Ek Hi Swaroop Radhika Krishna

युगल सरकार एक ही स्वरूप राधिका कृष्ण, लीला रस हेतु ही पृथक रूप एक प्राण हैं श्री राधा मोहन, अरु प्रीति परस्पर भी अनूप राधा रानी है पूर्ण शक्ति, गोवर्धन-धारी शक्तिमान श्रीकृष्ण पुकारे राधा को, मुरली में गूँजे वही तान आह्लाद रूपिणी श्री राधा, श्री विग्रह उनका चपला सा मुख की सुंदरता अद्वितीय और हाव-भाव […]

Bhaj Man Shri Radhe Gopal

श्रीराधाकृष्ण स्तुति भज मन श्री राधे गोपाल स्निग्ध कपोल, अधर-बिंबाफल लोचन परम विशाल शुक-नासा, भौं दूज-चन्द्र-सम, अति सुंदर है भाल मुकुट चंद्रिका शीश लसत है, घूँघर वाले बाल रत्न जटित, कुंडल, कर-कंगन, गल मोतियन की माल पग नूपुर-मणि-खचित बजत जब, चलत हंस गति चाल गौर श्याम तनु वसन अमोलक, चंचल नयन विशाल मृदु मुसकान मनोहर […]

Bhajo Re Man Shri Radha Govind

नाम स्मरण भजो रे मन श्री राधा गोविंद जन-मन को निज-धन-मनमोहन, पूरन परमानंद जीवन के जीवन वे तेरे, तू चकोर वे चन्द कैसे तिनहिं बिसारि भयो तूँ, मोह मुग्ध मतिमन्द चेत-चेत रे अब तो मूरख, छोड़ सबहिं छल-छन्द सब तज भज मोहन को प्यारे, यहीं पंथ निर्द्वंद 

Man Main Yah Rup Niwas Kare

युगल स्वरूप मन में यह रूप निवास करे दो गात धरे वह एक तत्व, अनुपम शोभा जो चित्त हरे वृषभानु-सुता देवकी-नन्दन के अंगों का बेजोड़ लास्य मधुरातिमधुर जिनका स्वरूप, अधरों पर उनके मंद हास्य गल स्वर्णहार, बैजंति-माल, आल्हादिनि राधा मनमोहन वृन्दावन में विचरण करते, वे वरदाता अतिशय सोहन निमग्न रास क्रीड़ा में जो, रति कामदेव […]

Muskan Madhur Mohini Chitwan

श्री राधा कृष्ण स्तवन मुस्कान मधुर, मोहिनी चितवन, राधा गोविंद का हो चिन्तन वृषभानु-कुमारी, नँद-नन्दन, मैं चरण वन्दना करता हूँ मुख नयन कमल से खिले हुए, सिर स्वर्ण चन्द्रिका मोर मुकुट केशर-कस्तूरी तिलक भाल, मैं ध्यान उन्हीं का करता हूँ श्री अंगों की शोभा अनूप, नीलाम्बर पीताम्बर पहने फूलों के गजरे रत्न हार, वह रूप […]

Shyam Dekh Darpan Main Bole

राधिका श्याम सौन्दर्य श्याम देख दर्पण में बोले ‘सुनो राधिका प्यारी आज बताओ मैं सुन्दर या तुम हो सुभगा न्यारी’ असमंजस में पड़ी राधिका, कौन अधिक रुचिकारी ‘हम का कहें कि मैं गोरी पर, तुम तो श्याम बिहारी’ जीत गई वृषभानु-दुलारी, मुग्ध हुए बनवारी भक्तों के सर्वस्व राधिका-श्याम युगल मनहारी  

Aarti Yugal Swaroop Ki

युगल किशोर आरती आरति युगल स्वरूप की कीजै, चरण-सरोज बसा मन लीजै नन्द तनय जसुमति महतारी, मदन गोपाल, गोवर्धन धारी चन्द्रमुखी वृषभानु-किशोरी, सुघड़ सलोनी सूरत न्यारी कमल नयन श्रीकृष्ण कन्हैया, निरख रूप रीझति है मैया गोरांगी राधा चित चोरी, दिव्य रूप पर जाय बलैया मोर-मुकुट कर मुरली सोहे, नटवर वेष देख मन मोहे दामिनि सी […]

Ujjwal Aarti Mangal Kari

युगल किशोर आरती उज्ज्वल आरती मंगलकारी, युगल स्वरूप छटा मनहारी मेघवर्ण श्री कृष्ण मुरारी, विजयन्ती माला धुर धारी तिलक चारु अलकें घुँघरारी, पीताम्बर की शोभा-भारी कनक-लता श्री राधा प्यारी, सुघड़ शरीर सुरंगी सारी मुक्ता-माल करधनी न्यारी, स्वर्ण-चंद्रिका भी रुचिकारी राधा मोहन कुंज बिहारी, वृन्दावन यमुना-तट चारी तन-मन या छबि ऊपर वारी, भवनिधि पार करो गिरिधारी […]

Mangal Aarti Divya Yugal Ki

युगल किशोर आरती मंगल आरति दिव्य युगल की, मंगल प्रीति रीति है उनकी मंगल कान्ति हँसनि दसनन की, मंगल मुरली मीठी धुन की मंगल बनिक त्रिभंगी हरि की, मंगल चितवनि मृगनयनी की मंगल सिर चंद्रिका मुकुट की, मंगल छबि नैननि में अटकी मंगल शोभा पियरे पटकी, मंगल आभा नील-वसन की मंगल आभा कमलनयन की, मंगल […]

Ek Aur Vah Kshir Nir Main Sukh Se Sowen

श्री राधाकृष्ण एक ओर वह क्षीर नीर में, सुख से सोवैं करि के शैया शेष लक्ष्मीजी, जिन पद जोवैं वे ही राधेश्याम युगल, विहरत कुंजनि में लोकपाल बनि तऊ चरावत, धेनु वननि में निज ऐश्वर्य भुलाय कें, करैं अटपटे काम है तेज पुंज उन कृष्ण को, बारम्बार प्रणाम है