Ab Sonp Diya Is Jiwan Ka

समर्पण अब सौंप दिया इस जीवन को, सब भार तुम्हारे हाथों में है जीत तुम्हारे हाथो में और हार तुम्हारे हाथों में मेरा निश्चय बस एक यही, एक बार तुम्हें पा जाऊँ मैं अर्पण कर दूँ दुनिया भर का, सब प्यार तुम्हारे हाथों में जो जग में रहूँ तो ऐसे रहूँ, ज्यों जल में कमल […]

Abhiman Vyakti Ka Patan Kare

अभिमान अभिमान व्यक्ति का पतन करे धन, बुद्धि, विद्या, पद का हो, अभिमान व्यक्ति का ज्ञान हरे अपमान करे कोई का जो, वह बीज द्वेष का बोता है परमात्म तत्त्व ही आत्मा तो, आत्मा का अनादर होता है हम क्षमा मैत्री का भाव रखें, हम अहंकार से दूर रहें सन्मति से शत्रु मित्र बने, हो […]

Abhilasha Ashumati Man Jagi

यशोदा की लालसा अभिलाषा यशुमति मन जागी, मुसकाया जैसे ही लाला कब तुतला करके मैया कह, ये मुझे पुकारेगा लाला यह आयेगा दिन कब ऐसा, जब आँचल पकड़ेगा लाला हठ कर गोदी में आने को, मचलेगा मेरा यह लाला कब मंगलमय दिन आयेगा, हँस करके बोलेगा लाला

Ayodhya Durjan Dosh Hare

अयोध्या अयोध्या दुर्जय दोष हरे परमधाम साकेत राम का, शान्ति प्रदान करे सरयू-जल में स्नान ध्यान से, मन का मैल जरे स्मरण राम की लीलाओं का, मन को मुदित करे मनः बुद्धि निर्मल हो जाए, राघव कृपा करे 

Are Man Jap Le Prabhu Ka Nam

नाम स्मरण अरे मन जप ले प्रभु का नाम पाँच तत्व का बना पींजरा, मढ़ा उसी पर चाम आज नहीं कल छूट जायगा, भज ले करुणाधाम द्रुपद-सुता ने उन्हें पुकारा, वसन रूप भये श्याम श्रद्धा-भाव रहे मन में नित, जपो प्रभु का नाम अजामील ने पुत्र-भाव से, नारायण का लिया नाम सुलभ हो गई सद्गति […]

Are Ham Naam Jape Shiv Ka

शिव महिमा अरे! हम नाम जपें शिव का, नित्य श्रद्धा से बारम्बार महादेव की महिमा भारी, कोई न पाये पार आशुतोष को भोले शंकर, कहता सब संसार आप हिमालय पे गौरी संग, करे दिव्य अभिसार रौद्र रूप में करते हैं शिव, दुष्टों का संहार गंग विराजे जटा बीच, शशि मस्तक का श्रृंगार बम बम भोले […]

Avatarit Hue Bhagwan Krishna

श्रीकृष्ण प्राकट्य अवतरित हुए भगवान कृष्ण, पृथ्वी पर मंगल छाया है बज गई स्वर्ग की दुन्दुभियाँ,चहुँ दिशि आनन्द समाया है था गदा, चक्र अरु कमल, शंख, हाथों में शोभित बालक के श्रीवत्स चिन्ह वक्षःस्थल पे, कटि में भी पीताम्बर झलके वसुदेव देवकी समझ गये, यह परमपुरुष पुरुषोत्तम है जो पुत्र रूप में प्राप्त हुआ, साक्षात् […]

Avtar Hum Shri Raghav Ka

श्रीराम प्राकट्य अवतार हुआ श्री राघव का, तो चैत्र-मास की नवमी थी मौसम सुहावना सुखकारी, तब ऋतु बसंत छवि छाई थी आनन्द विभोर अयोध्या थी, उन्मुक्त तरंगें सरयू की हर्षातिरेक से भरी हुई, यह स्थिति मात कौसल्या की चौथेपन में बेटा पाया, कोसलाधीश को हर्ष हुआ मन चाहीं भेंट मिली सबको, नाचें गायें दें सभी […]

Aaj Ayodhya Ki Nagari Main

अयोध्या में शिव आज अजोध्या की नगरी में, घूमे जोगी मतवाला अलख निरंजन खड़ा पुकारे, देखूँगा दशरथ-लाला शैली सिंगी लिये हाथ में, अरु डमरू त्रिशूल लिये छमक छमा-छम नाचे जोगी, दरसन की मन चाह लिये पग के घुँघरू रुनझुन बाजे, शोभा अतिशय मन हारी बालचन्द्र मस्तक पे राजे, सर्पों की माला धारी अंग भभूत रमाये […]

Aaj Ki Bela Sukhkari

श्री श्री राधा प्राकट्य आज की बेला सुखकारी प्रगट भई वृषभानु-नंदिनी, कीरति प्राण-पियारी गावत सभी बधाई हिलमिल, बरसाने की नारी अत्यधिक, आनंद महल में बरनत रसना हारी नौबत बजत और शहनाई, नाचत सखियाँ सारी नंद यशोदा सुनसुख पायें, हरषे हिय में भारी भादौ मास, गगन घन छाये, बिजुरी चमके न्यारी चहुँ ओर है खुशियाँ छाई, […]