Jiwan Ke Din Bas Char Bache
भक्ति भाव जीवन के दिन बस चार बचे, क्यों व्यर्थ गँवाये जाता है क्यों भक्ति योग का आश्रय ले, कल्याण प्राप्त नहीं करता है अज्ञान तिमिर को दूर करे, भगवान कपिल उपदिष्ट यही माँ देवहूति को प्राप्त वही, जो नहीं सुलभ अन्यत्र कहीं श्रद्धापूर्वक निष्काम भाव से, नित्य कर्म अति उत्तम है प्रतिमा दर्शन,पूजा सेवा, […]
Jiwan Ko Yagya Banaye Ham
यज्ञ जीवन को यज्ञ बनायें हम निष्काम भाव से ईश्वर को, जब कर्म समर्पित हो जाते तो अहं वासना जल जाते, मुक्ति का दान वही देते हम हवन कुण्ड में समिधा से अग्नि को प्रज्वलित करते आहुति दे घृत वस्तु की, वेदों में यज्ञ इसे कहते जब प्राण बचाने परेवा का, राजा शिवि जो अपने […]
Jiwan Bit Gaya Sab Yun Hi
शरणागति जीवन बीत गया सब यूँ ही, भला न कुछ कर पाया तेरी मेरी करके ही बस, सारा समय बिताया कहीं हुआ सम्मान जरा तो, अहंकार मन आया कितना बड़ा आदमी हूँ मैं, सोच व्यर्थ इठलाया जड़ चेतन में तूँ ही तू है, फिर भी क्यों भरमाया किया एक से राग, और दूजे को ठुकराया […]
Jiwan Main Sadgun Apnayen
सदाचरण जीवन में सद्गुण अपनाएँ जिसके जीवन में सदाचार, वह आगे बढ़ता ही जाए सेवा सत्कार बड़ों का हो, आशीष स्वतः उनसे पाएँ जो व्यक्ति हमारी मदद करे, हों कृतज्ञ भूल यह नहीं जाए जो भी दुगुर्ण में लिप्त रहे, वह बीज बुराई का बोता सज्जन संतों का संग करे, जीवन में दुःखी नहीं होता
Jivan Main Har Nahi Mane
पराजय जीवन में हार नहीं माने घबराये नहीं विषमता से, आती हमको वे चेताने जो गुप्त सुप्त शक्ति हममें, उसको ही वह जागृत करने प्रतिकूल परिस्थिति आती है, एक बार पुन: अवसर देने जब तक ये प्राण रहे तन में, कठिनाई जीते हमें नहीं हम आश्रय ले परमात्मा का, आखिर में जीतेंगे हम ही
Jiwan Swayam Ka To Malin
पाखण्ड जीवन स्वयं का तो मलिन, उत्सुक हमें उपदेश दे यह तो विरोधाभास है उनमें अहं भरपूर है अन्त:करण से तो कुटिल, सत्कर्म का पर ज्ञान दे यह ढोंगियों का आचरण, विश्वास उस पर क्यों करें जो भक्ति का प्रतिरोध करते, मुक्ति का निर्देश दे अनभिज्ञ वे तो शास्त्र से, सद्ज्ञान से कोसो परे साधन […]
Jo Kamal Nayan Prasanna Vadan
श्रीराम स्तुति जो कमल-नयन प्रसन्न वदन, पीताम्बर लंकृत श्रीराम प्रभु असुर-निकंदन, हितकारी गो-द्विज के, राघव को प्रणाम जिनकी माया के वशीभूत, यह जगत् सत्य लगता हमको नौका हैं चरण कमल जिनके, भवसागर से तर जाने को है अविनाशी घटघट वासी, इन्द्रियातीत सच्चिदानन्द हे भव-भय-भंजन, मुनि-जन रंजन, लक्ष्मीपति करुणानिधि मुकुन्द शारदा, शेष, सुर, ऋषिमुनि भी, यशगान […]
Jo Karna Ho Karlo Aaj Hi
वर्तमान जो करना हो कर लो आज ही अनुकूल समय का मत सोचो, मृत्यु का कुछ भी पता नहीं चाहे भजन ध्यान या धर्म कार्य, इनमें विलम्ब हम नहीं करें सत्कार्य जो सोचा हो मन में, कार्यान्वित वह तत्काल करे वैभव नहिं शाश्वत, तन अनित्य, शुभ कर्मों में मन लगा रहे कल करना हो वह […]
Jo Janme Maharaj Nabhi Ki
श्री ऋषभदेव जो जन्मे महाराज नाभि के, पुत्र रूप से विष्णु ही थे जो कहलाये, ऋषभ नाम से बड़े हुए तो किया अध्ययन वेदशास्त्र का सौंपा तब दायित्व पिता ने राजकाज का सुख देकर सन्तुष्ट किया, भलीभाँति प्रजा को हुई इन्द्र को ईर्ष्या तो, रोका वर्षा को ऋषभदेव ने वर्षा कर दी, योग शक्ति से […]
Jo Kuch Hai Vah Parmeshwar Hai
तत्व चिंतन जो कुछ है वह परमेश्वर है वे जगत् रूप प्रकृति माया यदि साक्षी भाव से चिंतन हो मेरा पन तो केवल छाँया हम करें समर्पण अपने को, उन परमपिता के चरणों में और करें तत्व का जो विचार, सद्मार्ग सुलभ हो तभी हमें जो तत्व मसि का महावाक्य ‘वह तूँ है’ उनके सिवा […]