Prem Ho To Shri Hari Ka
कृष्ण कीर्तन प्रेम हो तो श्री हरि का प्रेम होना चाहिये जो बने विषयों के प्रेमी उनपे रोना चाहिये दिन बिताया ऐश और आराम में तुमने अगर सदा ही सुमिरन हरि का करके सोना चाहिये मखमली गद्दों पे सोये तुम यहाँ आराम से वास्ते लम्बे सफर के कुछ बिछौना चाहिये छोड़ गफलत को अरे मन, […]
Prathvi Par Atyacharon Ka
प्रभु प्राकट्य पृथ्वी पर अत्याचारों का, है लग जाता अम्बार जभी मंगलमय जो है परब्रह्म, विष्णु लेते अवतार तभी पुरुषोत्तम श्रीमन् नारायण, हैं परमानन्द स्वरूप आप स्थापित करते पुनः धर्म, साधु सन्तों का हरें ताप कछुवा, वराह, हयग्रीव, मत्स्य का रूप धरे वे ही आते संहार करें वे असुरों का, पृथ्वी का भार वही हरते […]
Jiwan Swayam Ka To Malin
पाखण्ड जीवन स्वयं का तो मलिन, उत्सुक हमें उपदेश दे यह तो विरोधाभास है उनमें अहं भरपूर है अन्त:करण से तो कुटिल, सत्कर्म का पर ज्ञान दे यह ढोंगियों का आचरण, विश्वास उस पर क्यों करें जो भक्ति का प्रतिरोध करते, मुक्ति का निर्देश दे अनभिज्ञ वे तो शास्त्र से, सद्ज्ञान से कोसो परे साधन […]
Bhaj Le Pyare Hari Ka Nam
नाम स्मरण भजले प्यारे हरि का नाम, इसमें लगे न कुछ भी दाम कर न बुराई कभी किसी की, जप ले मन से हरि का नाम नयनों से दर्शन हो हरि का, सुनों कान से प्रभु का गान करो तीर्थ सेवन पैरों से, करो हाथ से समुचित दान मन बुद्धि श्रद्धा से प्यारे, होय नित्य […]
Mila Hai Janma Manav Ka
प्रबोधन मिला है जन्म मानव का, गँवाया किन्तु यौवन को साथ में कुछ न जायेगा, चेत जा, याद कर प्रभु को अभी से आत्मचिंतन हो, पढ़ो तुम नित्य गीता को निदिध्यासन मनन भी हो, छुड़ा दे मोह माया को साधना के अनेकों पंथ भी, निर्गुण सगुण कोई श्रेष्ठ पर ज्ञान ही का मार्ग, दिखा सकते […]
Main Bhajan Karun Durga Maa Ka
दुर्गादेवी स्तवन मैं भजन करूँ दुर्गा माँ का दुर्गुण मेरे सब नष्ट करो, आश्रय केवल ही माता का सद्बुद्धि प्रदान तू ही करती, सेवक के सारे कष्ट हरे विघ्नों को माता हर लेती, माँ कठिन कार्य को सुगम करे जब हानि धर्म की होती हैं, दैत्यों का नाश तुम्हीं करती ओ स्नेहमयी मेरी माता, भक्तों […]
Ram Ka Gungan Kariye
श्री राम महिमा राम का गुणगान करिए राम के गुण का हो चिंतन, राम-गुण का स्मरण कीर्तन, मनुजता को हृदय में धर, आप जीवन सफल करिए, मनन करिए, ध्यान धरिए, राम का…. सगुण ब्रह्म स्वरूप सुंदर, सृजन, पालन चरित सुखकर, परम-आत्मा, जगत्-आत्मा, राम को प्रणाम करिये, मनन करिए ध्यान धरिए, राम का….
Shivshankar Ka Jo Bhajan Kare
आशुतोष शिव शिवशंकर का जो भजन करें, मनचाहा वर प्रभु से पाते वे आशुतोष औढरदानी, भक्तों के संकट को हरते जप में अर्जुन थे लीन जहाँ पर, अस्त्र-शस्त्र जब पाने को दुर्योधन ने निशिचर भेजा, अर्जुन का वध करने को मायावी शूकर रूप धरे, शीघ्र ही वहाँ पर जब आया शिव ने किरात का रूप […]
Shri Krishna Ka Virah
श्री चैतन्य महाप्रभु श्री कृष्ण का विरह आपको आठों ही प्रहर सताये श्री महाप्रभु चैतन्य वही जो राधा भाव दिखाये राधा कान्ति कलेवर अनुपम, भक्तों के मन भाये रोम रोम में हाव भाव में, गीत कृष्ण के गाये प्रेमावतार महाप्रभु अन्तस में, राधावर छाये ओत प्रोत है कृष्ण-भक्ति से, जन-मन वही लुभाये
Shri Mahalakshmi Jag Janani Ka
श्रीमहालक्ष्मी स्तवन श्री महालक्ष्मी जगजननी का, हम श्रद्धापूर्वक करें ध्यान जिनका है वर्ण स्वर्ण जैसा, उनकी महिमा का करें गान सद्भाव, अतिथि की सेवा हो, सत्कर्म जहाँ नित होता हो देवार्चन-प्रेम भाव मन का, आवास वहीं हो माता का माँ को अति प्रिय है शील सत्य, सत्संग कीर्तन जहाँ नित्य जहाँ प्राणि-मात्र प्रति प्रेम भाव, […]