Jay Jayati Jay Raghuvansh Bhushan

श्रीराम स्तुति जय जयति जय रघुवंश भूषण, राम राजिव लोचनम् त्रय ताप खण्डन जगत् मण्डन ध्यान गम्य अगोचरम् अद्वैत अविनाशी अनिन्दित, मोद प्रद अरि गंजनम् भव वारिधि के आप तारक, अन्य जगत् विडम्बनम् हे दीन दारिद के विदारक! दयासिन्धु कृपा करम् हे आश्रितों के आप पालक! दु:ख शोक विनाशकम् 

Jay Jay Durge Jay Maheshwari

दुर्गा स्तवन जय जय दुर्गे जय माहेश्वरी, आर्त जनों की तुम रखवारी शैल नन्दिनी सुर-मुनि सेवित, पाप-पुँज की नाशन हारी पूर्णचन्द्र सम प्रभा वदन की, विश्व विमोहिनी दीप्ति तुम्हारी शूल धारिणी सिंह वाहिनी, महिषासुर को मर्दनवारी शुम्भ-निशुम्भ मुण्ड गल माला, अंधक दैत्य विशोषण हारी शोभा, क्षमा, शान्ति, श्रद्धा, धृति, विजय रूपिणी, पालनहारी जय जय सुखदा […]

Jay Jay Brajraj Kunwar

श्रीकृष्ण चरित्र जय जय ब्रजराज कुँवर, शोभित सुखकारी मोर-मुकुट मस्तक पर, पीताम्बर धारी मुरलीधर श्याम वर्ण, जमुना तट चारी संग ग्वाल गोपीजन, ब्रजजन बलिहारी मुनि-मन-हर मंद हँसन, गुंज माल धारी नृत्यत नटवर सुवेश, सोहत बनवारी हरत मदन-मद अशेष, राधा मनहारी 

Jay Jayati Maruti Vir

श्री हनुमान स्तवनजय जयति मारुति वीर जय शंकर सुवन हनुमान जय असीम बल के धाम हो, कलि कुमति का हरते हो भय उद्धार दीनों का किया, निर्बल जनों को बल दिया तेरी शरण में जो गया, भव-ताप से वह बच गया तुम शक्ति के आधार हो, बल ज्ञान के आकार हो तुम राम के वर […]

Jay Durge Giriraj Nandini

देवी स्तवन जय दुर्गे गिरिराज नन्दिनी जय अम्बे उज्ज्वल द्युति दामिनि जय भगवती महादेव भामिनी, जय स्कन्द गजानन पालिनि कान्तिमयी दुर्गा महारानी, महामर्दिनी वांछित फल दायिनी हरि, हर ब्रह्मा वेद बखानी, ध्यान धरत सुर-नर-मुनि ज्ञानी विकसित कमल नयन कात्यायिनि, शंख, पद्म कर धरे भवानी सत्चित-सुखमय व्याधि विमोचनि, गदा, चक्र, बाणाकुंश शोभिनि आदि शक्ति चण्डमुण्ड विनाशिनि […]

Jay Bajarangi Kesari Nandan

श्री हनुमान स्तुति जय बजरंगी केसरीनंदन, जय जय पवन कुमार जय गिरि धारक, लंका जारक, हारक व्याधि विकार जय जग वन्दन असुर निकंदन, जय दुरन्त हनुमान जय सुख दाता, संकट त्राता, जय कलि के भगवान जय बल सागर, अतिशय नागर, जय करुणा के धाम जय दुख भंजन, जन मन रंजन, रामदूत निष्काम जय हो जय […]

Jay Bhuwaneshwari Jay Narayani

देवी स्तवन जय भुवनेश्वरि जय नारायणि संतति की रक्षा करती हो अज्ञान, अहं को हरती हो, सुख वैभव हमको देती हो जैसे प्रभात की सूर्य किरण, वैसी श्री अंगों की शोभा मुसकान अधर पर छाई है, रत्नाभूषण की अमित प्रभा आये जो शरण दीन पीड़ित उसकी रक्षा माँ ही करती हे सनातनी हे कात्यायिनि, सेवक […]

Jab Haar Kisi Ke Hath Nahi

समदृष्टि जय हार किसी के हाथ नहीं जब विजय प्राप्त हो अपने को, ले श्रेय स्वयं यह ठीक नहीं हम तो केवल कठपुतली हैं, सब कुछ ही तो प्रभु के वश में है जीत उन्हीं के हाथों में और हार भी उनके हाथों में जब मिलें पराजय अपयश हो, पुरुषार्थ हमारा जाय कहाँ हो हार […]

Jasoda Kaha Kahon Hon Baat

लाला की करतूत जसोदा! कहा कहों हौं बात तुम्हरे सुत के करतब मोसे, कहत कहे नहिं जात भाजन फोरि, ढोलि सब गोरस, ले माखन-दधि खात जो बरजौं तो आँखि दिखावै, रंचु-नाहिं सकुचात और अटपटी कहलौं बरनौ, छुवत पान सौं गात दास ‘चतुर्भुज’ गिरिधर-गुन हौं, कहति कहति सकुचात 

Jasoda Tero Bhagya Kahyo Na Jay

यशोदा का भाग्य जसोदा तेरो भाग्य कह्यो ना जाय जो मूरति ब्रह्मादिक दुर्लभ, सो ही प्रगटी आय शिव, नारद, सनकादिक, महामुनि मिलवे करत उपाय जे नंदलाल धूरि धूसर वपु, रहत कंठ लपटाय रतन जटित पौढ़ाय पालने, वदन देखि मुसकाय बलिहारी मैं जाऊँ लाल पे, ‘परमानंद’ जस गाय