Chahe Puja Path Stavan Ho

कर्तव्य निष्ठा चाहे पूजा पाठ स्तवन हो, सब नित्य कर्म के जैसा ही मन में श्रद्धा तन्मयता हो, तब उपादेय होता वोही हम आँखे खोल तनिक देखें, कुछ भला कार्य क्या कर पाये बस माया मोह में फँसे रहे, दिन रात यूँ ही बीता जाये पूजन में जो नहीं बसे देव तो उसे छोड़ कर […]

Ramanuj Lakshman Ki Jay Ho

श्री लक्ष्मण रामानुज लक्ष्मण की जय हो भगवान् राम के भक्तों का, सारे संकट को हरते हो शेषावतार को लिये तुम्ही, पृथ्वी को धारण करते हो हो प्राणनाथ उर्मिला के, सौमित्र तुम्हीं कहलाते हो महान पराक्रमी, सत्-प्रतिज्ञ, रघुवर के काज सँवारते हो मुनि विश्वामित्र, जनक राजा, श्री रामचन्द्र के प्यारे हो अभिमान परशुरामजी का जो […]

Rahte Ho Saath Nitya Prabhu Ji

पूजा रहते हो साथ नित्य प्रभुजी, आठ प्रहर दिन रात ही क्यों देख नहीं पाते तुमको, यह अचरज मुझको खलता ही मैं बैठ के नित्य ही आसन पर, लेकर सामग्री हाथों में पूजा करता हूँ विधिवत ही, तब भी दर्शन नहीं पाता मैं आरती दीप से करता हूँ, स्तुति गान भी हूँ गाता तब भी […]

Mahaveer Aapki Jay Ho

महावीर हनुमान महावीर आपकी जय जय हो संताप, शोक, हरने वाले, हनुमान आपकी जय जय हो सात्विक-गुण बुद्धि के सागर, अंजनी पुत्र की जय जय हो आनन्द बढ़ाये रघुवर का, केसरी-नंदन की जय जय हो माँ सीता के दुख दूर किये, इन पवन-पुत्र की जय जय हो भुज-दण्ड बड़े जिनके प्रचण्ड, रुद्रावतार की जय-जय हो […]

Man Main Shubh Sankalp Ho

अभिलाषा मन में शुम संकल्प हों, शुरू करूँ जब काम सर्वप्रथम सुमिरन करूँ, नारायण का नाम मनोवृत्ति वश में रहे, कार्यसिद्धि को पाय ऋद्धि-सिद्धि गणपति सहित, पूजूँ विघ्न न आय नहीं चाहिये जगत् या राज्य स्वर्ग सुख-भोग प्राणिमात्र का दुख हरूँ, सुखी रहें सब लोग सभी रोग से रहित हों, सबका हो कल्याण दीन दुखी […]

Prem Ho To Shri Hari Ka

कृष्ण कीर्तन प्रेम हो तो श्री हरि का प्रेम होना चाहिये जो बने विषयों के प्रेमी उनपे रोना चाहिये दिन बिताया ऐश और आराम में तुमने अगर सदा ही सुमिरन हरि का करके सोना चाहिये मखमली गद्दों पे सोये तुम यहाँ आराम से वास्ते लम्बे सफर के कुछ बिछौना चाहिये छोड़ गफलत को अरे मन, […]

Prabhu Tum Ho Din Bandhu

प्रार्थना प्रभु! तुम हो दीनबन्धु, हम दास हैं तुम्हारे माता पिता तुम्हीं हो, एकमात्र तुम सहारे ज्योतित सभी हैं तुम से, रवि चाँद हों कि तारे हैं प्राणवान तुमसे, पशु पक्षी जीव सारे हों पाप दोष हमसे, तुम से छिपें न प्यारे सन्तान हम तुम्हारी, होएँ न तुमसे न्यारे पीड़ा जनम मरण की, दूजा नहीं […]

Prabhu Ka Sharanagat Ho Jayen

शरणागति प्रभु के शरणागत हो जायें अपने बल का अभिमान त्याग, उनका ही आश्रय ले पायें प्रभु का ही अंश है जीव मात्र, अंशी की शरण से दुख न रहे साधना ऐसा कोई न और, चिंताएँ भय सब शोक बहे वेदों का सार उपनिषद् है, भगवद्गीता उनका भी सार उसका भी सार शरणागति है, भव-निधि […]

Pashu Hinsa Ka Ho Gaya Ant

भगवान बुद्ध पशु-हिंसा का हो गया अन्त, भगवान बुद्ध अवतरित हुए लख यज्ञ कर्म में पशु-वध को, अन्याय घोर प्रभु द्रवित हुए वे कृपा सिन्धु करुणानिधि थे, वैराग्यवान् जो बुद्ध हुए राजा शुद्धोधन की रानी, मायादेवी से जन्म लिया सोचा पशु का वध क्रूर कर्म, जड़ता को तत्पर दूर किया पशु-हिंसा द्वारा यज्ञों से, हो […]

Naitik Aachar Ho Jivan Main

मर्यादा नैतिक आचार हो जीवन में सम्माननीय वह व्यक्ति जो मर्यादित जीवन ही जीये सार्थक जीना तो उसका ही परहित के जिसने कार्य किये हमको शरीर जो प्राप्त हुआ, वरदान प्रभु से मिला यही पालन हो सत्य अहिंसा का, हरि नाम स्मरण आवश्यक ही जहाँ प्राणिमात्र प्रति प्रेम रहे, है धन्य धन्य व्यक्ति ऐसा भोगों […]