Guru Vishnu Vidhi Mahesh Hai

गुरु वन्दना गुरु विष्णु, विधि महेश हैं, साक्षात् ही परमेश हैं अभिमान का नहीं लेश है, वे ज्ञान रूप दिनेश हैं धर्म की गति है गहन, उसको समझना है अगम गुरु दूर करते मोह माया, दुर्ज्ञेय को करते सुगम भव-सिन्धु को कैसे तरें, दुःख द्वेष का आगार हैं यदि सद्गुरु करूणा करें, समझो कि बेड़ा […]

Chaitanya Swarup Hi Atma Hai

आत्मानुभूति चैतन्य स्वरूप ही आत्मा है यह शुद्ध देह का शासक है, अन्तःस्थित वही शाश्वत है आत्मा शरीर को मान लिया, मिथ्या-विचार अज्ञान यही यह देह मांसमय अपवित्र और नाशवान यह ज्ञान सही है इच्छाओं का तो अन्त नहीं, मन में जिनका होता निवास मृग-तृष्णा के ही तो सदृश, मानव आखिर होता निराश यह राग […]