Karahu Man Nandnandan Ko Dhyan

प्रबोधन करहुँ मन, नँदनंदन को ध्यान येहि अवसर तोहिं फिर न मिलैगो, मेरो कह्यो अब मान अन्तकाल की राह देख मत, तब न रहेगो भान घूँघरवाली अलकैं मुख पर, कुण्डल झलकत कान मोर-मुकुट अलसाने नैना, झूमत रूप निधान दिव्य स्वरुप हृदय में धरले करहुँ नित्य प्रभु गान

Tan Man Se Gopiyan Priti Kare

व्यथित गोपियाँ तन मन से गोपियाँ प्रीति करें, यही सोच कर प्रगटे मोहन कटि में पीताम्बर वनमाला और मोर मुकुट भी अति सोहन कमनीय कपोल, मुस्कान मधुर, अद्वितीय रूप मोहन का था उत्तेजित कर तब प्रेम भाव जो परमोज्ज्वल अति पावन था वे कण्ठ लगे उल्लास भरें, श्रीकृष्ण करें क्रीड़ा उनसे वे लगीं सोचने दुनियाँ […]

Tan Man Pe Manhar Ne Rang Diyo Dar

होली तन मन पे मनहर ने रंग दियो डार गात सखी पल भर में मेरा भिगोया, चीर दियो फार पीछे से छुपके आये और लियो प्यार मैं क्या से क्या हो गई, वो कुछ न सकी जान नैनो में नैन डाल, लूट लियो प्रान होली फिर गाने लगा, हृदय का तार हाथों में रंग रहा, […]

Chalo Man Kalindi Ke Tir

कालिंदी कूल चलो मन कालिन्दी के तीर दरशन मिले श्यामसुन्दर को, हरे हिये की पीर तरु कदम्ब के नीचे ठाड़े, कूजत कोयल कीर अधर धरे मुरली नट-नागर, ग्वाल बाल की भीर मोर-मुकुट बैजंती माला, श्रवणन् लटकत हीर मन्द मन्द मुस्कान मनोहर, कटि सुनहरो चीर रास विलास करे मनमोहन, मन्थर बहे समीर शोभित है श्री राधा-माधव, […]

Chalo Man Shri Vrindavan Dham

राधा कृष्ण चलो मन श्री वृन्दावन धाम किसी कुंज या यमुना-तट पे, मिल जायेंगे श्याम सुन्दर छबिमय मोर-मुकुट में, सातो रंग ललाम वही सुनहरे पीत-वसन में, शोभित शोभा-धाम वनमाला के सुमन सुमन में, सुलभ शुद्ध अनुराग और बाँसुरी की सुर-धुन में, राधा का बस राग सुन्दरियों संग रास रमण में, प्रेम ज्योति अभिराम राधा दीखे […]

Chapal Man Sumiro Avadh Kishor

राम स्मरण चपल मन सुमिरो अवध किशोर चन्द्रवदन राजीव नयन प्रभु, करत कृपा की कोर मेघ श्याम तन, पीत वसन या छबि की ओर ने छोर शीश मुकुट कानों में कुण्डल, चितवनि भी चितचोर धनुष बाण धारे प्रभु कर में, हरत भक्त भय घोर चरण-कमल के आश्रित मैं प्रभु, दूजो कोई न मोर

Chanchal Man Ko Vash Me Karna

मनोनिग्रह चंचल मन को वश में करना दृढ़ता से साधन अपनायें, पूरा हो यह सपना भोगों में दुख दोष को देखें, तृष्णा मन की त्यागें भाव रहे समता परहित का, राग द्वेष सब भागें प्रभु के यश का करें कीर्तन, ध्यान मानसिक पूजा शरणागत हो चरण-कमल में, भाव रहे नहीं दूजा प्राणायाम करें नियम से, […]

Gayo Man Shyam Sang Hi Bhag

श्याम रंग गयो मन श्याम संग ही भाग मुरली की धुन पड़ी कान में, मन उमग्यो अनुराग अधर-सुधा-रस भरी सुनाई, दिव्य मधुरतम राग मधुर मिलन की गोपीजन मन, उठी कामना जाग कैसा प्रबल प्रेम है इनका, जग से हुआ विराग दर्शन जिसको मिले श्याम का, उसका ही बड़भाग श्रुतियाँ ढूँढ रहीं हैं जिनको, पाये न […]

Kirtan Se Man Shanti Pate

कीर्तन महिमा कीर्तन से मन:शांति पाते प्रभु के स्वरूप का चिन्तन हो, आनन्दरूप मन में आते अनुभूति प्रेम की हो जाये, तो भक्ति स्वतः मिल जाती है अपनापन होने से ही तो, माँ हमको प्यारी लगती है तन्मयता से जब कीर्तन हो, तो हरि से लौ लग जायेगी सब छुट जायेगा राग द्वेष, प्रभु-प्रीति ही […]

Din Dukhi Bhai Bahano Ki Seva Kar Lo Man Se

जनसेवा दीन दुःखी भाई बहनों की सेवा कर लो मन से प्रत्युपकार कभी मत चाहो, आशा करो न उनसे गुप्त रूप से सेवा उत्तम, प्रकट न हो उपकार बनो कृतज्ञ उसी के जिसने, सेवा की स्वीकार अपना परिचय उसे न देना, सेवा जिसकी होए सेवा हो कर्तव्य समझ कर, फ लासक्ति नहीं होए परहित कर्म […]