Pashu Hinsa Ka Ho Gaya Ant
भगवान बुद्ध पशु-हिंसा का हो गया अन्त, भगवान बुद्ध अवतरित हुए लख यज्ञ कर्म में पशु-वध को, अन्याय घोर प्रभु द्रवित हुए वे कृपा सिन्धु करुणानिधि थे, वैराग्यवान् जो बुद्ध हुए राजा शुद्धोधन की रानी, मायादेवी से जन्म लिया सोचा पशु का वध क्रूर कर्म, जड़ता को तत्पर दूर किया पशु-हिंसा द्वारा यज्ञों से, हो […]
Prabhu Ko Prasanna Ham Kar Paye
श्रीमद्भागवत प्रभु को प्रसन्न हम कर पाये चैतन्य महाप्रभु की वाणी, श्री कृष्ण भक्ति मिल जाये कोई प्रेम भक्ति के बिना उन्हें, जो अन्य मार्ग को अपनाये सखि या गोपी भाव रहे, संभव है दर्शन मिल जाये हम दीन निराश्रय बन करके, प्रभु प्रेमी-जन का संग करें भगवद्भक्तों की पद-रज को, अपने माथे पर स्वतः […]
Chaitanya Maha Prabhu Ki Jay Jay
चैतन्य महाप्रभु चैतन्य महाप्रभु की जय जय, जो भक्ति भाव रस बरसाये वे विष्णुप्रिया के प्राणनाथ, इस धरा धाम पर जो आये वे शचीपुत्र गौरांग देव प्रकटे, सबके मन हर्षाये हे देह कान्ति श्री राधा सी, जो भक्तों के मन को भाये रस के सागर चैतन्य देव, श्री गौर चन्द्र वे कहलाये आसक्ति शून्य वह […]
Bangala Bhala Bana Maharaj
नश्वर देह बंगला भला बना महाराज, जिसमें नारायण बोले पाँच तत्व की र्इंट बनाई, तीन गुणों का गारा छत्तीसों की छत बनाई, चेतन चिनने हारा इस बँगले के दस दरवाजे, बीच पवन का थम्भा आवत जावत कछू ना दीखे, ये ही बड़ा अचम्भा इस बँगले में चौपड़ माँडी, खेले पाँच पचीसा कोर्ई तो बाजी हार […]
Bhagvad Gita Sandesh Amar
श्रीमद्भगवद् गीता भगवद्गीता-संदेश अमर उपहार अनूठा करें ग्रहण, जैसे पुष्पों से सार भ्रमर गीताजी ऐसा क्रान्ति ग्रन्थ, मानव का जीवन सार्थक हो जिस पथ पर गये महाजन वो, हम चलें तभी अभ्युदय हो विपरीत परिस्थिति में जब हम, घिर जायँ न सूझे मार्ग हमें भ्रम दूर करें, निर्देश करें, गीताजी का कोई श्लोक हमें हम […]
Bhagwan Buddha Karuna Avtar
भगवान बुद्ध भगवान् बुद्ध करुणावतार वास्तविक भाव जो वेदों का, हम जीवन जिये उस प्रकार जीवों की हत्या के द्वारा, यज्ञों से पूर्ण कामना हो पाखण्ड, दम्भ इनसे न कभी हित कैसे किसका संभव हो हम आड़ धर्म की लेकर के, भटकाते अपने स्वयं को ही दु:ख का कारण ही तो तृष्णा, हो विरक्ति, शांति […]
Ramanuj Lakshman Ki Jay Ho
श्री लक्ष्मण रामानुज लक्ष्मण की जय हो भगवान् राम के भक्तों का, सारे संकट को हरते हो शेषावतार को लिये तुम्ही, पृथ्वी को धारण करते हो हो प्राणनाथ उर्मिला के, सौमित्र तुम्हीं कहलाते हो महान पराक्रमी, सत्-प्रतिज्ञ, रघुवर के काज सँवारते हो मुनि विश्वामित्र, जनक राजा, श्री रामचन्द्र के प्यारे हो अभिमान परशुरामजी का जो […]
Shankaracharya Ne Janma Liya
भगवत्पाद आद्य शंकराचार्य शंकराचार्य ने जन्म लिया प्रायः सधर्म तब लुप्त ही था ‘शंकरः शंकरः साक्षात्’ उक्ति, अवतार आशुतोष शिव का था भारत में वैदिक धर्म कर्म, स्थापित शंकर के द्वारा अद्वैत, द्वैत मत जो भी हैं, अधिकार भेद सचमुच सारा तो मार्ग समन्वय खोल दिया, जो था विरोध समाप्त किया वर्णाश्रम धर्म संरक्षित हो, […]
Shobhit Shri Vrindavan Dham
श्री वृन्दावन धाम शोभित श्री वृन्दावन धाम यमुनाजी की पावन धारा, क्रीड़ा रत घनश्याम गिरि गोवर्धन पास यहाँ पर, भ्रमण करे गोपाल गौएँ चरतीं, मोर नाचते, मुरली शब्द रसाल मग्न मोर ने पाँख गिराई, सिर पर धरली श्याम राधा रानी के मयूर ने, करी भेंट अभिराम धन्य धन्य अनुपम वृन्दावन, जहाँ गोपियों संग रास रचायो […]
Shri Krishnarjun Samvad Divya
श्रीमद्भगवद्गीता श्री कृष्णार्जुन संवाद दिव्य, गीता ने हमें प्रदान किया कालजयी यह ग्रंथ सभी धर्मों को समन्वित ज्ञान दिया हर देश परिस्थिति में रचना, मानव को मार्ग दिखाती है सर्वोत्कृष्ट यह ऐसी कृति, जो सदा प्रेरणा देती है निन्दा, स्तुति, मानापमान, जो द्वन्द्व मचायें जीवन में दुविधा में जब भी पड़ें कभी, जायें गीता के […]