Ghutno Ke Bal Chale Kanhaiya

बालकृष्ण घुटनों के बल चले कन्हैया बार-बार किलकारी मारे, आनन्दित हो मैया नवनीत कर में लिये कन्हाई, मुँह पर दही लगाये मणिमय आँगन में परछार्इं, निरख निरख हर्षाये तभी गोपियाँ गोदी लेकर, उन्हें चूमना चाहें बालकृष्ण की अतिप्रिय लीला, अपना भाग्य सराहें

Chal Rahe Bakaiyan Manmohan

बालकृष्ण चल रहे बकैयाँ मनमोहन, सन गये धूल में जो सोहन जब नहीं दिखी मैया उनको किलकारी मारे बार बार माँ निकट रसोईघर में थी, गोदी में लेकर किया प्यार आँचल से अंगों को पोछा और दूध पिलाने लगी उन्हें क्षीरोदधि में जो शयन करें, विश्वम्भर कहते शास्त्र जिन्हें

Chalo Man Kalindi Ke Tir

कालिंदी कूल चलो मन कालिन्दी के तीर दरशन मिले श्यामसुन्दर को, हरे हिये की पीर तरु कदम्ब के नीचे ठाड़े, कूजत कोयल कीर अधर धरे मुरली नट-नागर, ग्वाल बाल की भीर मोर-मुकुट बैजंती माला, श्रवणन् लटकत हीर मन्द मन्द मुस्कान मनोहर, कटि सुनहरो चीर रास विलास करे मनमोहन, मन्थर बहे समीर शोभित है श्री राधा-माधव, […]

Chalo Ri Mile Natwar Nand Kishor

श्री राधा कृष्ण चलोरी, मिले नटवर नंदकिशोर श्रीराधा के सँग विहरत है सघन कुंज चितचोर तैसिय छटा घुमड़ि चहुँ दिसि तें, गरजत है घनघोर बिजुरी चमक रही अंबर में, पवन चलत अति जोर पीत-वसन में श्याम, राधिका नील-वसन तन गोर सदा विहार करो ‘परमानँद’, बसो युगल मन मोर

Chalo Ri Sakhi Nand Bhawan Ko Jayen

प्रभाती चलोरी सखि, नन्द भवन को जायें मिले श्याम सुन्दर का दर्शन, जीवन की निधि पायें प्रातः काल भयो सखि माँ लाला को रही जगाये उबटन लगा लाल को मैया, अब उसको नहलाये स्नेह भाव जसुमति के मन में, नवनीत उसे खिलाये केश सँवार नयन में काजल, माथे तिलक लगाये रेशम को जामा पहनाकर, स्नेह […]

Gokul Me Bajat Aha Badhaai

श्रीकृष्ण प्राकट्य गोकुल में बाजत अहा बधाई भीर भई नन्दजू के द्वारे, अष्ट महासिद्धि आई ब्रह्मादिक रुद्रादिक जाकी, चरण-रेनु नहीं पाई सो ही नन्दजू के पूत कहावत, कौतुक सुन मोरी माई ध्रुव, अमरीष, प्रह्लाद, विभीषण, नित-नित महिमा गाई सो ही हरि ‘परमानँद’ को ठाकुर, ब्रज प्रसन्नता छाई 

Gopiyan Dhundh Rahi Mohan Ko

अनुराग गोपियाँ ढूँढ रही मोहन को हम भटक रही है वन में, प्रिय दर्शन दे दो हमको वह प्रेम भरा आलिंगन, मनमोहक प्यारी चितवन तो लगीं गर्व हम करने, त्रुटि हमसे हुई बिहारी हे पीपल, आम, चमेली! चितचोर कहाँ क्या देखा! तुम हमको मार्ग बता दो,हम दुःखी हैं ब्रजनारी तब चरणचिन्ह गोविन्द के, वें देख […]

Ghanshyam Mujhe Apna Leo

शरणागति घनश्याम मुझे अपना लेओ, मैं शरण तुम्हारे आन पड़ी मैंने मात, पिता घर बार तजे, तो लोग कहें मैं तो बिगड़ी अब छोड़ सभी दुनियादारी, मैं आस लगा तेरे द्वार खड़ी यौवन के दिन सब बीत गये, नहिं चैन मुझे अब एक घड़ी हे प्राणेश्वर, हे मुरलीधर, मुझको है तुमसे आस बड़ी वह नयन […]

Baje Baje Muraliya Baje

बाजे बाजे मुरलिया बाजे वृन्दावन में तरू कदम्ब तल, राधे श्याम बिराजे अद्भुत शोभा दिव्य युगल की, कोटि काम रति लाजें नटवर वेष घण्यो साँवरिया, बाँस की बनी बँसुरिया, बंशी धुनि सुनि भगन सबहिजन, प्रीति रीति रस जागे कनक मुद्रिका अँगुरी सोहे, मोर मुकुट माथे पे सोहे, गोपी ग्वाल मुदित मन बिहसें सकल गोरी लाजे […]

Chit Chura Liya Is Chitwan Ne

मोहन की मोहिनी चित्त चुरा लिया इस चितवन ने आनंद न समाये उर माहि, सखि अटक गया मनमोहन में यशुमति के आंगन खेल रहा, मैं मुग्ध हुई उसकी छबि पर मैं भूल गई घर बार सभी, जादू छाया उसका मुझ पर कानों में कुण्डल को पहने, सखि चमक गाल पर झलक रही आभास हुआ मुझको […]