर धारे धनुष बान मैं नतमस्तक प्रभु कृपा करो, पादाम्बुज भक्ति करो दान राज्याभिषेक होने वाला, इस समाचार से जो न सुखी वनवास हुआ है सुन करके, उनका मन तनिक न हुआ […]

Ja Rahe Pran Dhan Mathura Ko

मथुरा प्रवास जा रहे प्राणधन मथुरा को राधा रानी हो रही व्यथित, सूझे कुछ भी नहीं उनको अंग अंग हो रहे शिथिल, और नीर भरा नयनों में आर्त देख राधा को प्रियतम, स्वयं दुःखी है मन में प्रिया और प्यारे दोनों की, व्याकुल स्थिति ऐसी दिव्य प्रेम रस की यह महिमा, उपमा कहीं न वैसी […]

Jisne Nit Hari Ka Nam Liya

नाम महिमा जिसने नित हरि का नाम लिया उसने अपना कल्याण किया जिसने पशु पक्षी प्राणिमात्र का पालन पोषण नित्य किया चाहे दान किसी को दिया न दिया, भवनिधि को उसने पार किया सत्संग कथामृत पान किया, आजीवन सबका भला किया चाहे पूजा पाठ किया न किया पर भक्ति-भाव को प्राप्त किया गुरु का उपदेश […]

Jiwan Ke Din Bas Char Bache

भक्ति भाव जीवन के दिन बस चार बचे, क्यों व्यर्थ गँवाये जाता है क्यों भक्ति योग का आश्रय ले, कल्याण प्राप्त नहीं करता है अज्ञान तिमिर को दूर करे, भगवान कपिल उपदिष्ट यही माँ देवहूति को प्राप्त वही, जो नहीं सुलभ अन्यत्र कहीं श्रद्धापूर्वक निष्काम भाव से, नित्य कर्म अति उत्तम है प्रतिमा दर्शन,पूजा सेवा, […]

Jiwan Ko Yagya Banaye Ham

यज्ञ जीवन को यज्ञ बनायें हम निष्काम भाव से ईश्वर को, जब कर्म समर्पित हो जाते तो अहं वासना जल जाते, मुक्ति का दान वही देते हम हवन कुण्ड में समिधा से अग्नि को प्रज्वलित करते आहुति दे घृत वस्तु की, वेदों में यज्ञ इसे कहते जब प्राण बचाने परेवा का, राजा शिवि जो अपने […]

Jiwan Bit Gaya Sab Yun Hi

शरणागति जीवन बीत गया सब यूँ ही, भला न कुछ कर पाया तेरी मेरी करके ही बस, सारा समय बिताया कहीं हुआ सम्मान जरा तो, अहंकार मन आया कितना बड़ा आदमी हूँ मैं, सोच व्यर्थ इठलाया जड़ चेतन में तूँ ही तू है, फिर भी क्यों भरमाया किया एक से राग, और दूजे को ठुकराया […]