Ankhiyan Hari Darsan Ki Pyasi
वियोग अँखिया हरि दरसन की प्यासी देख्यो चाहत कमलनैन को, निसिदिन रहत उदासी आयो ऊधौ फिरि गये आँगन, डारि गये गल फाँसी केसरि तिलक मोतिन की माला, वृन्दावन को वासी काहु के मनकी कोउ न जानत, लोगन के मन हाँसी ‘सूरदास’ प्रभु तुमरे दरस बिन, लेहौं करवत कासी
Priti Ki Rit Na Jane Sakhi
प्रीति की रीति प्रीति की रीत न जाने सखी, वह नन्द को नन्दन साँवरिया वो गायें चराये यमुना तट, और मुरली मधुर बजावत है सखियों के संग में केलि करे, दधि लूटत री वह नटवरिया संग लेकर के वह ग्वाल बाल, मग रोकत है ब्रज नारिन को तन से चुनरी-पट को झटके, सिर से पटके […]
Chaitanya Maha Prabhu Ki Jay Jay
चैतन्य महाप्रभु चैतन्य महाप्रभु की जय जय, जो भक्ति भाव रस बरसाये वे विष्णुप्रिया के प्राणनाथ, इस धरा धाम पर जो आये वे शचीपुत्र गौरांग देव प्रकटे, सबके मन हर्षाये हे देह कान्ति श्री राधा सी, जो भक्तों के मन को भाये रस के सागर चैतन्य देव, श्री गौर चन्द्र वे कहलाये आसक्ति शून्य वह […]
Kishori Tere Charanan Ki Raj Pau
श्री श्री राधा महात्म्य किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ बैठि रहौं कुंजन की कोने, श्याम राधिका गाऊँ जो रज शिव सनकादिक लोचन, सो रज शीश चढाऊँ राधा स्वामिनि की छवि निरखूँ, नित्य विमल यश गाऊँ अद्वितीय सौन्दर्य तुम्हारा, मन-मंदिर बिठलाऊँ
Karo Ab Jaane Ki Taiyari
चेतावनी करो अब जाने की तैयारी साधु संत सम्राट भी जायें, जाते सब संसारी देह तुम्हारी लगी काँपने, अंत काल की बारी ईर्ष्या द्वेष अहं नहीं छूटे, उम्र बिता दी सारी मोह जाल में फँसा रहे मन, वह है व्यक्ति अनारी काम न आये कोई अन्ततः, फिर भी दुनियादारी खाते, चलते सभी समय बस, जपलो […]
Aasakti Jagat Ki Nashta Kare
सत्संग की महिमा आसक्ति जगत् की नष्ट करें, खुल जाता है मुक्ति का द्वार स्वाध्याय, सांख्य व योग, त्याग, प्रभु को प्रसन्न उतने न करें व्रत, यज्ञ, वेद या तीर्थाटन, यम, नियम, प्रभु को वश न करें तीनों युग में सत्संग सुलभ, जो करे प्रेम से नर नारी यह साधन श्रेष्ठ सुगम निश्चित, दे पूर्ण […]
Aashadh Mas Ki Poonam Thi
महर्षि व्यास आषाढ़ मास की पूनम थी, तब व्यास देव का जन्म हुआ वेदों के मंत्रों, सूक्तों को, संहिता रूप से पिरो दिया पुराण अठारह उप-पुराण में, वेदों का विस्तार किया महाभारत द्वारा भारत का, सांस्कृतिक कोष निर्माण किया साहित्य समृद्ध इतना उनका, गुरु पद से उनको मान दिया भगवान व्यास के हम कृतज्ञ, उनको […]
Aaj Sakhi Raghav Ki Sudhi Aai
स्मृति आज सखि! राघव की सुधि आई आगे आगे राम चलत है, पीछे लक्ष्मण भाई इनके बीच में चलत जानकी, चिन्ता अधिक सताई सावन गरजे भादों बरसे,पवन चलत पुरवाई कौन वृक्ष तल भीजत होंगे, राम लखन दोउ भाई राम बिना मोरी सूनी अयोध्या, लक्ष्मण बिन ठकुराई सीता बिन मोरी सूनी रसोई, महल उदासी छाई
Aaj Ki Bela Sukhkari
श्री श्री राधा प्राकट्य आज की बेला सुखकारी प्रगट भई वृषभानु-नंदिनी, कीरति प्राण-पियारी गावत सभी बधाई हिलमिल, बरसाने की नारी अत्यधिक, आनंद महल में बरनत रसना हारी नौबत बजत और शहनाई, नाचत सखियाँ सारी नंद यशोदा सुनसुख पायें, हरषे हिय में भारी भादौ मास, गगन घन छाये, बिजुरी चमके न्यारी चहुँ ओर है खुशियाँ छाई, […]
Aaj Ayodhya Ki Nagari Main
अयोध्या में शिव आज अजोध्या की नगरी में, घूमे जोगी मतवाला अलख निरंजन खड़ा पुकारे, देखूँगा दशरथ-लाला शैली सिंगी लिये हाथ में, अरु डमरू त्रिशूल लिये छमक छमा-छम नाचे जोगी, दरसन की मन चाह लिये पग के घुँघरू रुनझुन बाजे, शोभा अतिशय मन हारी बालचन्द्र मस्तक पे राजे, सर्पों की माला धारी अंग भभूत रमाये […]