Bhagwan Aapke Ram Rup
श्री राम स्तुति भगवान् आपके राम रूप को, करता हूँ सादर प्रणाम प्रभु शुद्ध, शान्त, संतों के प्राण, सीतापति मर्यादा नीति धाम अखिलेश्वर हो, आनँदकंद, प्रभु अद्धितीय हितकारी हो हे लक्ष्मी पति, देवादि देव, सच्चिदानंद भयहारी हो गुणग्राम, अपका जपूँ नाम, सृष्टि के कर्ता धर्ता हो हे अविनाशी, हे विश्वात्मा, पालनहारी, संहर्ता हो हे रावणारि […]
Raghav Sarayu Tat Par Viharen
सरयू तट राघव सरयू तट पर विहरें भरत लक्ष्मण और शत्रुघन, सब आनन्द भरें पुष्पों की सुन्दर मालाएँ, सबही कण्ठ धरें मन्द मन्द मुसकान अधर पे, शोभा चित्त हरे कल कल ध्वनि सरयू के जल की, सबके मन हरषे देव-देवियाँ सभी गगन से, सुमन बहुत बरषे
Ram Ka Gungan Kariye
श्री राम महिमा राम का गुणगान करिए राम के गुण का हो चिंतन, राम-गुण का स्मरण कीर्तन, मनुजता को हृदय में धर, आप जीवन सफल करिए, मनन करिए, ध्यान धरिए, राम का…. सगुण ब्रह्म स्वरूप सुंदर, सृजन, पालन चरित सुखकर, परम-आत्मा, जगत्-आत्मा, राम को प्रणाम करिये, मनन करिए ध्यान धरिए, राम का….
Ram Nam Ke Do Akshar
राम नाम महिमा राम नाम के दो अक्षर, पापों का, सुनिश्चित शमन करें विश्वास और श्रद्धापूर्वक, जपले भवनिधि से पार करें हो कामकाज चलते बैठे, बस राम नाम उच्चारण हो भोगे न यातना यम की वह और परम शान्तिमय जीवन हो दो अक्षर हैं ये मन्त्रराज, जो जपे कार्य सब सफल करे देवता लोग, सब […]
Ram Sumir Ram Sumir
माया राम सुमिर, राम सुमिर, यही तेरो काज रे माया को संग त्याग, प्रभुजी की शरण लाग मिथ्या संसार सुख, झूठो सब साज रे सपने में धन कमाय, ता पर तूँ करत मान बालू की भीत जैसे, दुनिया को साज रे ‘नानक’ जन कहत बात, बिनसत है तेरो गात छिन-छिन पर गयो काल, तैसे जात […]
Re Man Ram So Kar Preet
श्री राम भजो रे मन राम सों कर प्रीत श्रवण गोविंद गुण सुनो, अरु गा तू रसना गीत साधु-संगत, हरि स्मरण से होय पतित पुनीत काल-सर्प सिर पे मँडराये, मुख पसारे भीत आजकल में तोहि ग्रसिहै, समझ राखौ चीत कहे ‘नानक’ राम भजले, जात अवसर बीत
Shat Shat Pranam Prabhu Raghav Ko
राघव को प्रणाम शत शत प्रणाम प्रभु राघव को कोई ऊँच नीच का भेद नहीं, सब लोग ही प्रेम करे उनको जो राजपाट को त्याग रहे, चौदह वर्षों तक वन में ही शबरी के जूठे बेर खाय, अरु गले लगाये केवट को वियोग हुआ वैदेही से, कई कष्ट सहे भी तुमने ही जब राक्षस रावण […]
Shri Ram Ko Maa Kaikai Ne
राम वनगमन श्रीराम को माँ कैकयी ने दिया जभी वनवास उनके मुख पर कहीं निराशा का, न तभी आभास मात कौसल्या और सुमित्रा विलपे, पिता अचेत उर्मिला की भी विषम दशा थी, त्यागे लखन निकेत जटा बनाई वल्कल पहने, निकल पड़े रघुनाथ जनक-नन्दिनी, लक्ष्मण भाई, गये उन्हीं के साथ आज अयोध्या के नर नारी, विह्वल […]
Shri Ram Jape Ham Kaise Hi
राम नाम महिमा श्री राम जपें हम कैसे ही उलटा नाम जपा वाल्मीकि ने, ब्रह्मर्षि हो गये वही लिया अजामिल ने धोखे से नाम तर गया भवसागर द्रुपद-सुता जब घिरी विपद् से, लाज बचाई नटनागर गज, गणिका का काम बन गया, प्रभु-कृपा से ही तो प्रतीति प्रीति हो दो अक्षर में, श्रीराम मिले उसको तो […]
Jay Shri Ram Hare
रामचन्द्र आरती श्री राम हरे ॐ जय रघुवीर हरे आरती करूँ तुम्हारी, संकट सकल टरे कौशल्या-सुखवर्धन, नृप दशरथ के प्रान श्री वैदेही-वल्लभ, भक्तों की प्रभु आन —-ॐ जय … सत्-चित्-आनन्द रूपा, मनुज रूप धारी शिव, ब्रह्मा, सुर वन्दित, महिमा अति भारी —-ॐ जय … श्रीविग्रह की आभा, नव नीरद सम श्याम —- सुभग सरोरुह लोचन, […]