Prabhu Ke Adbhut Karma Kiya
पृथ्वी का उद्धार प्रभु ने अद्भुत कर्म किया करुणा-निधि श्री हरि तुमने, जो शूकर रूप लिया ऊँच नीच का भेद जीव में, यह भम्र दूर किया यज्ञ रूप हो तुम्हीं शास्त्र में, यह स्पष्ट किया पृथ्वी जल से बाहर लाये, जनहित कार्य किया
Jane Kya Jadu Bhara Hua Shri Krishna Aapki Gita Main
गीताजी की महिमा जाने क्या जादू भरा हुआ, श्रीकृष्ण आपकी गीता में जब शोक मोह से घिर जाते, गीता संदेश स्मरण करते, उद्धार हमारा ही इसमें, भगवान आपकी गीता में निगमागम का सब सार भरा, संकट से यह उबार लेती नित अमृत का हम पान करें, हे श्री कृष्ण आपकी गीता में है कर्म, भक्ति […]
Jo Janme Maharaj Nabhi Ki
श्री ऋषभदेव जो जन्मे महाराज नाभि के, पुत्र रूप से विष्णु ही थे जो कहलाये, ऋषभ नाम से बड़े हुए तो किया अध्ययन वेदशास्त्र का सौंपा तब दायित्व पिता ने राजकाज का सुख देकर सन्तुष्ट किया, भलीभाँति प्रजा को हुई इन्द्र को ईर्ष्या तो, रोका वर्षा को ऋषभदेव ने वर्षा कर दी, योग शक्ति से […]
Teertha Mahan Prayag Hamare Klesh Bhagaye
प्रयाग माहात्म्य तीर्थ महान् प्रयाग हमारे क्लेश भगाये स्नान करें त्रिवेणी जल में दुःख मिटाये गंग श्वेत जल मिले श्याम जल यमुनाजी में सरस्वती भी आन मिले अदृश्य इन्हीं में योग बिना ही सिद्धि मिले, सेवें प्रयाग को दर्शन और प्रणाम करें, हम तीर्थ-राज को
Duniya Main Kul Saat Dwip
भारतवर्ष दुनियाँ में कुल सात द्वीप, उसमें जम्बू है द्वीप बड़ा यह भारतवर्ष उसी में है, संस्कृति में सबसे बढ़ा चढ़ा कहलाता था आर्यावर्त, प्राचीन काल में देश यही सम्राट भरत थे कीर्तिमान, कहलाया भारतवर्ष वही नाभिनन्दन थे ऋषभदेव, जिनमें यश, तेज, पराक्रम था वासना विरक्त थे, परमहंस, स्वभाव पूर्णतः सात्विक था सम्राट भरत इनके […]
Do Rupon Main Avtar Liya
नर नारायण स्तुति दो रूपों में अवतार लिया नर नारायण को हम नमन करें अंशावतार वे श्री हरि के, बदरीवन में तप वहीं करें वक्षस्थल पर श्रीवत्स चिन्ह चौड़ा ललाट सुन्दर भौंहे दोनों ही वेष तपस्वी में, मस्तक पर घनी जटा सोहें तप से शंकित शचि पति प्रेरित, रति काम वहाँ पर जब आये सामर्थ्य […]
Dhanya Dhanya Vrindavan Dham
वृन्दावान महिमा धन्य धन्य वृन्दावान धाम राधा के संग क्रीड़ा करते जहाँ नित्य घनश्याम ग्वाल-सखा सँग यमुना तट पे, तरु कदंब की छैंया मुरली मधुर बजाये मोहन, और चराये गैंया इसका जो भी ध्यान लगाये, हर्ष न हृदय समाये छटा वर्णनातीत लाल की, कोई पार न पाये वृन्दावन की पावन रज का, सादर तिलक लगाये […]
Nav Se Kar Do Ganga Paar
केवट का मनोभाव नाव से कर दो गंगा पार भाग्यवान् मैं हूँ निषाद प्रभु लेऊ चरण पखार जब प्रभु देने लगे मुद्रिका जो केवट का नेग बोला केवट प्रभु दोनों की जाति ही भी तो एक चरण कमल के आश्रित हूँ प्रभु करो न लोकाचार भवसागर के आप हो केवट करना मुझको पार
Patit Pawani Narmade
नर्मदा वंदन पतित पावनि नर्मदे, भव-सिन्धु से माँ तार दे जो यश बखाने आपका, आगम, निगम, सुर, शारदे फोड़कर पाताल, तुम बह्ती धुआँ की धार दे है नाव मेरी भँवर में, अब पुण्य की पतवार दे बज रहे नूपुर छमाछम, ज्यों बँधे हो पाँव में मंद कल-कल गुँजता, स्वर पंथ के हर गाँव में सतपुड़ा […]
Pawan Mand Sugandh Shital
श्री बद्रीनाथ स्तवन पवन मंद सुगंध शीतल, हेम मन्दिर शोभितम् नित निकट गंगा बहति निर्मल, श्रीबद्रीनाथ विश्वम्भरम् शेष सुमिरन करत निशिदिन, ध्यान धरत महेश्वरम् श्री वेद, ब्रह्मा करत स्तुति, श्री बद्रीनाथ विश्वम्भरम् इन्द्र, चन्द्र, कुबेर, दिनकर, धूप दीप निवेदितम् सिद्ध मुनिजन करत जय जय, श्रीबद्रीनाथ विश्वम्भरम् शक्ति, गौरी, गणेश, शारद, नारद मुनि उच्चारणम् योग ध्यान […]