Shri Mahalakshmi Jag Janani Ka

श्रीमहालक्ष्मी स्तवन श्री महालक्ष्मी जगजननी का, हम श्रद्धापूर्वक करें ध्यान जिनका है वर्ण स्वर्ण जैसा, उनकी महिमा का करें गान सद्भाव, अतिथि की सेवा हो, सत्कर्म जहाँ नित होता हो देवार्चन-प्रेम भाव मन का, आवास वहीं हो माता का माँ को अति प्रिय है शील सत्य, सत्संग कीर्तन जहाँ नित्य जहाँ प्राणि-मात्र प्रति प्रेम भाव, […]

Shri Radha Nam Madhur Anmol

राधा नाम अनमोल श्री राधा नाम मधुर अनमोल नाम सुखद राधा प्यारी को, मुँह में मिश्री घोल सुख सरिता श्री राधा स्वामिनि, दर्शन कर सुख पाऊँ अंग अंग अनुराग श्याम का, चरणों में सिर नाऊँ दो अक्षर राधा रानी के, हिय में इन्हें बसाऊँ सोच विचार और सब त्यागूँ, राधा के गुण गाऊँ  

Shri Radhe Pyari De Daro Ri Bansuri

बंसी की चोरी श्री राधे प्यारी, दे डारो री बाँसुरी मोरी काहे से गाऊँ राधे, काहे से बजाऊँ, काहे से लाऊँ गैया घेरि मुखड़े से गाओ कान्हा, ताल बजावो, चुटकी से लाओ गैया घेरि या बंशी में मेरो प्राण बसत है, सो ही गई अब चोरी न तो सोने की, ना ही चाँदी की, हरे […]

Shri Ram Ko Maa Kaikai Ne

राम वनगमन श्रीराम को माँ कैकयी ने दिया जभी वनवास उनके मुख पर कहीं निराशा का, न तभी आभास मात कौसल्या और सुमित्रा विलपे, पिता अचेत उर्मिला की भी विषम दशा थी, त्यागे लखन निकेत जटा बनाई वल्कल पहने, निकल पड़े रघुनाथ जनक-नन्दिनी, लक्ष्मण भाई, गये उन्हीं के साथ आज अयोध्या के नर नारी, विह्वल […]

Shri Ram Jape Ham Kaise Hi

राम नाम महिमा श्री राम जपें हम कैसे ही उलटा नाम जपा वाल्मीकि ने, ब्रह्मर्षि हो गये वही लिया अजामिल ने धोखे से नाम तर गया भवसागर द्रुपद-सुता जब घिरी विपद् से, लाज बचाई नटनागर गज, गणिका का काम बन गया, प्रभु-कृपा से ही तो प्रतीति प्रीति हो दो अक्षर में, श्रीराम मिले उसको तो […]

Shri Vishnu Dattatrey Hi

भगवान दत्तात्रेय श्री विष्णु दत्तात्रेय ही, सादर नमन उनको करुँ रहते दिगम्बर वेष में, अज्ञान हरते सद्गुरु दुख दूर करने प्राणियों का, तप किया मुनि अत्रि ने बेटा बनूँगा आपका, बोला प्रकट हो विष्णु ने आत्रेय माता अनसुया, जिनमें अहं निःशेष था सर्वोच्च सती के रूप में, प्रख्यात उनका नाम था सती धर्म की लेने […]

Shri Vrindavan Bhakti Ka

श्री वृन्दावन महिमा श्रीवृन्दावन भक्ति का, अनुपम रसमय धाम महिमा अपरम्पार है, कण कण राधे श्याम वृन्दावन अनुराग का, केन्द्र श्रेष्ठ सुख-वास यमुनाजी के पुलिन पर, श्याम रचाये रास नाम, धाम, लीला सभी, श्रीहरि के ही रूप ब्रज चौरासी कोस में, वृन्दा-विपिन अनूप श्रीवृन्दावन कुंज में, विहरें श्यामा श्याम क्रीड़ा नित नूतन करें, सुखद रूप […]

Shri Hari Vishnu Aashray Sabke

श्री विष्णु सहस्त्रनाम महिमा श्री हरि विष्णु आश्रय सबके, गुणगान करें हम श्रद्धा से यह धर्म बड़ा है जीवन में, जो मुक्त करे जग बंधन से भगवान विष्णु के नाम सहस्त्र, अर्चन हो, दे शुभ संस्कार सब दुःखों से हो छुटकारा, सुख शान्ति मिले, छूटें विकार अविनाशी पिता प्राणियों के, कर्ता धर्ता हर्ता जग के […]

Sandesha Shyam Ka Le Kar

गोपियों का वियोग संदेशा, श्याम का लेकर, उधोजी ब्रज में आये हैं कहा है श्यामसुन्दर ने गोपियों दूर मैं नहीं हूँ सभी में आत्मवत् हूँ मैं, चेतना मैं ही सबकी हूँ निरन्तर ध्यान हो मेरा, रखो मन पास में मेरे वृत्तियों से रहित होकर, रहोगी तुम निकट मेरे गोपियों ने कहा ऊधो, सिखाते योग विद्या […]

Sandhyopasan Dwij Nitya Kare

सन्ध्योपासना संध्योपासन द्विज नित्य करे, पातक उनके अनिवार्य जरे प्रातः, मध्याह्न तथा सायं, होए उपासना क्लेश हरे संध्यावन्दन में सूरज को, जल से हम अर्घ्य प्रदान करें ब्रह्मस्वरूपिणी गायत्री का, मंत्र विधिवत् जाप करे संध्या-महत्व को नहीं जाने वह नहीं करे तक संध्या को शुभ कर्मों का फल नहीं मिले, जीते जी क्षुद्र कहें उसको […]