Ek Hi Swaroop Radhika Krishna
युगल सरकार एक ही स्वरूप राधिका कृष्ण, लीला रस हेतु ही पृथक रूप एक प्राण हैं श्री राधा मोहन, अरु प्रीति परस्पर भी अनूप राधा रानी है पूर्ण शक्ति, गोवर्धन-धारी शक्तिमान श्रीकृष्ण पुकारे राधा को, मुरली में गूँजे वही तान आह्लाद रूपिणी श्री राधा, श्री विग्रह उनका चपला सा मुख की सुंदरता अद्वितीय और हाव-भाव […]
Omkara Krati Ganapati Ganesh
श्री गणेश वन्दन ओंकारा-कृति गणपति गणेश, श्रद्धा से हम प्रणिपात करें ये ब्रह्मा, विष्णु, रुद्र रूप, श्रेयस्कर इनका वरण करें दो कर्ण सूप से, ह्वस्व नयन, तीनों गुण,तीनों काल परें यज्ञों के रक्षक, वक्रतुण्ड, सुर, नर, मुनि, योगी ध्यान धरें विद्या वारिधि प्रभु लम्बोदर, गूँगे को गिरा प्रदान करें गिरि पर चढ़ने को समुचित बल, […]
Omkar Rup Shri Gajanan
श्री गणपति वन्दन ओंकार (ॐ) रूप श्री गजानन, प्रत्यक्ष तत्व ब्रह्म स्वरूप कर्ता, धर्ता एवं हर्ता, भगवान् आपके कर्इं रूप तीनों गुण से हो परे आप, योगीजन जिनका ध्यान धरें प्रभु वक्र-तुण्ड लम्बोदर हैं, जो सुमिरें उनका विघ्न टरें ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र, जो जपे कामना सिद्ध करें जो लाल पुष्प द्वारा पूजे, उनके […]
Kathinai Se Dhan Arjan Ho
सात्विक दान कठिनाई से धन अर्जन हो, और दान कर पाये धन का लोभ सदा ही रहता, त्याग कठिन हो जाये याद रहे अधिकांश धर्म में व्यय हो, कमी न आये कुएँ से जल जितना निकले, फिर से वह भर जाये धन कमाय जो भी ईमान से, वह सात्विक कहलाये कृषि एवं व्यवसाय से अर्जित, […]
Kanhaiya Pe Tan Man Lutane Chali
समर्पण कन्हैया पे तन मन लुटाने चली भूल गई जीवन के सपने, भूल गई मैं जग की प्रीति, साँझ सवेरे मैं गाती हूँ, कृष्ण-प्रेम के मीठे गीत अब अपने को खुद ही मिटाने चली, कन्हैया पे तन मन लुटाने चली लिखा नहीं है भाग्य में मिलना, पर मैं मिलने जाती हूँ, दुःख के सागर में […]
Kanhaiya Murali Tan Sunaye
मुरली-माधुरी कन्हैया मुरली तान सुनाये ब्रज बालाओं को गृहस्थ सुख, नहीं तनिक भी भाये दही बिलोना खाना पीना, सभी तभी छुट जाये वेणु-रव चित की वृतियों को, वृन्दावन ले जाये मनमोहक श्रृंगार श्याम का, हृदय-देश में आये धन्य बाँस की बाँसुरिया धर, अधर सरस स्वर गाये
Kapiraj Shri Hanuman Ka
श्री हनुमान कपिराज श्री हनुमान का है वर्ण सम सिन्दूर के ललाट पर केशर तिलक, हाथों में वज्र ध्वजा गही अनुराग भारी झलकता, दो नयन से महावीर के गल-माल तुलसी की ललित, मुस्कान मुख पे खिल रही वे ध्यान में डूबे हुए, रघुकुल-तिलक श्री राम के पुलकायमान शरीर है, अद्भुत छटा है छा रही वे […]
Kab Aaoge Krishna Murare
प्रतीक्षा कब आओगे कृष्ण मुरारे, आस में बैठी पंथ निहारूँ सूरज डूबा साँझ भी आई, दर पे खड़ी हूँ आस लगाये रात हुई और तारे निकले, कब आओगे कृष्ण मुरारे आधी रात सुनसान गली है, मैं हूँ अकेली गगन में तारे जागा सूरज सोए तारे, कब आओगे कृष्ण मुरारे भोर भई जग सारा जागा, हुआ […]
Kar Chintan Shri Krishna Ka
श्री राधाकृष्ण कर चिन्तन श्रीकृष्ण का, राधावर का ध्यान अमृत ही अमृत झरे, करुणा-प्रेम निधान जप तप संयम दान व्रत, साधन विविध प्रकार श्रीकृष्ण से प्रेम ही, निगमागम का सार कृष्ण कृष्ण कहते रहो, अमृत-मूरि अनूप श्रुति-शास्त्र का मधुर फल, रसमय भक्ति स्वरूप श्रीराधा की भक्ति में निहित प्यास का रूप आदि अन्त इसमें नहीं, […]
Karahu Man Nandnandan Ko Dhyan
प्रबोधन करहुँ मन, नँदनंदन को ध्यान येहि अवसर तोहिं फिर न मिलैगो, मेरो कह्यो अब मान अन्तकाल की राह देख मत, तब न रहेगो भान घूँघरवाली अलकैं मुख पर, कुण्डल झलकत कान मोर-मुकुट अलसाने नैना, झूमत रूप निधान दिव्य स्वरुप हृदय में धरले करहुँ नित्य प्रभु गान