Ram Nam Ke Do Akshar

राम नाम महिमा राम नाम के दो अक्षर, पापों का, सुनिश्चित शमन करें विश्वास और श्रद्धापूर्वक, जपले भवनिधि से पार करें हो कामकाज चलते बैठे, बस राम नाम उच्चारण हो भोगे न यातना यम की वह और परम शान्तिमय जीवन हो दो अक्षर हैं ये मन्त्रराज, जो जपे कार्य सब सफल करे देवता लोग, सब […]

Ramanuj Lakshman Ki Jay Ho

श्री लक्ष्मण रामानुज लक्ष्मण की जय हो भगवान् राम के भक्तों का, सारे संकट को हरते हो शेषावतार को लिये तुम्ही, पृथ्वी को धारण करते हो हो प्राणनाथ उर्मिला के, सौमित्र तुम्हीं कहलाते हो महान पराक्रमी, सत्-प्रतिज्ञ, रघुवर के काज सँवारते हो मुनि विश्वामित्र, जनक राजा, श्री रामचन्द्र के प्यारे हो अभिमान परशुरामजी का जो […]

Rasotsav Ati Divya Hua Hai

रास लीला रासोत्सव अति दिव्य हुआ है वृन्दावन में रमण-रेती यमुनाजी की, हर्षित सब मन में शरद पूर्णिमा रात्रि, चाँदनी छिटक रही थी प्रेयसियाँ अनुराग रंग में रंगी हुई थी मंडल के बीच राधारानी कुंज बिहारी अभिनय अनुपम, छवि युगल की अति मनहारी रसमय क्रीड़ा देव देवियाँ मुग्ध हुए हैं सभी ग्रहों के साथ चन्द्रमा […]

Ladili Surang Palne Jhule

झूला लाड़िली सुरंग पालने झूले कीरति रानी सुलावै, गावै, हर्षित अति मन फूले भाँति भाँति के लिये खिलौना, प्रमुदित गोद खिलावे देखि देखि मुसकाति सलोनी द्वैदंतुलि दरसावे शोभा की सागर श्री राधा, उमा रमा रति वारी तिहि छन की शोभा कछु-न्यारी, विधि निज हाथ सँवारी  यशोदा का सुखलाल को पलना मात पौढ़ाये स्नान करा झँगुला […]

Lal Bhaye Nand Lal

होली लाल भये नँदलाल, साँवरो रंग गयो है लाल मुकुट, कटि लाल हैं, लाल गले वनमाल अलकें लाल सुलाल होठ के, दर्शन करें निहाल ढंग यह आज नयो है गोप गोपियाँ सभी लाल हैं, और बज रही ताल ढोल मृदंग झाँझ सब बाजे, नभ में लाल गुलाल अनोखो फाग छयो है गगन लाल अरु घटा […]

Lal Gulal Gupal Hamari

होली लाल गुलाल गुपाल हमारी, आँखिन में जिन डारोजू वदन चंद्रमा नैन चकोरी, इन अन्तर जिन पारोजू गाओ राग बसंत परस्पर, अटपट खेल निवारोजू कुंकुम रंग सों भरि पिचकारी, तकि नैनन जिन मारोजू बाँकी चितवन नेह हृदय भरि, प्रेम की दृष्टि निहारोजू नागरि-नागर भवसागर ते, ‘कृष्णदास’ को तारोजू 

Vandaniya Tulsi Maharani

तुलसी अर्चना वंदनीय तुलसी महारानी, अद्भुत महिमा शास्त्र बखानी नित्य धाम गोलोक से आई, कल्पवृक्ष सम महिमा गाई श्याम वर्ण शोभा सुखदाई, पृथ्वी मूल्यवान निधि पाई श्री हरि सेवा पूजन हेतु, तुलसीजी का बाग लगाये प्रेत पिशाच भूत भग जाये, यज्ञ, दान, व्रत का फल पाये प्रभु पूजा नैवेद्य आदि में, तुलसी दल अनिवार्य धराये […]

Van Main Raas Chata Chitarai

रास लीला वन में रास छटा छितराई चम्पा बकुल मालती मुकुलित, मनमोहक वनराई कानन में सजधज के गोपियन,रूप धर्यो सुखदाई शरद पूर्णिमा यमुना-तट पे, ऋतु बसंत है छाई आकर्षक उर माल सुवेषित अभिनव कृष्ण पधारे दो-दो गोपी मध्य श्याम ने, रूप अनेकों धारे राजत मण्डल मध्य कन्हैया, संग राधिका प्यारी वेणु बजी ताल और लय […]

Van Main Ruchir Vihar Kiyo

वन विहार वन में रुचिर विहार कियो शारदीय पूनम वृन्दावन, अद्भुत रूप लियो धरी अधर पे मुरली मोहन स्वर लहरी गुंजाई ब्रज बालाएँ झटपट दौड़ी, सुधबुध भी बिसराई छलिया कृष्ण कहे सखियों को, अनुचित निशि में आना लोक लाज मर्यादा हेतु, योग्य पुनः घर जाना अनुनय विनय करें यों बोली, ‘तुम सर्वस्व हमारे’ ‘पति-पुत्र घर […]

Var De Veena Vadini Var De

सरस्वती स्तुति वर दे वीणावादिनि! वर दे! प्रिय स्वतंत्र रव अमृत मंत्र, नव भारत में भर दे काट अंध उर के बंधन-स्तर, बहा जननि, ज्योर्तिमय निर्झर कलुष-भेद-तम हर, प्रकाश भर, जगमग जग कर दे नव गति, नव लय, ताल-छंद, नव, नवल कंठ, नव जलद मंद्र रव नव नभ के नव विहग वृन्द को नव पर, […]