Prabhu Se Priti Badhaye
हरि से प्रीति प्रभु से प्रीति बढ़ायें मुरलीधर की छटा मनोहर, मन-मंदिर बस जाये माया मोह कामनाओं का, दृढ़ बंधन कट जाये सब सम्बन्धी सुख के संगी, कोई साथ न आये संकट ग्रस्त गजेन्द्र द्रौपदी, हरि अविलम्ब बचाये भजन कीर्तन नंद-नन्दन का, विपदा दूर भगाये अन्त समय जो भाव रहे, चित वैसी ही गति पाये […]
Prabho Vah Kab Din Aayega
प्रतीक्षा प्रभो, वह कब दिन आयेगा होगा जब रोमांच, हृदय गद्गद् हो जायेगा कृष्ण कृष्ण उच्चारण होगा, प्रेमाश्रु नयनों में विस्मृत होगी सारी दुनिया, मग्न पाद-पद्मों में रूप-माधुरी पान करूँगा, बिठलाऊँ हृदय में मिट जायेगा तमस् अन्ततः, लीन होउ भक्ति में
Prasannata Prabhu Se Prapta Prasad
प्रसन्नता प्रसन्नता, प्रभु से प्राप्त प्रसाद जीवन तो संघर्ष भरा, मिटादे दुःख और अवसाद अगर खिन्नता आड़े न आये, जीवन भी सुखमय हो जब प्रसन्न सन्तुष्ट रहें तो, आनन्दमय सब कुछ हो संग करें उन लोगों का, जो खिले पुष्प से रहते कथा प्रभु की सुने कहें हम, पूर्ण शांति पा लेते मनोरोग है चिन्ता […]
Prani Matra Prabhu Se Anupranit
प्रबोधन प्राणिमात्र प्रभु से अनुप्राणित, जड़ चेतन में छाया सबको अपने जैसा देखूँ, कोई नहीं पराया जिसने राग द्वेष को त्यागा, उसने तुमको पाया दंभ दर्प में जो भी डूबा, उसने तुमको खोया कौन ले गया अब तक सँग में, धरा धाम सम्पत्ति जो भी फँसा मोह माया में, उसको मिली विपत्ति दो विवेक प्रभु […]
Pratah Sandhya Nit Manan Karen
आत्म चिन्तन प्रातः संध्या नित मनन करें मैं अंश ही हूँ परमात्मा का, सच्चिदानन्द मैं भी तो हूँ मैं राग द्वेष में लिप्त न हूँ, मैं अजर अमर आनन्दमय हूँ सुख-दुख में समता रहे भाव, मैं निर्मल हूँ अविनाशी हूँ इन्द्रिय-विषयों से दूर नित्य, मैं शुद्ध बुद्ध अरु शाश्वत हूँ
Prarabhda Mita Nahi Koi Sake
अमिट प्रारब्ध प्रारब्ध मिटा कोई न सके अपमान अयश या जीत हार, भाग्यानुसार निश्चित आते व्यापारिक घाटा, रोग मृत्यु, इनको हम रोक नहीं पाते विपरीत परिस्थिति आने पर, सत्संग, भजन हो शांति रहे चित में विक्षेप नहीं आये, दृढ़ता व धैर्य से विपद् सहे सुख-दुख तो आते जाते हैं, उनके प्रति समता हो मन में […]
Priy Putra Parvati Maiya Ke
श्री गणेश वंदना प्रिय पुत्र पार्वती मैया के, गज-वदन विनायक विघ्न हरे जो ऋद्धि सिद्धि दाता सेवित, संताप शोक को दूर करे जामुन कपित्थ जैसे फल का, रुचि पूर्वक भोग लगाते हैं मोदक के लड्डू जिनको प्रिय, सारे जग का हित करते हैं सम्पूर्ण यज्ञ के जो रक्षक, कर में जिनके पाशांकुश है है रक्त […]
Pritam Hamaro Pyaro Shyam
श्रीकृष्ण स्मरण प्रीतम हमारो प्यारो श्याम गिरधारी है मोहन अनाथ-नाथ, संतन के डोले साथ वेद गुण गावे गाथ, गोकुल विहारी है कमल बिसाल नैन, निपट रसीले बैन श्याम को ही रूप वृषभानु की दुलारी है केशव दया-निधान, वाही सो हमारो ध्यान तन-मन पे वारूँ प्रान, जीवन मुरारी है मिरूँ मैं साँझ-भोर, बार-बार हाथ जोर कहत […]
Prem Vastra Ke Bicha Panwde
शबरी का प्रेम प्रेम-वस्त्र के बिछा पाँवड़े, अर्घ्य नमन जल देकर निज कुटिया पर लाई प्रभु को, चरण कमल तब धोकर आसन प्रस्तुत कर राघव को, पूजा फिर की शबरी ने चख कर मीठे बेर प्रभु को, भेंट किये भिलनी ने स्वाद सराहा प्रभु ने फल का, प्रेम से भोग लगाया प्रेम-लक्षणा-भक्ति रूप, फल प्रभु […]
Prem Ho To Shri Hari Ka
कृष्ण कीर्तन प्रेम हो तो श्री हरि का प्रेम होना चाहिये जो बने विषयों के प्रेमी उनपे रोना चाहिये दिन बिताया ऐश और आराम में तुमने अगर सदा ही सुमिरन हरि का करके सोना चाहिये मखमली गद्दों पे सोये तुम यहाँ आराम से वास्ते लम्बे सफर के कुछ बिछौना चाहिये छोड़ गफलत को अरे मन, […]