Dhanya Dhanya Vrindavan Dham

वृन्दावान महिमा धन्य धन्य वृन्दावान धाम राधा के संग क्रीड़ा करते जहाँ नित्य घनश्याम ग्वाल-सखा सँग यमुना तट पे, तरु कदंब की छैंया मुरली मधुर बजाये मोहन, और चराये गैंया इसका जो भी ध्यान लगाये, हर्ष न हृदय समाये छटा वर्णनातीत लाल की, कोई पार न पाये वृन्दावन की पावन रज का, सादर तिलक लगाये […]

Dharti Mata Ye Samjhaye

निर्वेद धरती माता यह समझाये जिसको तू अपना है कहता, कुछ भी साथ न जाए मुझको पाने को ही प्यारे तुम, आपस में क्यों लड़ते खोया विवेक जो मिला प्रभु से मिल जुल क्यों नहीं रहते जो महाराजा सम्राट समझते, पृथ्वीपति अपने को हुए मृत्यु के ग्रास अन्त में, अहंकार था जिनको खोद-खोद मुझको जिसने […]

Nand Nandan Bado Natkhati Hai

नटखट कन्हैया नँदनंदन बड़ो नटखटी है मैं दधिमाखन बेचन जाऊँ, पथ रोक ले मेरो धाय के जो नहीं देऊँ मैं माखन तो,वो लूट ले आँख दिखाय के जब भी घर से बाहर जाऊँ, चुपके से घर में आय के तब ग्वाल-बाल को संग में ले, मटको फोड़े दधि खाय के घर की भी सुधि नहीं […]

Nand Ko Lal Chale Go Charan

गोचारण नंद को लाल चले गोचारन, शोभा कहत न आवे अति फूली डोलत नंदरानी, मोतिन चौक पुरावे विविध मूल्य के लै आभूषण, अपने सुत पहिरावे आनँद में, भर गावत मंगल गीत सबहिं मन भावे घर घर ते सब छाक लेत है, संग सखा सुखदाई गौएँ हाँक आगे कर लीनी, पाछे मुरली बजाई कुण्डल लाल कपोलन […]

Nand Bhawan Ko Bhushan Bhai

कृष्ण कन्हैया नंद भवन को भूषन भाई अतुलित शोभा स्याम सुँदर की नवनिधि ब्रज में छाई जसुमति लाल वीर हलधर को राधारमन परम सुखदाई काल को काल, परम् ईश्वर को सामर्थ अतुल न तोल्यो जाई ‘नन्ददास’ को जीवन गिरिधर, गोकुल गाँव को कुँवर कन्हाई  

Narhari Chanchal Hai Mati Meri

भक्ति भाव नरहरि चंचल है मति मेरी, कैसी भगति करूँ मैं तेरी सब घट अंतर रमे निरंतर मैं देखन नहिं जाना गुण सब तोर, मोर सब अवगुण मैं एकहूँ नहीं माना तू मोहिं देखै, हौं तोहि देखूँ, प्रीति परस्पर होई तू मोहिं देखै, तोहि न देखूँ, यह मति सब बुधि खोई तेरा मेरा कछु न […]

Nar Ho Na Nirash Karo Man Ko

कर्म निष्ठा नर हो न निराश, करो मन को, बस कर्म करो पुरुषार्थ करो आ जाय समस्या जीवन में, उद्देश्य हमारा जहाँ सही साहस करके बढ़ते जाओ, दुष्कर कोई भी कार्य नहीं संघर्ष भरा यहा जीवन है, आशा को छोड़ो नहीं कभी मन में नारायण नाम जपो, होओगे निश्चित सफल तभी जब घिर जाये हम […]

Nana Vidhi Lila Karen Shyam

भक्त के भगवान नाना विधि लीला करें स्याम श्री हरि की शरण गजेन्द्र गया, जभी ग्राह ने जकड़ लिया विनती को सुन फौरन पहुँचे और ग्राह से मुक्त किया द्रुपत सुता का चीर खिंच रहा बोली-‘आस तिहारी’ लिया वस्त्र अवतार बचाई, लाज तभी गिरधारी नहीं उठाऊँ शस्त्र युद्ध में, यह केशव की बान तोड़ प्रतिज्ञा […]

Nam Japan Kyon Chod Diya

नाम-जप नाम जपन क्यों छोड़ दिया क्रोध न छोड़ा, झूँठ न छोड़ा, सत्य वचन क्यों छोड़ दिया झूठे जग में जी ललचा कर, असल देश क्यों छोड़ दिया कौड़ी को तो खूब सम्भाला, लाल-रतन क्यों छोड़ दिया जिहि सुमिरन ते अति सुख पावे, सो सुमिरन क्यों छोड़ दिया रे नर इक भगवान भरोसे, तन-मन-धन क्यों […]

Narayan Ka Nit Nam Japo

कीर्तन महिमा नारायण का नित नाम जपो, हृदय से मंगलकारी श्री राम कृष्ण हरि नारायण एक ही स्वरूप संकट हारी है रामबाण औषधि है सब रोगों का जो शमन करें प्रभु कीर्तन हो तन्मय हो कर सब चिंताओं को दूर करें कलि-काल में साधन बड़ा यही हम जपे प्रभु का नाम नित्य परिवार सहित संकीर्तन […]