Aaju Jugal Var Raas Rachayo

रास लीला आजु जुगल वर रास रचायो, कालिन्दी के कूल री सजनी ब्रह्मा, शिव की मति बौराई, मनसिज के मन सूल री सजनी बिच बिच गोपी श्याम सुशोभित, जनु मुक्ता-मणि माल री सजनी बाजहिं बहु-विधि वाद्य अनूपम, राग रंग ध्वनि मीठी री सजनी भाव भंगि करि नाचहिं गावहिं, उर उमँग्यौ अनुराग री सजनी कटि किंकिनि […]

Khelat Fag Pran Dhan Mohan

होली का रंग खेलन फाग प्रानधन मोहन, मेरे द्वारे आयो रे नटवर रूप देखि प्रीतम को, मेरो मन उमगायो रे संग सखा सब छैल-छबीले, लाल गुलाल उड़ायो रे सोहत हाथ कनक-पिचकारी, केसर रंग रँगायो रे ओसर पाइ लई मैं मुरली, काजर नयन लगायो रे सिर चुंदरी ओढ़ाय लाल को, लाली भेष बनायो रे घेरि सखिन […]

Priti Pagi Shri Ladili Pritam Shyam Sujan

युगल से प्रीति प्रीति पगी श्री लाड़िली, प्रीतम स्याम सुजान देखन में दो रूप है, दोऊ एक ही प्रान ललित लड़ैती लाड़िली, लालन नेह निधान दोउ दोऊ के रंग रँगे, करहिं प्रीति प्रतिदान रे मन भटके व्यर्थ ही, जुगल चरण कर राग जिनहिं परसि ब्रजभूमि को, कन कन भयो प्रयाग मिले जुगल की कृपा से, […]

Man Mohak Sab Saj Sajyo Ri

पुष्प सज्जा मन मोहक सब साज सज्यो री फूलमयी यह जुगल जोति लखि, सखियन को मन फूल रह्यो री फूलन के ही मुकुट चन्द्रिका, फूलन ही को पाग फल्यौ री फूलन के ही गजरा कुण्डल, फूलन को ही हार सज्यौ री फूलन के ही कंकण कचुँकि, फूलन को भुजबन्ध बन्धौ री फूलन के ही नूपुर […]

Hindole Jhulahi Naval Kishor

झूलना हिंडोले झूलहिं नवल-किसोर कहा कहों यह सुषमा सजनी! वारिय काम करोर वरन-वरन के वसन सखिन के, पवन चलत झकझोर सावन के मनभावन बादर, गड़गड़ाहिं घनघोर गावहिं सावन गीत मनोहर, भये जुगल रस भोर या रस के वश भये चराचर, जाको ओर न छोर

Jugal Chavi Harati Hiye Ki Pir

युगल छवि जुगल छवि हरति हिये की पीर कीर्ति-कुँअरि ब्रजराम-कुँअर बर ठाढ़े जमुना-तीर कल्पवृच्छ की छाँह सुशीतल, मंद-सुगंध समीर मुरली अधर, कमल कर कोमल, पीत-नील-द्युति चीर मुक्ता-मनिमाला, पन्ना गल, सुमन मनोहर हार भूषन विविध रत्न राजत तन, बेंदी-तिलक उदार श्रवननि सुचि कुण्डल झुर झूमक, झलकत ज्योति अपार मुसुकनि मधुर अमिय दृग-चितवनि, बरसत सुधा सिंगार

Vando Shri Radha Charan

युगल स्वरूप झाँकी वन्दौं श्री राधाचरन, पावन परम उदार भय विषाद अज्ञानहर, प्रेम भक्ति दातार रास-बिहारिनि राधिका, रासेश्वर नँद-लाल ठाढ़े सुंदरतम परम, मंडल रास रसाल मधुर अधर मुरली धरे, ठाढ़े स्याम त्रिभंग राधा उर उमग्यौ सु-रस रोमांचित अँग-अंग विश्वविमोहिनी श्याम की, मनमोहिनि रसधाम श्याम चित्त उन्मादिनी, राधा नित्य ललाम परम प्रेम-आनंदमय, दिव्य जुगल रस-रूप कालिंदी-तट […]

Advitiy Madhuri Jodi

युगल माधुर्य अद्वितीय माधुरी जोड़ी, हमारे श्याम श्यामा की रसीली रसभरी अखियाँ, हमारे श्याम श्यामा की चितवनि कटीली बाँकी सुघड़ सूरत मधुर बतियाँ लटकनें कान में सुन्दर, हमारे श्याम श्यामा की मुकुट और चन्द्रिका माथे, अधर पर पान की लाली अहो! कैसी भली छबि है, हमारे श्याम श्यामा की प्रेम में वे पगे विहरें, श्री […]