Jiwan Ko Yagya Banaye Ham

यज्ञ जीवन को यज्ञ बनायें हम निष्काम भाव से ईश्वर को, जब कर्म समर्पित हो जाते तो अहं वासना जल जाते, मुक्ति का दान वही देते हम हवन कुण्ड में समिधा से अग्नि को प्रज्वलित करते आहुति दे घृत वस्तु की, वेदों में यज्ञ इसे कहते जब प्राण बचाने परेवा का, राजा शिवि जो अपने […]

Nirvishayi Banayen Man Ko Ham

प्रबोधन निर्विषयी बनायें मन को हम चिन्तन हो बस परमात्मा का, हो सुलभ तभी जीवन में राम मन और इन्द्रियाँ हो वश में, संयम सेवा का संग्रह हो अनुकूल परिस्थिति आयेगी, सब कार्य स्वतः मंगलमय हो उत्पन्न कामना से होते, सारे ही पाप और विपदा जब अचल शांति हो प्राप्त तभी, मानव को रहे न […]

Prabhu Ko Prasanna Ham Kar Paye

श्रीमद्भागवत प्रभु को प्रसन्न हम कर पाये चैतन्य महाप्रभु की वाणी, श्री कृष्ण भक्ति मिल जाये कोई प्रेम भक्ति के बिना उन्हें, जो अन्य मार्ग को अपनाये सखि या गोपी भाव रहे, संभव है दर्शन मिल जाये हम दीन निराश्रय बन करके, प्रभु प्रेमी-जन का संग करें भगवद्भक्तों की पद-रज को, अपने माथे पर स्वतः […]

Prabhu Ji Tum Chandan Ham Paani

दास्य भक्ति प्रभुजी! तुम चंदन हम पानी, जाकी अँग-अँग बास समानी प्रभुजी! तुम घन वन हम मोरा, जैसे चितवत चंद चकोरा प्रभुजी! तुम दीपक हम बाती, जाकी जोति बरे दिन राती प्रभुजी! तुम मोती हम धागा, जैसे सोनहि मिलत सुहागा प्रभुजी! तुम स्वामी हम दासा, ऐसी भक्ति करे ‘रैदासा’  

Vipatti Ko Samjhen Ham Vardaan

विपदा का लाभ विपत्ति को समझें हम वरदान सुख में याद न आये प्रभु की, करें नहीं हम गान कुन्ती ने माँगा था प्रभु से, विपदायें ही आयें कष्ट दूर करने प्रभु आये, दर्शन तब हो जायें हुआ वियोग श्याम से जिनका, गोपियन अश्रु बहाये स्मरण करे प्रतिपल वे उनको, दिवस रात कट जाये अनुकुल […]

Shri Ram Jape Ham Kaise Hi

राम नाम महिमा श्री राम जपें हम कैसे ही उलटा नाम जपा वाल्मीकि ने, ब्रह्मर्षि हो गये वही लिया अजामिल ने धोखे से नाम तर गया भवसागर द्रुपद-सुता जब घिरी विपद् से, लाज बचाई नटनागर गज, गणिका का काम बन गया, प्रभु-कृपा से ही तो प्रतीति प्रीति हो दो अक्षर में, श्रीराम मिले उसको तो […]