Karat Shrangar Maiya Man Bhavat
श्रृंगार करत श्रृंगार मैया मन भावत शीतल जल तातो करि राख्यो, ले लालन को बैठ न्हवावत अंग अँगोछ चौकी बैठारत, प्रथमही ले तनिया पहरावत देखो लाल और सब बालक, घर-घर ते कैसे बन आवत पहर्यो लाल झँगा अति सुंदर, आँख आँज के तिलक बनावत ‘सूरदास’, प्रभु खेलत आँगन, लेत बलैंया मोद बढ़ावत
Maiya Mori Main Nahi Makhan Khayo
माखन चोरी मैया मोरी मैं नहिं माखन खायौ भोर भयो गैयन के पाछे, मधुवन मोहि पठायौ चार पहर वंशीवट भटक्यो, साँझ परे घर आयौ मैं बालक बहियन को छोटो, छींको केहि विधि पायौ ग्वाल-बाल सब बैर परे हैं, बरबस मुख लपटायौ तू जननी मन मन की अति भोरी, इनके कहे पतियायौ जिय तेरे कछु भेद […]
Maiya Mori Kamar Koun Lai
बाल क्रीड़ा मैया ! मोरी कामर कौन लई गाय चरावन जात वृन्दावन, खरिक में भाज गई एक कहे तोरि कारी कमरिया, जमुना में जात बही एक कहे तोरी कामर देखी, सुरभी खाय गई एक कहे नाचौ हम आगे, कामर देहु नई ‘सूरदास’ प्रभु जसुमति आगे, अँसुवन धार बही
Maiya Main Nahi Makhan Khayo
माखन चोरी मैया मैं नहिं माखन खायौ ख्याल परे ये सखा सबै मिलि, मेरे मुख लपटायौ देखि तुही सींके पर भाजन, ऊँचे धरि लटकायौ हौ जु कहत, नन्हें कर अपने, मैं कैसे करि पायौ मुख दधि पौंछि बुद्धि इक कीन्हीं, दोना पीठि दुरायौ डारि साट मुसकाई जसोदा, स्यामहिं कण्ठ लगायौ बाल विनोद मोद मन मोह्यो, […]
Maiya Main To Chand Khilona
कान्हा की हठ मैया, मैं तौ चंद-खिलौना लैहौं जैहौं, लोटि धरनि पर अबहीं, तेरी गोद न ऐहौं सुरभी कौ पे पान न करिहौं, बेनी सिर न गुहैहौं ह्वैहौं पूत नंद बाबा कौ, तेरौ सुत न कहैहौं आगै आउ, बात सुनि मेरी, बलदेवहि न जनैहौं हँसि समुझावति, कहति जसोमति, नई दुल्हनिया दैहौं तेरी सौं, मेरी सुनि […]
Maiya Gai Charawan Jehon
गौ-चारण मैया ! गाइ चरावन जैहौ तू कहि महर नंदबाबा सौं, बड़ौ भयौ न डरैहौं रैता, पैता, मना, मनसुखा, हलधर संगहि रैहौं बंसीबट पर ग्वालिन कै संग, खेलत अति सुख पैहौं मैया, भोजन दै दधि काँवरि, भूख लगे तैं खैहौं ‘सूरदास’ है साखि जमुन-जल, सौंह देहु जु नहैहौं
Maiya Kabahi Badhegi Choti
बालकृष्ण माधुर्य मैया, कबहिं बढ़ैगी चोटी किती बार मोहि दूध पियत भई, यह अजहूँ है छोटी तू जो कहति बल की बेनी ज्यौं, ह्वै है लाँबी मोटी काढ़त गुहत नहावत पोंछत, नागिन सी भ्वै लोटी काचो दूध पिवावति पचि पचि, देति न माखन रोटी ‘सूरदास’ चिरजीवौ दोउ भैया, हरि-हलधर की जोटी
Bal Krishna Kahe Maiya Maiya
माँ का स्नेह बालकृष्ण कहे मैया मैया नन्द महर सौं बाबा-बाबा, अरु हलधर सौं भैया ऊँचे चढ़ि-चढ़ि कहति जसोदा, लै लै नाम कन्हैया दूर खेलन जनि जाहु ललारे, मारेगी कोउ गैया गोपी ग्वाल करत कौतूहल, घर-घर बजत बधैया ‘सूरदास’ प्रभु तुम्हरे दरस को, चरणनि की बलि जैया
Kahan Lage Mohan Maiya Maiya
कहन-लागे-मोहन मैया मैया नंद महर सौ बाबा-बाबा, अरु हलधर सौं भैया ऊँचे चढ़ि चढ़ि कहति जसोदा, लै लै नाम कन्हैया दूर खेलन जिनि जाहु लला रे, मारेगी कोउ गैया गोपी-ग्वाल करत कौतूहल, घर घर बजति बधैया ‘सूरदास’ प्रभु तुम्हे दरस कौ, चरननि की बलि जैया