Bhaj Man Shri Radhe Gopal
श्रीराधाकृष्ण स्तुति भज मन श्री राधे गोपाल स्निग्ध कपोल, अधर-बिंबाफल लोचन परम विशाल शुक-नासा, भौं दूज-चन्द्र-सम, अति सुंदर है भाल मुकुट चंद्रिका शीश लसत है, घूँघर वाले बाल रत्न जटित, कुंडल, कर-कंगन, गल मोतियन की माल पग नूपुर-मणि-खचित बजत जब, चलत हंस गति चाल गौर श्याम तनु वसन अमोलक, चंचल नयन विशाल मृदु मुसकान मनोहर […]
Bhaj Le Pyare Hari Ka Nam
नाम स्मरण भजले प्यारे हरि का नाम, इसमें लगे न कुछ भी दाम कर न बुराई कभी किसी की, जप ले मन से हरि का नाम नयनों से दर्शन हो हरि का, सुनों कान से प्रभु का गान करो तीर्थ सेवन पैरों से, करो हाथ से समुचित दान मन बुद्धि श्रद्धा से प्यारे, होय नित्य […]
Bhajahun Re Man Shri Nand Nandan
नवधा भक्ति भजहुँ रे मन श्री नँद-नन्दन, अभय चरण अरविन्द रे दुर्लभ मानव-जनम सत्संग, तरना है भव-सिंधु रे शीत, ग्रीष्म, पावस ऋतु, सुख-दुख, ये दिन आवत जात रे कृपण जीवन भजन के बिन चपल सुख की आस रे ये धन, यौवन, पुत्र, परिजन, इनसे मोह परितोष रे कमल-नयन भज, जीवन कलिमल, करहुँ हरि से प्रीति […]
Bhajo Man Nish Din Shyam Sundar
नाम-स्मरण भजो मन निश-दिन श्यामसुन्दर, सुख-सागर भजो श्री राधावर सकल जगत् के जीवन-धन प्रभु करत कृपा अपने भक्तों पर ब्रज सुन्दरियों से सेवित जो, नव नीरद सम वर्ण मनोहर त्रिभुवन-मोहन वेष विभूषित, शोभा अतुलित कोटि काम हर तरु कदम्ब तल यमुना तट पे, मुरली में भरते मीठा स्वर चरण-कमल में नूपुर बाजत, कटि धारे स्वर्णिम […]
Bhajo Re Man Shri Radha Govind
नाम स्मरण भजो रे मन श्री राधा गोविंद जन-मन को निज-धन-मनमोहन, पूरन परमानंद जीवन के जीवन वे तेरे, तू चकोर वे चन्द कैसे तिनहिं बिसारि भयो तूँ, मोह मुग्ध मतिमन्द चेत-चेत रे अब तो मूरख, छोड़ सबहिं छल-छन्द सब तज भज मोहन को प्यारे, यहीं पंथ निर्द्वंद
Bharoso Bas Tero Giridhari
भक्त के भगवान भरोसो बस तेरो गिरिधारि मघवा प्रेरित घनी वृष्टि से, ब्रज को लियो उबारी अम्बरीष, प्रहलाद, विभीषण, ध्रुव के प्रभु रखवारी पार्थ-सारथी, पाण्डुवंश की, घोर विपत्ति निवारी शर-शय्या पे गंगा-सुत को दर्शन दियो मुरारी गज को ग्राह ग्रस्यो जल भीतर, कष्ट हर्यो बनवारी नहीं दीखती किरण आस की, घिरी रात अँधियारी श्याम पतित […]
Bhawani Dur Karo Dukh Maa
निवेदन भवानी, दूर करो दु:ख माँ तेरो बालक करे पुकार, भवानी! दूर करो दुख माँ मैं तो हूँ अति कपटी पापी, औगुण को घर माँ राग-द्वेष में डूब रह्यो नित, शुभ लक्षण नहीं माँ पूजा-पाठ कछू नहीं जाणूँ, भक्ति न जाणू माँ साधु-संगत कबहुँ न किन्ही, तीरथ व्रत नहीं माँ बालपणो तरुणाई बीती, तन-जर्जर अब […]
Bhagyanusar Fal Prapta Hame
भाग्यानुसार फल भाग्यानुसार फल प्राप्त हमें भगवान् नियामक कर्मों के, जैसा बोया हो मिले हमें विवेक प्रभु से प्राप्त हमें, हम चाहें जैसा वही करें ये अहंकार व काम क्रोध, जो पाप कर्म में प्रवृत करें प्रभु में तो विषमता जरा नहीं, हम कर्मों का ही फल पायें वे तो कर्मों को देख रहे, शुभ […]
Bhav Ke Bhukhe Prabhu Hain
भाव के भूखे भाव के भूखे प्रभु हैं, भाव ही तो सार है भाव से उनको भजे जो, उसका बेड़ा पार है वस्त्र भूषण या कि धन हो, सबके दाता तो वही अर्पण करें सर्वस्व उनको, भाव तो सच्चा यही भाव से हम पत्र, जल या पुष्प उनको भेंट दे स्वीकारते उसको प्रभु, भव-निधि से […]
Bhukh Lagi Hai Mohan Pyare
प्रेम के भूखे भूख लगी है मोहन प्यारे यज्ञ करे मथुरा में ब्राह्मण, जाओ उनके द्वारे हाँ ना कुछ भी कहे न द्विज तो, चाह स्वर्ग की मन में ग्वाल-बाल सब भूखे ही लोटे, घोर निराशा उन में बोले हरि यों आस न छोड़ों अनुचित है यह राह यज्ञ-पत्नियाँ जो कि वहाँ है, पूर्ण करेंगी […]