Bheje Man Bhawan Ke Uddhav Ke Aawan Ki
गोपियों की ललक भेजे मन-भावन के उद्धव के आवन की, सुधि ब्रज-गाँवनि में पावन जबैं लगी कहैं, ‘रतनाकर’ गुवालिनि की झौरि-झौरि, दौरि-दौरि नंद-पौरि आवन तबै लगीं उझकि-उझकि पद-कंजनि के पंजनि पै, पेखि-पेखि पाती छाती छोहनि छबै लगीं हमकौं लिख्यौ है कहा, हमकौं लिख्यौ है कहा, हमकौं लिख्यौ है कहा, कहन सबै लगीं
Vedon Ki Mata Gayatri
वेदमाता गायत्री वेदों की माता गायत्री, सद्बुद्धि हमें कर दो प्रदान महात्म्य अतुल महादेवी का, शास्त्र पुराण करते बखान वरदायिनि देवी का विग्रह, ज्योतिर्मय रवि-रश्मि समान ब्रह्मस्वरूपिणि, सर्वपूज्य, परमेश्वरी की महिमा महान जो विद्यमान रवि-मण्डल में, उन आदि शक्ति को नमस्कार अभिलाषा पूर्ण करें, जप लो, गायत्री-मंत्र महिमा अपार
Vrandavan Ki Mahima Apaar
वृन्दावन महिमा वृन्दावन की महिमा अपार, ऋषि मुनि देव सब गाते हैं यहाँ फल फूलों से लदे वृक्ष, है विपुल वनस्पति और घास यह गोप गोपियों गौओं का प्यारा नैसर्गिक सुख निवास अपने मुख से श्रीकृष्ण यहाँ, बंशी में भरते मीठा स्वर तो देव देवियाँ नर नारी, आलाप सुनें तन्मय होकर सब गोपीजन को संग […]
Ramanuj Lakshman Ki Jay Ho
श्री लक्ष्मण रामानुज लक्ष्मण की जय हो भगवान् राम के भक्तों का, सारे संकट को हरते हो शेषावतार को लिये तुम्ही, पृथ्वी को धारण करते हो हो प्राणनाथ उर्मिला के, सौमित्र तुम्हीं कहलाते हो महान पराक्रमी, सत्-प्रतिज्ञ, रघुवर के काज सँवारते हो मुनि विश्वामित्र, जनक राजा, श्री रामचन्द्र के प्यारे हो अभिमान परशुरामजी का जो […]
Maine Mehandi Rachai Krishna Nam Ki
श्रीकृष्ण से प्रीति मैंनें मेंहदी रचाई कृष्ण नाम की, मैंने बिंदिया सजाई कृष्ण नाम की मेरी चूड़ियों में कृष्ण, मेरी चुनरी में कृष्ण, मैंने नथनी घढ़ाई कृष्ण नाम की मेरे नयनों में गोकुल, वृंदावन, मेरे प्राणों में मोहन मन-भावन मेरे होठों पे कृष्ण, मेरे हृदय में कृष्ण, मैंने ज्योति जगाई कृष्ण नाम की अब छाया […]
Main Krishna Nam Ki Chudiyan Pahanu
भरतार श्याम मैं कृष्ण नाम की चुड़ियाँ पहनूँ, आँख में कजरा डार गले में मोतियन माला पहनूँ, उनके हित श्रंगार ऐसे जन को नहीं वरूँ मैं, जो कि जिये दिन चार मेरे तो भरतार श्याम हैं, उन सँग करूँ विहार करूँ निछावर जीवन सारा, वे ही प्राणाधार स्वत्व मिटे, कुछ रहे न मेरा, माया मोह […]
Main Kusum Kali Hun Pujan Ki
पूजन में प्रेम मैं कुसुम कली हूँ पूजन की, है अहो भाग्य यह मेरा फूलों की मैं माला बन कर, मैं प्रिय के गले लगूँगी उनका मन आल्हादित करके, मैं धन्य-भाग्य होऊँगी मन-मोहन को रिझा सकूँगी, पुष्पगंध के द्वारा अपना जीवन सफल करूँगी, पा लूँगी सुख सारा गद्गद् तब मैं हो जाऊँगी, अश्रुपात नयनों से […]
Mat Yashoda Shri Ganesh Ki
श्री गणेश-श्री कृष्ण मात यशोदा श्री गणेश की पूजा करने को आई मोदक भर कर थाल सजाया, कान्हा को सँग में लाई नटवर की नटखट चालों की, याद उन्हें जैसे आई विघ्न न पूजा में हो जाये, शंका मन में जब आई तभी कन्हैया को खम्भे से, डोरी से जो बाँध दिया फिर विघ्नेश्वर की […]
Manuwa Khabar Nahi Pal Ki
प्रबोधन मनुवा खबर नहीं पल की राम सुमिरले सुकृत करले, को जाने कल की कौड़ी कौड़ी माया जोड़ी, झूठ कपट छल की सिर पर धरली पाप गठरिया, कैसे हो हलकी तारामण्डल सूर्य चाँद में, ज्योति है मालिक की दया धरम कर, हरि स्मरण कर, विनती ‘नानक’ की
Shrimad Bhagawat Ki Dhwani Hi Se
श्रीमद्भागवत् महिमा श्रीमद्भागवत् की ध्वनि ही से, सब दोष नष्ट हो जाते हैं यह वासुदेव वाङ्मय स्वरूप, इसका दर्शन नित सेवन हो फलरूप वेद-उपनिषद् का ये, दुख शोक नाश यह करता है सर्वोच्च है सभी पुराणों में, इसकी महिमा का पार नहीं रसपूर्ण कथा आयोजित हो, वहाँ भक्ति देवि आ जाती है भगवान् कृष्ण की […]