Ghutno Ke Bal Chale Kanhaiya
बालकृष्ण घुटनों के बल चले कन्हैया बार-बार किलकारी मारे, आनन्दित हो मैया नवनीत कर में लिये कन्हाई, मुँह पर दही लगाये मणिमय आँगन में परछार्इं, निरख निरख हर्षाये तभी गोपियाँ गोदी लेकर, उन्हें चूमना चाहें बालकृष्ण की अतिप्रिय लीला, अपना भाग्य सराहें
Gopi Vallabh Ke Darshan Main
प्रीति-माधुरी गोपीवल्लभ के दर्शन में, मिलता सुख वैसा कहीं नहीं गोपीजन का था प्रेम दिव्य, प्रेमानुराग की सरित् बही दण्डकवन के ऋषि मुनि ही तो, आकर्षित थे राघव प्रति जो वे बनी गोपियाँ, पूर्ण हुर्इं, अभिलाषा थी इनके मन जो वे देह दशा को भूल गर्इं, हृदय में कोई और न था श्रीकृष्णचन्द्र से प्रेम […]
Guru Charno Me Shish Nava Ke Raghuvar
धनुष-भंग (राजस्थानी) गुरुचरणों में सीस नवा के, रघुवर धनुष उठायोजी बाण चढ़ावत कोई न देख्यो, झटपट तोड़ गिरायोजी तीन लोक अरु भवन चतुर्दश, सबद सुणत थर्रायोजी धरणी डगमग डोलन लागी, शेष नाग चकरायोजी शूरवीर सब धुजण लाग्या, सबको गरब मिटायो जी
Giridhari Ke Rang Mainrachi
प्रीति माधुरी गिरिधारी के रंग में राची सुध बुध भूल गई मैं तो सखि, बात कहूँ मैं साँची मारग जात मिले मोहि सजनी, मो तन मुरि मुसकाने मन हर लियो नंद के नंदन, चितवनि माँझ बिकाने जा दिन ते मेरी दृष्टि परी सखि, तब से रह्यो न जावै ऐसा है कोई हितू हमारो, श्याम सों […]
Gayon Ke Hit Ka Rahe Dhyan
गो माता गायों के हित का रहे ध्यान गो-मांस करे जो भी सेवन, निर्लज्ज व्यक्ति पापों की खान गौ माँ की सेवा पुण्य बड़ा, भवनिधि से करदे हमें पार वेदों ने जिनका किया गान, शास्त्र पुराण कहे बार-बार गौ-माता माँ के ही सदृश, वे दु:खी पर हम चुप रहते माँ की सेवा हो तन मन […]
Krishna Ghar Nand Ke Aaye Badhai Hai Badhai Hai
श्रीकृष्ण प्राकट्य कृष्ण घर नंद के आये, बधाई है बधाई है करो सब प्रेम से दर्शन, बधाई है बधाई है भाद्र की अष्टमी पावन में प्रगटे श्याम मनमोहन सुखों की राशि है पाई, बधाई है बधाई है मुदित सब बाल, नर-नारी, चले ले भेंट हाथों में देख शोभा अधिक हर्षित, बधाई है बधाई है कृष्ण […]
Kashyap Aditi Ke Putra Rup
भगवान् वामन कश्यप अदिति के पुत्र रूप जन्मे हरि, शिव अज हर्षाये वामन का रूप धरा हरिने, बलियज्ञ भूमि पर वे आये स्वागत करके बलि यों बोले, जो चाहे कुछ तो माँगो भी हरि बोले ‘भूमि दो तीन पैर, हो जरा न कम या ज्यादा भी’ बलि ने ज्योंही हामी भरदी, वामन ने रूप अनन्त […]
Karuna Ke Sukh Sagar Data
श्रीराम प्राकट्य करुणा के सागर, सुखदाता, यश गाये जिनका वेद संत श्यामल सुन्दर राजीव नयन, शोभा-सागर कीरति अनन्त माँ कौसल्या ने जन्म दिया, आयुध है चार भुजाओं में भूषण गल माला अद्वितीय, हर्षित सब ऋषि मुनि सुर मन में अवतार लिया दशरथ सुत हो, शिशु रूप धरा तब राघव ने प्रिय लीला करने लगे तभी, […]
Braj Ke Birahi Log Bichare
वियोग ब्रज के बिरही लोग बिचारे बिन गोपाल ठगे से ठाढ़े, अति दुरबल तनु हारे मात जसोदा पंथ निहारति, निरखति साँझ सकारे सबही कान्ह कान्ह कहि बोलत, अँखियन बहत पनारे यह मथुरा काजर की रेखा, जे निकसे ते कारे ‘परमानंद’ स्वामी बिन ऐसे, ज्यों चंदा बिनु तारे
Samast Srushti Jis Ke Dwara
बुद्धियोग समस्त सृष्टि जिसके द्वारा, सर्वात्मा ईश्वर एक वही सब लोक महेश्वर शक्तिमान, सच्चिदानन्दमय ब्रह्म वही जो कर्म हमारे भले बुरे, हो प्राप्त शुभाशुभ लोक हमें उत्तम या अधम योनियाँ भी, मिलती हैं तद्नुसार हमें हम शास्त्र विहित आचरण करें, शास्त्र निषिद्ध का त्याग करें सांसारिक सुख सब नश्वर है, भगवत्प्राप्ति का यत्न करें निष्काम […]