Jivan Main Har Nahi Mane
पराजय जीवन में हार नहीं माने घबराये नहीं विषमता से, आती हमको वे चेताने जो गुप्त सुप्त शक्ति हममें, उसको ही वह जागृत करने प्रतिकूल परिस्थिति आती है, एक बार पुन: अवसर देने जब तक ये प्राण रहे तन में, कठिनाई जीते हमें नहीं हम आश्रय ले परमात्मा का, आखिर में जीतेंगे हम ही
Braj Main Ghar Ghar Bajat Badhai
श्री राधा प्राकट्य ब्रिज में घर घर बजत बधाई अतिशय रूप निरख कन्या का माँ कीरति है हर्षाई सकल लोक की सुंदरता, वृषभानु गोप के आई जाको जस सुर मुनी सब कोई, भुवन चतुर्दश गाई नवल-किशोरी गुन निधि श्यामा, कमला भी ललचाई प्रगटे पुरुषोत्तम श्री राधा द्वै विधि रूप बनाई
Biraj Main Holi Ki Hai Dhum
होली बिरज में होली की है धूम लेकर हाथ कनक पिचकारी, यहाँ खड़ें हैं कृष्ण मुरारी, उतते आई गोपकुमारी, पकड़ लियो झट से बनवारी मुख पर मल दी तभी गुलाल, बिरज में होली है अब आई वृजभानु-दुलारी, और साथ में सखियाँ न्यारी, घेर लियो फिर नँद-नंदन को, पहना दी रेशम की सारी रंग दियो श्याम […]
Biraj Main Holi Khelat Nandlal
होली बिरज में होरी खेलत नँदलाल ढोलक झाँझ मँजीरा बाजत, सब सखियाँ मिल होरी गावत, नाचत दे दे ताल भर भरके पिचकारी मारत, भीजत है ब्रज के नर नारी, मुग्ध भई ब्रज-बाल धरती लाल, लाल भयो अम्बर, लाल राधिका, लालहि नटवर, उड़त अबीर गुलाल होरी खेलत है कुँवर कन्हाई, जमुना तट पर धूम मचाई, क्रीड़ा […]
Badhai Se Nahi Phulo Man Main
प्रशंसा बड़ाई से नहिं फूलों मन में ध्यान न रहता जो भी खामियाँ, रहती हैं अपने में काम प्रशंसा का जब होए, समझो कृपा प्रभु की याद रहे कि प्रशंसा तो बस, मीठी घूँट जहर की नहीं लगाओ गले बड़ाई, दूर सदा ही भागो होगी श्लाघा बड़े बनोगे, सपने से तुम जागो
Prabhu Ji Main To Tharo Hi Tharo
समर्पण (राजस्थानी) प्रभुजी मैं तो थारो ही थारो भलो बुरो जैसो भी हूँ मैं, पर हूँ तो बस थारो बिगड्यो भी तो थारो बिगड्यो, थे ही म्हने सुधारो म्हारी बात जाय तो जाये, नाम बिगड़ सी थारो चाहे कहे म्हने तो बिगडी, विरद न रहसी थारो जँचे जिस तरे करो नाथ, थे मारो चाहे तारो […]
Prabhu Ji Main Jagat Dekh Bharmaya
भ्रम की दुनिया प्रभुजी, मैं जगत् देख भरमाया किया अनुग्रह आप ही ने तो तब तो मनुज योनी में आया भूल गया उपकार किन्तु मैं, किया सदा मन भाया घट-घट वासी आप ही स्वामी, तथ्य समझ में आया तेरी मेरी करके फिर भी, यूँ ही समय बिताया वैभव देख दूसरों का मन मेरा भी ललचाया […]
Purushartha Kiya Gat Jivan Main
पुरुषार्थ पुरुषार्थ किया गत जीवन में, प्रारब्ध वही तो होता है जो आज करें हम कर्म वही, कल का भविष्य हो जाता है आवश्यक हम सत्कार्य करे, तत्क्षण फल की आशा न करें भगवान् कृष्ण भी अर्जुन को, ये ही उपदेश प्रदान करें कहीं होनहार की आड़ लिये, हम अकर्मण्य नहीं हो जाये कर्तव्य-कर्म हम […]
Naitik Aachar Ho Jivan Main
मर्यादा नैतिक आचार हो जीवन में सम्माननीय वह व्यक्ति जो मर्यादित जीवन ही जीये सार्थक जीना तो उसका ही परहित के जिसने कार्य किये हमको शरीर जो प्राप्त हुआ, वरदान प्रभु से मिला यही पालन हो सत्य अहिंसा का, हरि नाम स्मरण आवश्यक ही जहाँ प्राणिमात्र प्रति प्रेम रहे, है धन्य धन्य व्यक्ति ऐसा भोगों […]
Nayan Main Daro Mati Gulal
होली नयन में डारो मती गुलाल, तिहारे पाँय परत नन्दलाल अंतर होत पिया दरसन में, बिन दरसन बेहाल कनक बेलि वृषभानु-नन्दिनी, प्रीतम स्याम तमाल ऋतु बसंत वृंदावन फूल्यो, नाचत गोपी ग्वाल वेणु बजावे मधुरे गावे, नाना विधि दे ताल ‘रामदास’ प्रभु गिरिधर नागर, पिक रंग सोहे गाल