Rishi Muni Sab Dev Pukar Rahe

परब्रह्म श्रीकृष्ण ऋषि मुनि सब देव पुकार रहे, श्रीकृष्ण हरे गोविन्द हरे उन विश्वंद्य का संकीर्तन हो आर्तवाणि से दु:ख टरे असुरों के अत्याचारों से, हो रहा घना था धर्म-नाश सब देव गये गोलोक धाम, जो है प्रसिद्ध श्रीकृष्ण-वास इक दृश्य अलौकिक वहाँ देख, आश्चर्य चकित सब देव हुए नारायण, नरसिंह, राम, हरि, श्री कृष्ण-तेज […]

Nirbal Ke Pran Pukar Rahe Jagdish Hare

जगदीश स्तवननिर्बल के प्राण पुकार रहे, जगदीश हरे जगदीश हरेसाँसों के स्वर झंकार रहे, जगदीश हरे जगदीश हरेआकाश हिमालय सागर में, पृथ्वी पाताल चराचर मेंये शब्द मधुर गुंजार रहे, जगदीश हरे जगदीश हरेजब दयादृष्टि हो जाती है, जलती खेती हरियाती हैइस आस पे जन उच्चार रहे, जगदीश हरे जगदीश हरेतुम हो करुणा के धाम सदा, […]