Priti Pagi Shri Ladili Pritam Shyam Sujan

युगल से प्रीति प्रीति पगी श्री लाड़िली, प्रीतम स्याम सुजान देखन में दो रूप है, दोऊ एक ही प्रान ललित लड़ैती लाड़िली, लालन नेह निधान दोउ दोऊ के रंग रँगे, करहिं प्रीति प्रतिदान रे मन भटके व्यर्थ ही, जुगल चरण कर राग जिनहिं परसि ब्रजभूमि को, कन कन भयो प्रयाग मिले जुगल की कृपा से, […]

Rup Rasi Shri Radha Rani

श्री राधा रूपरासि श्री राधा रानी मोहन की मन मोहिनि भामिनि, सखियन की स्वामिनी सुखदानी कनक कान्ति कमनीय कलेवर, तापै नील निचोल सुहानी चंद्रवदन पे चारु चन्द्रिका, चहुँ दिसि अहो छटा छिटकानी कनक करधनी सोहै अनुपम, रतन जटित नहिं जात बखानी पायन की पायल की रुनझुन, सुनि मुनिजन की मति बौरानी मोहन हूँ की सोहनी […]

Vando Shri Radha Charan

युगल स्वरूप झाँकी वन्दौं श्री राधाचरन, पावन परम उदार भय विषाद अज्ञानहर, प्रेम भक्ति दातार रास-बिहारिनि राधिका, रासेश्वर नँद-लाल ठाढ़े सुंदरतम परम, मंडल रास रसाल मधुर अधर मुरली धरे, ठाढ़े स्याम त्रिभंग राधा उर उमग्यौ सु-रस रोमांचित अँग-अंग विश्वविमोहिनी श्याम की, मनमोहिनि रसधाम श्याम चित्त उन्मादिनी, राधा नित्य ललाम परम प्रेम-आनंदमय, दिव्य जुगल रस-रूप कालिंदी-तट […]

Adbhut Shri Vrindavan Dham

वृन्दावन धामअद्भुत श्री वृन्दावन धाम यमुनाजी की धारा बहती, केलि राधिका श्याम मुरली की ध्वनि मधुर गूँजती और नाचते मोर इकटक निरख रहे पशु पक्षी, नटवर नन्द-किशोर बंशी स्वर, मयूर नृत्य में, स्पर्धा रुचिकारी पाँख मोर की निकल पड़ी, तो मोहन सिर पर धारी राधारानी के मयूर की, भेंट मिली कान्हा को इसीलिये सहर्ष श्याम […]

Avtar Hum Shri Raghav Ka

श्रीराम प्राकट्य अवतार हुआ श्री राघव का, तो चैत्र-मास की नवमी थी मौसम सुहावना सुखकारी, तब ऋतु बसंत छवि छाई थी आनन्द विभोर अयोध्या थी, उन्मुक्त तरंगें सरयू की हर्षातिरेक से भरी हुई, यह स्थिति मात कौसल्या की चौथेपन में बेटा पाया, कोसलाधीश को हर्ष हुआ मन चाहीं भेंट मिली सबको, नाचें गायें दें सभी […]

Anand Kand Shri Krishna Chandra

श्रीकृष्ण सौन्दर्य आनन्दकन्द श्री कृष्णचन्द्र, सिर मोर-मुकुट की छवि न्यारी मुसकान मधुर चंचल चितवन, वह रूप विलक्षण मनहारी कटि में स्वर्णिम पीताम्बर है, शोभा अपूर्व अति सुखकारी जो कामकला के सागर हैं, नटनागर यमुना-तट चारी वंशी की मधुर ध्वनि करते, संग में श्री राधा सुकुमारी गोवर्धन धारण की लीला, वर्णनातीत अति प्रियकारी कालियानाग के मस्तक […]

Shri Guru Charan Saroj Raj – Hanuman Chalisa

हनुमान चालीसा दोहा – श्री गुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुर सुधारि बरनउँ रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार बल बुद्धि विद्या देहु मोहि, हरहु कलेस विकार चौपाई – जय हनुमान ज्ञान गुन सागर, जय कपीस तिहुँ लोक उजागर राम दूत अतुलित बल धामा, अंजनि पुत्र पवन सुत […]

Omkar Rup Shri Gajanan

श्री गणपति वन्दन ओंकार (ॐ) रूप श्री गजानन, प्रत्यक्ष तत्व ब्रह्म स्वरूप कर्ता, धर्ता एवं हर्ता, भगवान् आपके कर्इं रूप तीनों गुण से हो परे आप, योगीजन जिनका ध्यान धरें प्रभु वक्र-तुण्ड लम्बोदर हैं, जो सुमिरें उनका विघ्न टरें ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र, जो जपे कामना सिद्ध करें जो लाल पुष्प द्वारा पूजे, उनके […]

Kapiraj Shri Hanuman Ka

श्री हनुमान कपिराज श्री हनुमान का है वर्ण सम सिन्दूर के ललाट पर केशर तिलक, हाथों में वज्र ध्वजा गही अनुराग भारी झलकता, दो नयन से महावीर के गल-माल तुलसी की ललित, मुस्कान मुख पे खिल रही वे ध्यान में डूबे हुए, रघुकुल-तिलक श्री राम के पुलकायमान शरीर है, अद्भुत छटा है छा रही वे […]

Kar Chintan Shri Krishna Ka

श्री राधाकृष्ण कर चिन्तन श्रीकृष्ण का, राधावर का ध्यान अमृत ही अमृत झरे, करुणा-प्रेम निधान जप तप संयम दान व्रत, साधन विविध प्रकार श्रीकृष्ण से प्रेम ही, निगमागम का सार कृष्ण कृष्ण कहते रहो, अमृत-मूरि अनूप श्रुति-शास्त्र का मधुर फल, रसमय भक्ति स्वरूप श्रीराधा की भक्ति में निहित प्यास का रूप आदि अन्त इसमें नहीं, […]