Jo Pran Tyage Dharma Hit

प्राणोत्सर्ग जो प्राण त्यागे धर्म हित, वह सद्गति को प्राप्त हो सम्राट नामी थे दिलीप, गौ-नन्दिनी भयग्रस्त थी दबोच रक्खा था उसे बली सिंह ने, संकट में थी तब गौ की रक्षा हेतु से, महाराज बोले सिंह को अपनी क्षुधा को शान्त कर, खा ले तूँ मेरी देह को गौ कामधेनु की सुता थी, जिसको […]

Jo Bit Gaya So Bit Gaya

हरि भजन जो बीत गया सो बीत गया, पल भर भी वापस नहीं आये बहुमूल्य समय धन से बढ़कर, आदर उसका हम कर पाये यह समय काल है वास्तव में, सबकी जो प्रतिपल उम्र हरे जो करे समय का सदुपयोग तो, मानो उस पर विजय करे घर बार धनार्जन कार्यों से अवकाश निकाले नित्य आप […]

Jo Rahe Badalta Jagat Vahi

परिवर्ती जगत् जो रहे बदलता जगत वही रह सकता इक सा कभी न ये, जो समझे शांति भी मिले यहीं जो चाहे कि यह नहीं बदले, उन लोगों को रोना पड़ता हम नहीं हटेगें कैसे भी, विपदा में निश्चित वह फँसता जो अपने मन में धार लिया,हम डटे रहेंगे उस पर ही वे भूल गये […]

Jo Rahe Vasna Ant Samay

नाम स्मरण जो रहे वासना अन्त समय, वैसी ही गति को प्राप्त करे श्रीराम कृष्ण को स्मरण करे, सद्बुद्धि वही प्रदान करे सम्बन्धी कोई पैदा हो या मर जाये, निर्लिप्त रहें गोपीजन का श्रीकृष्ण प्रेम आदर्श हमारा यही रहे कन्या ससुराल में जाती है, मैके से दूर तभी होये जो प्रभु से लौ लग जाये […]

Jo Vishva Vandya Karuna Sagar

स्तुति जो विश्वबंद्य करुणासागर मैं शरण उन्हीं की जाता हूँ शरणागत पालक विश्वरूप, मैं प्रभु का वंदन करता हूँ जिनके प्रविष्ट कर जाने परे, जड़ भी चेतन हो जाते हैं जो कारण कार्य पर सबके, मेरे अवलम्बन वे ही है ऋषि मुनि देवता भी जिनका कैसा स्वरूप न जान सके फिर तो साधारण जीव भला, […]

Tan Rakta Mans Ka Dhancha Hai

चेतावनी तन रक्त माँस का ढाँचा है, जो ढका हुआ है चमड़े से श्रृंगार करे क्या काया का, जो भरी हुई है दुर्गन्धों से खाये पीये कितना बढ़िया, मल-मूत्र वहीं जो बन जाता ऐसे शरीर की रक्षा में, दिन रात परिश्रम है करता मन में जो रही वासनाएँ, वे अन्त समय तक साथ रहें मृत्योपरांत […]

Tumi Bandhu Tumi Nath

शरणागति तुमि बंधु, तुमि नाथ, निशिदिन तुमि आमार तुमि सुख, तुमि शान्ति, तुमि हे अमृत पाथार तुमिइ तो आनन्दलोक, जुड़ाओ प्राण नाशो शोक ताप हरण तोमार चरण, असीम शरण दीन जनार 

Tulsi Mira Sur Kabir

भक्त कवि तुलसी मीरा सूर कबीर, एक तूणीर में चारों तीर इन तीरों की चोट लगे तब रक्त नहीं, बहे प्रेम की नीर एक तूणीर में चारो तीर, तुलसी मीरा सूर कबीर तुलसीदास हैं राम पुजारी, मीरा के प्रभु गिरधारी सूरदास सूरज सम चमके, सहज दयालु संत कबीर एक तूणीर में चारो तीर, तुलसी मीरा […]

Tulsi Mira Sur Kabir

भक्त कवि तुलसी मीरा सूर कबीर कण्ठहार जन जन के चारों, हर लेते तन मन की पीर रामचरित के तुलसी गायक, कृष्ण भक्ति में सूर अधीर मीराबाई कृष्ण विरहिणी, कबीर देते ज्ञान गँभीर भक्ति, ज्ञान अरु कर्म समन्वय तुलसी की रामायण में बालकृष्ण की लीलाओं का भाव सूर के गीतों में गिरिधारी के दर्शन पाने […]

Tu Apne Ko Pahchan Re

जीवात्मा तूँ अपने को पहचान रे ईश्वर अंश जीव अविनाशी, तूँ चेतन को जान रे घट घट में चेतन का वासा, उसका तुझे न भान रे परम् ब्रह्म का यह स्वरूप है, जो यथार्थ में ज्ञान रे रक्त मांस से बनी देह यह, जल जाती श्मशान रे वे विश्व वद्य वे जग-निवास, कर मन में […]