Satsang Kare Jo Jivan Main
शिव स्तवन सत्संग करे जो जीवन में, हो जाये बेड़ा पार काशी जाये मधुरा जाये, चाहे न्हाय हरिद्वार चार धाम यात्रा कर आये, मन में रहा विकार बिन सत्संग ज्ञान नहीं उपजे, हो चाहे यत्न हजार ‘ब्रह्मानंद’ मिले जो सदगुरु, हो अवश्य उद्धार
Ajahu Na Nikase Pran Kathor
आतुरता अजहुँ न निकसे प्राण कठोर दरसन बिना बहुत दिन बीते, सुन्दर प्रीतम मोर चार प्रहर, चारों युग बीते, भई निराशा घोर अवधि गई अजहूँ नहिं आये, कतहुँ रहे चितचोर कबहुँ नैन, मन -भर नहिं देखे, चितवन तुमरी ओर ‘दादू’ ऐसे आतुर विरहिणि, जैसे चाँद चकोर
Antar Mam Vikasit Karo
निवेदन (बंगला) अन्तर मम विकसित करो अन्तरतर हे निर्मल करो, उज्ज्वल करो, सुन्दर करो हे! जाग्रत करो, उद्यत करो, निर्भय करो हे! मंगल करो, निरलस, निःसंशय करो हे! युक्त करो हे सवार संगे, मुक्त करो हे बंध! संचार करो सकल कर्मे, शान्त तोमार छंद! चरण-पद्मे मम चित्त, निष्पंदित करो! मम चित्त, निष्पंदित करो! नंदित करो, […]
Antaryami Ko Pahchano
अन्तरवृत्ति अन्तर्यामी को पहचानो मन में होय उजेरा क्रोध लोभ मद अहंकार ने, मानव जीवन घेरा हुए मोह से ग्रस्त सभी जन, छाया घना अँधेरा यौवन बीता, समय जा रहा, किन्तु विवेक न जागा जिसने संग किया संतों का, तमस हृदय का भागा
Ab Main Koun Upay Karu
असमंजस अब मैं कौन उपाय करूँ जेहि बिधि मनको संसय छूटै, भव-निधि पार करूँ जनम पाय कछु भलो न कीन्हों, ताते अधिक डरूँ गुरुमत सुन के ज्ञान न उपजौ, पसुवत उदर भरूँ कह ‘नानक’ प्रभु बिरद पिछानौ, तब मैं पतित तरूँ
Ab Sonp Diya Is Jiwan Ka
समर्पण अब सौंप दिया इस जीवन को, सब भार तुम्हारे हाथों में है जीत तुम्हारे हाथो में और हार तुम्हारे हाथों में मेरा निश्चय बस एक यही, एक बार तुम्हें पा जाऊँ मैं अर्पण कर दूँ दुनिया भर का, सब प्यार तुम्हारे हाथों में जो जग में रहूँ तो ऐसे रहूँ, ज्यों जल में कमल […]
Abhiman Vyakti Ka Patan Kare
अभिमान अभिमान व्यक्ति का पतन करे धन, बुद्धि, विद्या, पद का हो, अभिमान व्यक्ति का ज्ञान हरे अपमान करे कोई का जो, वह बीज द्वेष का बोता है परमात्म तत्त्व ही आत्मा तो, आत्मा का अनादर होता है हम क्षमा मैत्री का भाव रखें, हम अहंकार से दूर रहें सन्मति से शत्रु मित्र बने, हो […]
Are Man Jap Le Prabhu Ka Nam
नाम स्मरण अरे मन जप ले प्रभु का नाम पाँच तत्व का बना पींजरा, मढ़ा उसी पर चाम आज नहीं कल छूट जायगा, भज ले करुणाधाम द्रुपद-सुता ने उन्हें पुकारा, वसन रूप भये श्याम श्रद्धा-भाव रहे मन में नित, जपो प्रभु का नाम अजामील ने पुत्र-भाव से, नारायण का लिया नाम सुलभ हो गई सद्गति […]
Aatma Ka Bhojan Prarthana
प्रार्थना आत्मा का भोजन प्रार्थना, भूले नहीं, प्रतिदिन करें अन्तःकरण से प्रार्थना, सब शोक चिन्ता को हरें जीवन में सच्ची शांति सुख, प्रभु प्रार्थना से प्राप्त हो दत्त चित्त हो प्रार्थना करें, प्रतीति निश्चित सुलभ हो मीराँ के मन में प्रेम था, तो विष भी अमृत हो गया निष्काम होए प्रार्थना, समझो प्रभु ने सुन […]
Aado Devaki Garbha Jananam
श्रीमद्भागवत् आदौ देवकि देव गर्भ-जननम्, गोपी गृहे वर्धनम् माया मोहित जीव-ताप हरणं, गोवर्द्धनो धारणम् कंसच्छेदन कौरवादि हननं, कुन्ती-सुता पालनम् एतद् श्रीमद्भागवत् पुराण कथितं, श्रीकृष्णलीलामृतम्