Prabhu Ji Main Jagat Dekh Bharmaya

भ्रम की दुनिया प्रभुजी, मैं जगत् देख भरमाया किया अनुग्रह आप ही ने तो तब तो मनुज योनी में आया भूल गया उपकार किन्तु मैं, किया सदा मन भाया घट-घट वासी आप ही स्वामी, तथ्य समझ में आया तेरी मेरी करके फिर भी, यूँ ही समय बिताया वैभव देख दूसरों का मन मेरा भी ललचाया […]

Prabhu Ji Main To Tharo Hi Tharo

समर्पण (राजस्थानी) प्रभुजी मैं तो थारो ही थारो भलो बुरो जैसो भी हूँ मैं, पर हूँ तो बस थारो बिगड्यो भी तो थारो बिगड्यो, थे ही म्हने सुधारो म्हारी बात जाय तो जाये, नाम बिगड़ सी थारो चाहे कहे म्हने तो बिगडी, विरद न रहसी थारो जँचे जिस तरे करो नाथ, थे मारो चाहे तारो […]

Prabhu Rakho Laj Hamari

शरणागति प्रभु! राखो लाज हमारी अमृत बना पिया विष मीरा, चरण-कमल बलिहारी जिन भक्तों ने लिया सहारा, उनकी की रखवारी खोया समय भोग में मैंने, तुमको दिया बिसारी पापी कौन बड़ा मेरे से, तुम हो कलिमल हारी प्रीति-पात्र मैं बनूँ तुम्हारा, संबल दो बनवारी अविनय क्षमा करो नँदनंदन, आया शरण तुम्हारी जो चाहे सो रूप […]

Prabhu Shakti Pradan Karo Aisi

शरणागति प्रभु शक्ति प्रदान करो ऐसी, मन का विकार सब मिट जाये चाहे निंदा हो या तिरस्कार, मुझको कुछ नहीं सता पाये भोजन की चिन्ता नहीं मुझे, जब पक्षी जी भर खाते ही मुझको मानव का जन्म दिया, तो खाने को भी देंगे ही बतलाते हैं कुछ लोग मुझे, अन्यत्र कहीं सुख का मेला देखा […]

Prabhu Ji Tumko Arpit Yah Jiwan

मेरी भावना प्रभुजी! तुमको अर्पित यह जीवन जीवन बीते सत्कर्मों में, श्रद्धा हो प्रभु की पूजा में करो हृदय में ध्यान सदा, लगूँ नहीं कभी दुष्कर्मों में इच्छा न जगे कोई मन में, प्रभु प्रेम-भाव से तृप्त रहूँ सुख दुख आये जो जीवन में, प्रभु का प्रसाद में जान गहूँ जो मात-पिता वे जीवन-धन, उनकी […]

Prabhu Se Jo Sachcha Prem Kare

हरि-भक्ति प्रभु से जो सच्चा प्रेम करे, भव-सागर को तर जाते हैं हरिकथा कीर्तन भक्ति करे, अर्पण कर दे सर्वस्व उन्हें हम एक-निष्ठ उनके प्रति हों, प्रभु परम मित्र हो जाते हैं लाक्षागृह हो या चीर-हरण, या युद्ध महाभारत का हो पाण्डव ने उनसे प्रेम किया, वे उनका काम बनाते है हो सख्य-भाव उनसे अपना, […]

Prabhu Lijyo Mera Pranam

प्रणाम प्रभु लिज्यो मेरा प्रणाम प्रभु लिज्यो मेरा प्रणाम मैं आन पड़ी तेरे पांव प्रभुजी, आन पड़ी हे श्याम सब घर बार प्रभु मैं दीना, तुम्हरे चरण का ध्यान है कीना बिन दरशन कैसे हो जीना, प्रभु जपूँ तिहारो नाम सफल जनम हो जाये मेरा, जो दरशन मैं पाऊँ तेरा औरन से क्या काम प्रभुजी, […]

Prabhu Se Priti Badhaye

हरि से प्रीति प्रभु से प्रीति बढ़ायें मुरलीधर की छटा मनोहर, मन-मंदिर बस जाये माया मोह कामनाओं का, दृढ़ बंधन कट जाये सब सम्बन्धी सुख के संगी, कोई साथ न आये संकट ग्रस्त गजेन्द्र द्रौपदी, हरि अविलम्ब बचाये भजन कीर्तन नंद-नन्दन का, विपदा दूर भगाये अन्त समय जो भाव रहे, चित वैसी ही गति पाये […]

Prabho Vah Kab Din Aayega

प्रतीक्षा प्रभो, वह कब दिन आयेगा होगा जब रोमांच, हृदय गद्गद् हो जायेगा कृष्ण कृष्ण उच्चारण होगा, प्रेमाश्रु नयनों में विस्मृत होगी सारी दुनिया, मग्न पाद-पद्मों में रूप-माधुरी पान करूँगा, बिठलाऊँ हृदय में मिट जायेगा तमस् अन्ततः, लीन होउ भक्ति में  

Prasannata Prabhu Se Prapta Prasad

प्रसन्नता प्रसन्नता, प्रभु से प्राप्त प्रसाद जीवन तो संघर्ष भरा, मिटादे दुःख और अवसाद अगर खिन्नता आड़े न आये, जीवन भी सुखमय हो जब प्रसन्न सन्तुष्ट रहें तो, आनन्दमय सब कुछ हो संग करें उन लोगों का, जो खिले पुष्प से रहते कथा प्रभु की सुने कहें हम, पूर्ण शांति पा लेते मनोरोग है चिन्ता […]