Chahta Jo Param Sukh Tu

नाम जप चाहता जो परम सुख तूँ, जाप कर हरिनाम का परम पावन परम सुन्दर, परम मंगल धाम का हैं सभी पातक पुराने, घास सूखे के समान भस्म करने को उन्हें, हरि नाम है पावक महान जाप करते जो चतुर नर, सावधानी से सदा वे न बँधते भूलकर, यम-पाश दारुण में कदा साथ मिलकर प्रेम […]

Chahe Puja Path Stavan Ho

कर्तव्य निष्ठा चाहे पूजा पाठ स्तवन हो, सब नित्य कर्म के जैसा ही मन में श्रद्धा तन्मयता हो, तब उपादेय होता वोही हम आँखे खोल तनिक देखें, कुछ भला कार्य क्या कर पाये बस माया मोह में फँसे रहे, दिन रात यूँ ही बीता जाये पूजन में जो नहीं बसे देव तो उसे छोड़ कर […]

Dhwast Kiya Haygriv Detya

दशावतार ध्वस्त किया हयग्रीव दैत्य और वेदों का भी उद्धार मत्सत्य रूप धार्यो नारायण, जय जगदीश हरे पृथ्वी को जल पर स्थिर की, हिरण्याक्ष को मारा शूकर रूप धर्यो नारायण, जय जगदीश हरे हिरण्यकाशीपु का नाश हुआ, भक्त प्रहलाद की रक्षा की नरसिंह रूप धर्यो नारायण, जय जगदीश हरे अमृत से वंचित हुए असुर देवों […]

Garharsthya Dharma Sarvottam Hi

गृहस्थ जीवन गार्हस्थ्य धर्म सर्वोत्तमही इन्द्रिय-निग्रह व सदाचार, अरु दयाभाव स्वाभाविक ही सेवा हो माता पिता गुरु की, परिचर्या प्रिय पति की भी हो ऐसे गृहस्थी पर तो प्रसन्न, निश्चय ही पितर देवता हो हो साधु, संत, सन्यासी के, जीवनयापन का भी अधार जहाँ सत्य, अहिंसा, शील तथा, सद्गुण का भी निश्चित विचार  

Gopiyan Dhundh Rahi Mohan Ko

अनुराग गोपियाँ ढूँढ रही मोहन को हम भटक रही है वन में, प्रिय दर्शन दे दो हमको वह प्रेम भरा आलिंगन, मनमोहक प्यारी चितवन तो लगीं गर्व हम करने, त्रुटि हमसे हुई बिहारी हे पीपल, आम, चमेली! चितचोर कहाँ क्या देखा! तुम हमको मार्ग बता दो,हम दुःखी हैं ब्रजनारी तब चरणचिन्ह गोविन्द के, वें देख […]

Ghanshyam Bulawe Radha

हिंडोला (राजस्थानी) घनश्याम बुलावे राधा, थे झूलण चालो बाग में मलय-चँदन को बन्यो हिंडोलो, बँधी रेशमी डोर झूलो आप झुलावे मोहन, नाच रह्यो मन-मोर सजधज आई बाग में राधा, कण्ठ फूल को हार चम्पा, जूही और चमेली, शीतल बहे बयार दादुर, मोर, पपीहा बोले, पीव पीव करे पुकार शिव, ब्रह्मा सनकादिक निरखे, कोई न पायो […]

Ghanshyam Mujhe Apna Leo

शरणागति घनश्याम मुझे अपना लेओ, मैं शरण तुम्हारे आन पड़ी मैंने मात, पिता घर बार तजे, तो लोग कहें मैं तो बिगड़ी अब छोड़ सभी दुनियादारी, मैं आस लगा तेरे द्वार खड़ी यौवन के दिन सब बीत गये, नहिं चैन मुझे अब एक घड़ी हे प्राणेश्वर, हे मुरलीधर, मुझको है तुमसे आस बड़ी वह नयन […]

Baje Baje Muraliya Baje

बाजे बाजे मुरलिया बाजे वृन्दावन में तरू कदम्ब तल, राधे श्याम बिराजे अद्भुत शोभा दिव्य युगल की, कोटि काम रति लाजें नटवर वेष घण्यो साँवरिया, बाँस की बनी बँसुरिया, बंशी धुनि सुनि भगन सबहिजन, प्रीति रीति रस जागे कनक मुद्रिका अँगुरी सोहे, मोर मुकुट माथे पे सोहे, गोपी ग्वाल मुदित मन बिहसें सकल गोरी लाजे […]

Rang Chayo Barsane Main

होली रंग छायो बरसाने में नंदलाल खेलन को आयो होरी को हुरदंग मचायो नाचै सब दे दे कर ताल, रंग छायो बरसाने में घर द्वारे पे घेर के गोरिन ऊपर रंग बरसायो सब मगन भई ब्रजबाल, रंग छायो बरसाने में छैली मीठी बात बनावे, गोपिन को मन ये ललचाये श्याम ने सबको किचड निहाल, रंग […]

Shrimad Bhagawat Mahima Apar

श्रीमद् भागवत श्रीमद् भागवत महिमा अपार नित नवण करे श्रद्धा पूर्वक, भवसागर से हो जाय पार यद्यपि पुराण अठ्ठारह हैं, स्थान उच्च पर भागवत् का श्रीकृष्ण-कथा पावन इसमें, वाङमय स्वरूप राधावर का भगवदीय तत्व का मना सुलभ, होता हमको इसके द्वारा यह महा-पुराण, हम सुने कहे श्रीकृष्ण-चरित इसमें सारा सब उपनिषदों का सार यही, आत्मा […]