Thara Darsan Kis Vidh Paaun Sanwariya
दरस लालसा थारा दरसन किस विध पाऊँ साँवरिया, औगुण की मैं खान बाल अवस्था खेल गँवाई, तरुणाई अभिमान यूँ ही जीवन खोय दियो मैं, डूब्यो झूठी शान लग्यो रह्यो स्वारथ में निस दिन, सुख वैभव की बान मात-पिता गुरु से मुख मोड्यो, कियो नहीं सनमान साँच झूठ कर माया जोड़ी थारो कियो न गान साधू-संगत […]
Thali Bhar Kar Lai Main Khicado
नैवेद्य अर्पण थाली भरकर लाई मैं खीचड़ो, ऊपर घी की वाटकी जीमो म्हारा कृष्ण कन्हाई, जिमावै बेटी जाट की बापू म्हारो गाँव गयो है, न जाणे कद आवेगो बाट देख बैठ्या रहणे से, भूखो ही रह जावेगो आज जिमाऊँ थने खीचड़ो, काल राबड़ी छाछ की जीमो म्हारा कृष्ण कन्हाई, जिमावें बेटी जाट की बार-बार पड़दो […]
The To Aarogo Ji Madan Gopal
दुग्ध अर्पण थे तो आरोगोजी मदनगोपाल! कटोरो ल्याई दूध को भर्यो दूधाजी दीनी भोलावण, जद में आई चाल धोली गाय को दूध गरम कर, ल्याई मिसरी घाल कईयाँ रूठ गया हो म्हारा नाथ! कटोरो…. कद ताई रूठ्या रोगा थे बोलो जी महाराज दूध-कटोरो धर्यो सामने, पीवणरी काँई लाज भूखा मरता तो चिप जासी थारा चिकणा […]
Din Vyartha Hi Bite Jate Hain
चेतावनी दिन व्यर्थ ही बीते जाते हैं जिसने मानव तन हमें दिया, उन करुणा निधि को भुला दिया जीवन की संध्या वेला में हम ऐसे ही पछताते हैं घर पुत्र मित्र हे भाई मेरा, माया में इतना उलझ गया धन हो न पास, जर्जर शरीर, ये कोई काम न आते हैं दुनियादारी गोरख धंधा, आकण्ठ […]
Din Dukhi Bhai Bahano Ki Seva Kar Lo Man Se
जनसेवा दीन दुःखी भाई बहनों की सेवा कर लो मन से प्रत्युपकार कभी मत चाहो, आशा करो न उनसे गुप्त रूप से सेवा उत्तम, प्रकट न हो उपकार बनो कृतज्ञ उसी के जिसने, सेवा की स्वीकार अपना परिचय उसे न देना, सेवा जिसकी होए सेवा हो कर्तव्य समझ कर, फ लासक्ति नहीं होए परहित कर्म […]
Dulha Ban Aaya Tripurari
शिव विवाह (राजस्थानी) दूल्हा बणआया त्रिपुरारी पारबती की सखियाँ प्यारी, गावे हिलि मिलि गारी भसम रमाय बाघंबर पहर्यो, गल मुण्डमाला धारी हाथ त्रिशूल बजावत डमरू, नंदी की असवारी भूत पिशाच बराती बणग्या, नाचै दै दै तारी सरप करे फुंकार कण्ठ में, डरप रह्या नर नारी सीस जटा बिच गंगा विहरे, भाल चाँद छबि न्यारी निरखत […]
Duniya Main Kul Saat Dwip
भारतवर्ष दुनियाँ में कुल सात द्वीप, उसमें जम्बू है द्वीप बड़ा यह भारतवर्ष उसी में है, संस्कृति में सबसे बढ़ा चढ़ा कहलाता था आर्यावर्त, प्राचीन काल में देश यही सम्राट भरत थे कीर्तिमान, कहलाया भारतवर्ष वही नाभिनन्दन थे ऋषभदेव, जिनमें यश, तेज, पराक्रम था वासना विरक्त थे, परमहंस, स्वभाव पूर्णतः सात्विक था सम्राट भरत इनके […]
Dushton Ka Sang Na Kabhi Karen
दुष्टों का संग दुष्टों का संग न कभी करें आचार जहाँ हो निंदनीय, मन में वह कलुषित भाव भरें दुष्कर्मी का जहँ संग रहे, सद्गुण की वहाँ न चर्चा हो क्रोधित हो जाता व्यक्ति तभी, विपरीत परिस्थिति पैदा हो होता अभाव सद्बुद्धि का, मानवता वहाँ न टिक पाती अभिशप्त न हो मानव जीवन, अनुकम्पा प्रभु […]
Dudh Piwat Shyam Sundar
दुग्ध सेवा दूध पीवत श्याम सुन्दर, प्राण प्यारी साथ कनक प्यालो दूध को भर, दियो ललिता हाथ पुलकित हो पीवत दोऊ, मुग्ध अति सुहात लाड़िली और लाल मोहन, हँसत नहीं अघात स्याम स्यामा की-छबि पे गोपियाँ बलि जात
Devi Doshon Ka Daman Kare
देवी चरित्र देवी दोषों का दमन करे करती कृपा सदा भक्तों पर, उनके कष्ट हरे नष्ट करें दुष्टो को माता, कर त्रिशूल धरे मूल प्रकृति से सृष्टि का सृजन, ये भी आप करे चन्द्रवदनी माँ दिव्याभूषण, वस्त्र धरे रति लाजे वे ही तो हिमाचल की पुत्री जो, शिव वामांग विराजै महिषासुर निशुम्भ शुम्भ का भी, […]