Bhagwan Radha Krishna Karuna Kar

प्रार्थना भगवान् राधाकृष्ण करुणा कर मुझे अपनाइये संसार-सागर में पड़ा, अविलम्ब आप बचाइये धन बंधु बांधव मोह माया, जाल में हूँ मैं फँसा आसक्ति से कर मुक्त, जीवन पर सुधा बरसाइये प्रभु दोष मेरे अनगिनत, अपराध का भण्डार हूँ गति हीन, साधन हीन के, सब क्लेश कष्ट निवारिये मैं प्रिया प्रियतम राधिका श्री कृष्ण का […]

Bhagwan Krishna Lilamrut Ka

ब्रह्माजी का भ्रम भगवान् कृष्णलीलामृत का, हम तन्मय होकर पान करें ब्रह्मा तक समझ नहीं पाये, उन सर्वात्मा का ध्यान धरें यमुनाजी का रमणीय-पुलीन, जहाँ ग्वाल बाल भी सँग में हैं मंडलाकार आसीन हुए, भगवान् बीच में शोभित हैं बछड़े चरते थे हरी घास, मंडली मग्न थी भोजन में भगवान कृष्ण की लीला से, ब्रह्मा […]

Bhagwan Krishna Ke Charno Main

स्तुति भगवान् कृष्ण के चरणों में, मैं करूँ वंदना बारंबार जो प्राणि-मात्र के आश्रय हैं, भक्तों के कष्ट वही हरतें ब्रह्मादि देव के भी स्वामी, मैं करूँ प्रार्थना बारंबार जो आदि अजन्मा भी यद्यपि हैं, पर विविध रूप धारण करते पृथ्वी पर लीलाएँ करते, मैं करूँ स्तवन बारंबार जब संकट से हम घिर जाते, करूणानिधि […]

Jane Kya Jadu Bhara Hua Shri Krishna Aapki Gita Main

गीताजी की महिमा जाने क्या जादू भरा हुआ, श्रीकृष्ण आपकी गीता में जब शोक मोह से घिर जाते, गीता संदेश स्मरण करते, उद्धार हमारा ही इसमें, भगवान आपकी गीता में निगमागम का सब सार भरा, संकट से यह उबार लेती नित अमृत का हम पान करें, हे श्री कृष्ण आपकी गीता में है कर्म, भक्ति […]

Krishna Radhika Radha Krishna

युगल स्वरूप कृष्ण राधिका, राधा कृष्ण, तत्व रूप से दोनों एक राधे श्याम, श्याम राधिके, भिन्न तथापि अभिन्न विवेक राधामय जीवन ही कृष्ण का, कृष्णचन्द्र ही जीवन रूप ऐकमेकता दिव्य युगल की, सदा एकरस तत्व अनूप दो के बिना न संभव होता, वितरण लीला का आस्वाद इसीलिये तो तन-मन से वे, लीला करते-निर्विवाद नित्य नया […]

Krishna Priya Jamuna Maharani

श्री यमुना स्तवन कृष्ण-प्रिया जमुना महारानी श्यामा वर्ण अवस्था षोडश सुन्दर रूप न जाय बखानी नयन प्रफुल्लित अम्बुज के से, नुपूर की झंकार सुहानी नीली साड़ी शोभित करधनी मोतियन माल कण्ठ मनभानी स्वर्ण रत्न निर्मित दो कुण्डल, दिव्य दीप्ति जिसकी नहीं सानी आभूषण केयूर आदि की,असीमित शोभा सुखद सुहानी देवी का सौन्दर्य मनोहर, धरे हृदय […]

Jo Tu Krishna Nam Dhan Dharto

नाम महिमा जो तूँ कृष्ण नाम धन धरतो अब को जनम आगिलो तेरो, दोऊ जनम सुधरतो जन को त्रास सबै मिटि जातो, भगत नाँउ तेरो परतो ‘सूरदास’ बैकुण्ठ लोक में, कोई न फेंट पकरतो

Krishna Katha Nit Hi Sune

सदुपदेश कृष्ण-कथा नित ही सुनें, श्रद्धा प्रेम बढ़ाय जो भी वस्तु परोक्ष हो, सुनें ध्यान में आय नेत्र-कोण की लालिमा, मन्द मन्द मुस्कान वस्त्राभूषण प्रीतिमा, मोहन का हो ध्यान श्रीहरि के माहात्म्य का, करे नित्य ही गान सुदृढ़ प्रेम उन से करें, माधुरी का रस-पान श्रवण, कीर्तन, भजन हो, स्वाभाविक हरि-ध्यान विषयों में रुचि हो […]

Kar Chintan Shri Krishna Ka

श्री राधाकृष्ण कर चिन्तन श्रीकृष्ण का, राधावर का ध्यान अमृत ही अमृत झरे, करुणा-प्रेम निधान जप तप संयम दान व्रत, साधन विविध प्रकार श्रीकृष्ण से प्रेम ही, निगमागम का सार कृष्ण कृष्ण कहते रहो, अमृत-मूरि अनूप श्रुति-शास्त्र का मधुर फल, रसमय भक्ति स्वरूप श्रीराधा की भक्ति में निहित प्यास का रूप आदि अन्त इसमें नहीं, […]

Kab Aaoge Krishna Murare

प्रतीक्षा कब आओगे कृष्ण मुरारे, आस में बैठी पंथ निहारूँ सूरज डूबा साँझ भी आई, दर पे खड़ी हूँ आस लगाये रात हुई और तारे निकले, कब आओगे कृष्ण मुरारे आधी रात सुनसान गली है, मैं हूँ अकेली गगन में तारे जागा सूरज सोए तारे, कब आओगे कृष्ण मुरारे भोर भई जग सारा जागा, हुआ […]