Murali Adhar Saji Balbir

मोहिनी मुरली मुरली अधर सजी बलबीर नाद सुनि वनिता विमोहीं, बिसरे उर के चीर धेनु मृग तृन तजि रहे, बछरा न पीबत छीर नैन मूँदें खग रहे ज्यौं, करत तप मुनि धीर डुलत नहिं द्रुम पत्र बेली, थकित मंद समीर ‘सूर’ मुरली शब्द सुनि थकि, रहत जमुना नीर

Meri Shudhi Lijo He Brajraj

शरणागति मेरी सुधि लीजौ हे ब्रजराज और नहीं जग में कोउ मेरौ, तुमहिं सुधारो काज गनिका, गीध, अजामिल तारे, सबरी और गजराज ‘सूर’ पतित पावन करि कीजै, बाहँ गहे की लाज

Mere Nayan Nirakhi Sachu Pawe

रूप माधुरी मेरे नयन निरखि सचु पावै बलि बलि जाऊँ मुखारविंद पै, बन ते पुनि ब्रज आवै गुंजाफल वनमाल मुकुटमनि, बेनु रसाल बजावे कोटि किरन मुख तें जो प्रकाशित, शशि की प्रभा लजावै नटवर रूप अनूप छबीलो, सबही के मन भावै ‘सूरदास’ प्रभु पवन मंदगति, विरहिन ताप नसावै

Mero Man Anat Kahan Sukh Pawe

अद्वितीय प्रेम मेरो मन अनत कहाँ सुख पावै जैसे उड़ि जहाज को पंछी, फिरि जहाज पर आवै कमल नैन को छाड़ि महातम और दैव को ध्यावै परम गंग को छाड़ि पियासों, दुर्मति कूप खनावै जिहिं मधुकर अंबुज रस चाख्यौ, क्यों करील-फल खावै ‘सूरदास’ प्रभु कामधेनु तजि, छेरी कौन दुहावै

Mero Mai Hathi Ye Bal Govinda

हठी बाल कृष्ण मेरौ माई हठी ये बाल-गोबिंदा अपने कर गहि गगन बतावत, खेलन माँगे चंदा बासन मैं जल धर्यो जसोदा, हरि कौं आनि दिखावे रूदन करत ढूँढत नहिं पावत, चंद धरनि क्यों आवे मधु मेवा पकवान मिठाई, माँगि लेहु मेरे छौना चकई डोरी पाट के लटकन, लेहु मेरे लाल खिलौना संत उबारन असुर सँहारन, […]

Main Apani Sab Gai Chare Ho

गौ चारण लीला मैं अपनी सब गाइ चरैहौं प्रात होत बल के संग जैहौं, तेरे कहे न रैहौं ग्वाल-बाल गाइनि के भीतर, नेकहु डर नहिं लागत आजु न सोवौं, नंद-दुहाई, रैनि रहौंगो जागत और ग्वाल सब गाइ चरैहैं, मैं घर बैठौ रैहौं ‘सूर’ श्याम, तुम सोइ रहो अब, प्रात जान मैं दैहौं

Main Ik Nai Bat Sun Aai

श्री कृष्ण प्राकट्य मैं इक नई बात सुन आई महरि जसोदा ढोटा जायौ, घर घर होति बधाई द्वारैं भीर गोप-गोपिन की, महिमा बरनि न जाई अति आनन्द होत गोकुल में, रतन भूमि सब छाई नाचत वृद्ध, तरुन अरु बालक, गोरस कीच मचाई ‘सूरदास’ स्वामी सुख-सागर, सुन्दर स्याम कन्हाई

Main Jogi Jas Gaya Bala

शिव द्वारा कृष्ण दर्शन मैं जोगी जस गाया बाला, मैं जोगी जस गाया तेरे सुत के दरसन कारन, मैं काशी तज आया पारब्रह्म पूरन पुरुषोत्तम, सकल लोक जाकी माया अलख निरंजन देखन कारन, सकल लोक फिर आया जो भावे सो पावो बाबा, करो आपुनी दाया देउ असीस मेरे बालक को, अविचल बाढ़े काया ना लेहौं […]

Main To Ta Din Kajara Dehon

श्री कृष्ण से प्रीति मैं तो ता दिन कजरा दैहौं जा दिन नंदनँदन के नैननि, अपने नैन मिलैहौं सुन री सखी, यही जिय मेरे, भूलि न और चितैहौं अब हठ ‘सूर’ यहै व्रत मेरौ विष खाकरि मरि जैहौ

Maiya Kabahi Badhegi Choti

बालकृष्ण माधुर्य मैया, कबहिं बढ़ैगी चोटी किती बार मोहि दूध पियत भई, यह अजहूँ है छोटी तू जो कहति बल की बेनी ज्यौं, ह्वै है लाँबी मोटी काढ़त गुहत नहावत पोंछत, नागिन सी भ्वै लोटी काचो दूध पिवावति पचि पचि, देति न माखन रोटी ‘सूरदास’ चिरजीवौ दोउ भैया, हरि-हलधर की जोटी