Ja Din Man Panchi Udi Jehain

देह का गर्व जा दिन मन पंछी उड़ि जैहैं ता दिन तेरे तन तरुवर के, सबै पात झरि जैहैं या देही की गरब न करियै, स्यार, काग, गिध खैहैं ‘सूरदास’ भगवंत भजन बिनु, वृथा सु जनम गँवैंहैं

Bhaye Prakat Krapala Din Dayala

श्री राम जन्म भए प्रकट कृपाला दीनदयाला, कौसल्या हितकारी हरषित महतारी मुनि मन हारी, अद्भुत रूप विचारी लोचन अभिरामा तनु घनश्यामा, निज आयुध भुज चारी भूषन वनमाला नयन विशाला, सोभा सिंधु खरारी कह दुइ कर जोरी अस्तुति तोरी, केहि बिधि करौं अनंता माया गुन ज्ञानातीत अमाना, वेद पुरान भनंता करुना-सुख-सागर सब गुन आगर, जेहि गावहिं […]