Nirbal Ke Pran Pukar Rahe Jagdish Hare
जगदीश स्तवननिर्बल के प्राण पुकार रहे, जगदीश हरे जगदीश हरेसाँसों के स्वर झंकार रहे, जगदीश हरे जगदीश हरेआकाश हिमालय सागर में, पृथ्वी पाताल चराचर मेंये शब्द मधुर गुंजार रहे, जगदीश हरे जगदीश हरेजब दयादृष्टि हो जाती है, जलती खेती हरियाती हैइस आस पे जन उच्चार रहे, जगदीश हरे जगदीश हरेतुम हो करुणा के धाम सदा, […]
Om Jay Jagdish Hare
जगदीश्वर आरती ॐ जय जगदीश हरे, प्रभु! जय जगदीश हरे भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे —-ॐ जय ….. जो ध्यावे फल पावे, दुख विनसे मन का —-प्रभु दुख…. सुख सम्पति घर आवे, कष्ट मिटे तन का —-ॐ जय …. माता-पिता तुम मेरे, शरण गहूँ किसकी —-प्रभु शरण …. तुम बिन और न […]