Bhaye Prakat Krapala Din Dayala

श्री राम जन्म भए प्रकट कृपाला दीनदयाला, कौसल्या हितकारी हरषित महतारी मुनि मन हारी, अद्भुत रूप विचारी लोचन अभिरामा तनु घनश्यामा, निज आयुध भुज चारी भूषन वनमाला नयन विशाला, सोभा सिंधु खरारी कह दुइ कर जोरी अस्तुति तोरी, केहि बिधि करौं अनंता माया गुन ज्ञानातीत अमाना, वेद पुरान भनंता करुना-सुख-सागर सब गुन आगर, जेहि गावहिं […]

Karuna Ke Sukh Sagar Data

श्रीराम प्राकट्य करुणा के सागर, सुखदाता, यश गाये जिनका वेद संत श्यामल सुन्दर राजीव नयन, शोभा-सागर कीरति अनन्त माँ कौसल्या ने जन्म दिया, आयुध है चार भुजाओं में भूषण गल माला अद्वितीय, हर्षित सब ऋषि मुनि सुर मन में अवतार लिया दशरथ सुत हो, शिशु रूप धरा तब राघव ने प्रिय लीला करने लगे तभी, […]

Aaj Sakhi Raghav Ki Sudhi Aai

स्मृति आज सखि! राघव की सुधि आई आगे आगे राम चलत है, पीछे लक्ष्मण भाई इनके बीच में चलत जानकी, चिन्ता अधिक सताई सावन गरजे भादों बरसे,पवन चलत पुरवाई कौन वृक्ष तल भीजत होंगे, राम लखन दोउ भाई राम बिना मोरी सूनी अयोध्या, लक्ष्मण बिन ठकुराई सीता बिन मोरी सूनी रसोई, महल उदासी छाई

Aaj Ayodhya Ki Nagari Main

अयोध्या में शिव आज अजोध्या की नगरी में, घूमे जोगी मतवाला अलख निरंजन खड़ा पुकारे, देखूँगा दशरथ-लाला शैली सिंगी लिये हाथ में, अरु डमरू त्रिशूल लिये छमक छमा-छम नाचे जोगी, दरसन की मन चाह लिये पग के घुँघरू रुनझुन बाजे, शोभा अतिशय मन हारी बालचन्द्र मस्तक पे राजे, सर्पों की माला धारी अंग भभूत रमाये […]

Avtar Hum Shri Raghav Ka

श्रीराम प्राकट्य अवतार हुआ श्री राघव का, तो चैत्र-मास की नवमी थी मौसम सुहावना सुखकारी, तब ऋतु बसंत छवि छाई थी आनन्द विभोर अयोध्या थी, उन्मुक्त तरंगें सरयू की हर्षातिरेक से भरी हुई, यह स्थिति मात कौसल्या की चौथेपन में बेटा पाया, कोसलाधीश को हर्ष हुआ मन चाहीं भेंट मिली सबको, नाचें गायें दें सभी […]

Subhag Sej Sobhit Kosilya

कौशल्या का स्नहे सुभग सेज सोभित कौसिल्या, रुचिर राम-सिसु गोद लिये बार-बार बिधुबदन बिलोकति लोचन चारू चकोर किये कबहुँ पौढ़ि पयपान करावति, कबहूँ राखति लाइ हिये बालकेलि गावति हलरावति, पुलकित प्रेम-पियूष पिये बिधि-महेस, मुनि-सुर सिहात सब, देखत अंबुद ओट दिये ‘तुलसिदास’ ऐसो सुख रघुपति पै, काहू तो पायो न बिये

Shri Ram Chandra Krapalu Bhaj Man

श्री राम स्तुति श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन, हरण भवभय दारुणम् नवकंज-लोचन कंज-मुख कर-कंज पद-कंजारुणम् कंदर्प अगणित अमित छबि, नव नील-नीरद-सुंदररम पट-पीत मानहुँ तड़ित रूचि शुचि नौमि जनक-सुतावरम् भजु दीन-बंधु दिनेश दानव, दैत्य-वंश निकंदनम् रघुनंद आनंदकंद कौशलचंद दशरथ-नंदनम् सिर मुकुट, कुण्डल तिलक चारु उदारु अंग विभूषणम् आजानु भुज, शर-चाप-धरि, संग्राम-जित-खरदूषणम् इति वदति ‘तुलसीदास’ शंकर-शेष-मुनि-मन रंजनम् […]

Mero Bhalo Kiya Ram, Apni Bhalai

उदारता मेरो भलो कियो राम, आपनी भलाई मैं तो साईं-द्रोही पै, सेवक- हित साईं रामसो बड़ो है कौन, मोसो कौन छोटो राम सो खरो है कौन, मोसो कौन खोटो लोक कहै रामको, गुलाम हौं कहावौं एतो बड़ो अपराध भौ न मन बावों पाथ-माथे चढे़तृन ‘तुलसी’ ज्यों नीचो बोरत न वारि ताहि जानि आपुसींचो

Bhaj Man Ram Charan Sukh Dai

भज मन राम-चरण सुखदाई जिहि चरनन ते निकसी सुर-सरि, शंकर-जटा समाई जटा शंकरी नाम पर्यो है, त्रिभुवन तारन आई जिन चरनन की चरन-पादुका, भरत रह्यो लवलाई सोई चरन केवट धोइ लीन्हे, तब हरि नाव चढ़ाई सोई चरन संतन जन सेवत, सदा रहत सुखदाई सोई चरन गौतम ऋषि-नारी, परसि परम पद पाई दंडक वन प्रभु पावन […]

Koshalpur Me Bajat Badhai

श्री राम जन्म कौशलपुर में बजत बधाई सुंदर सुत जायो कौशल्या, प्रगट भये रघुराई जात कर्म दशरथ नृप कीनो, अगणित धेनु दिवाई गज तुरंग कंचन मणि भूषण, दीन्हे मन हरषाई देत असीस सकल नरनारी, चिरजियो सतभाई ‘तुलसिदास’ आस पूरन भई, रघुकुल प्रकटे आई