रामनाम महिमा
पावन प्रेम राम-चरन-कमल जनम लाहु परम
राम-नाम लेत होत, सुलभ सकल धरम
जोग, मख, विवेक, बिरति, वेद-विदित करम
करिबे कहुँ कटु कठोर, सुनत मधुर नरम
‘तुलसी’ सुनि, जानि बूझि, भूलहि जनि भरम
तेहि प्रभु को होहि, जाहि सबही की सरम

One Response

  1. मीनिंग इन हिंदी प्लीज

    कृपया इस भजन का अर्थ समझाइए

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