Main Sunata Hun Din Raat Prabhu
सौन्दर्य निधि श्याम मैं सुनता हूँ दिन रात प्रभु, तुम हो अनंत सौन्दर्य धाम यह रूप-माधुरी कैसी है, एक झलक दिखादो मुझे श्याम सुंदर स्वरूप प्रिय बातों ने, चित चोरा था गोपी-जन का सो तीव्र लालसा मुझको है, वह रूप देख लूँ मोहन का मैं हूँ अधीर दिन रात श्याम, कब दर्शन दोगे मुझे आप […]
Main Hari Main Hari Main Hari O Giridhari
प्रतीक्षा मैं हारी, मैं हारी, मैं हारी ओ गिरिधारी आप बिसारे, पर ना हारी, पंथ निहारे हारी मैं हारी…. पतझर बीता डाल डाल पर नये पात फिर छाये, पर ना दुखिया मन में मेरे, फिरे भाग फिर आये सुख के दिन क्या बीत चले, मैं आशा धारे हारी मैं हारी… आँचल भींग गये आँसू से, […]
Maine Dekha Yashoda Tera Lal Dekha Dekha
मोहन की मोहिनी मैंने देखा यशोदा तेरा लाल, देखा देखा कस्तूरी का तिलक बिराजे, उर पचरंगी माल मोर मुकुट तो सिर पर सोहे, घुँघर वाले बाल पीताम्बर को कटि में धारे, काँधे कारी शाल कानों में तो कुण्डल सोहे, और लालिमा गाल चरणों में नूपुर छमकाये, चले लटकनी चाल यमुना-तट पे रास रचाये, नाचे दे […]
Maine Mehandi Rachai Krishna Nam Ki
श्रीकृष्ण से प्रीति मैंनें मेंहदी रचाई कृष्ण नाम की, मैंने बिंदिया सजाई कृष्ण नाम की मेरी चूड़ियों में कृष्ण, मेरी चुनरी में कृष्ण, मैंने नथनी घढ़ाई कृष्ण नाम की मेरे नयनों में गोकुल, वृंदावन, मेरे प्राणों में मोहन मन-भावन मेरे होठों पे कृष्ण, मेरे हृदय में कृष्ण, मैंने ज्योति जगाई कृष्ण नाम की अब छाया […]
Maiya Ne Bandha Lala Ko
माखन चोर मैया ने बाँधा लाला को नहीं माखन की चोरी छोड़ी, तब उसका शिक्षा देने को जसुमति तो बाँध नहीं पाई, थक करके आखिर बैठ गई इतना कठोर यह काम किया मन में भारी वे पछताई गोपीजन सुन दौड़ी आई हा हा कर सभी दुखी थीं मैया से कान्हा स्वतः बंधे आंसू से भरी […]
Mope Kirpa Karo Giridhari
शरणागति मोपे किरपा करो गिरिधारी! मैं आई शरण तुम्हारी मैं हूँ अभागिन भाग जगाओ, डूबती नैया पार लगाओ दुखिया के हो तुम दुखहारी, कोई न जाने पीर हमारी अपनों से भी हुई पराई, अपनी विपदा उन्हें सुनाई सबने ही जब बात बनाई, रो रो कर के तुम्हें पुकारी तुम्हरे बिन कोई सुने न मोरी, तुम […]
Mo Se Kaha Na Jay Kaha Na Jay
मोहन के गुण मो से कहा न जाय, कहा न जाय, मनमोहन के गुण सारे अविनाशी घट घट वासी, यशुमति नन्द दुलारे लाखों नयना दरस के प्यासे, वे आँखों के तारे गोपियन के संग रास रचाये, मुरलीधर मतवारे शरद पूर्णिमा की रजनी थी, रास रचायो प्यारे उनके गुण सखि कितने गाऊँ, वे सर्वस्व हमारे
Mohan Ne Murali Adhar Dhari
मुरली का जादू मोहन ने मुरली अधर धरी वृन्दावन में ध्वनि गूंज रही, सुन राधे-स्वर सब मुग्ध हुए कोई न बचा इस जादू से, सबके मन इसने चुरा लिए जड़ भी चैतन्य हुए सुन कर, उन्मत्त दशा पशु पक्षी की जल प्रवाह कालिन्दी में रुक गया, कला ये वंशी की गोपीजन की गति तो विचित्र, […]
Mhara Sohan Sundar Shyam Pyara Bega Aajyo Ji
मथुरा गमन (राजस्थानी) म्हारा सोहन सुन्दर श्याम प्यारा, बेगा आज्यो जी मथुरा नगरी जा कर म्हाने, भूल न ज्याजो जी गोपीजन सब भोली भाली, कपट न जाणे जी चतुर सभी मथुरा की नारी, रींझ न ज्याजो जी बंसी की धुन कान पड्या, घर बार भुला कर जी दौड़ी आई मोहन प्यारा, मिलणें थाँसे जी रोवण […]
Yashumati Nand Nandan Banwari
वन भेजे यशुमति नँद-नंदन बनवारी रूप माधुरी कमल-नयन की, अद्वितीय मनहारी लटकनी चाल, लकुटिया कर में, गौ-वत्स चराने जाये विद्युत-सी दंतावलि दमके, मनमोहन मुस्काये ग्वाल-बाल सँग भोजन करते, वन में आज बिहारी गोलाकार बिराजै बालक, मध्य गोवर्धनधारी छवि देखने देव देवियाँ, तभी गगन में आये रूप माधुरी निरख श्याम की, आनँद नहीं समाये भोजन में […]