Aashadh Mas Ki Poonam Thi
महर्षि व्यास आषाढ़ मास की पूनम थी, तब व्यास देव का जन्म हुआ वेदों के मंत्रों, सूक्तों को, संहिता रूप से पिरो दिया पुराण अठारह उप-पुराण में, वेदों का विस्तार किया महाभारत द्वारा भारत का, सांस्कृतिक कोष निर्माण किया साहित्य समृद्ध इतना उनका, गुरु पद से उनको मान दिया भगवान व्यास के हम कृतज्ञ, उनको […]
Krishna Priya Jamuna Maharani
श्री यमुना स्तवन कृष्ण-प्रिया जमुना महारानी श्यामा वर्ण अवस्था षोडश सुन्दर रूप न जाय बखानी नयन प्रफुल्लित अम्बुज के से, नुपूर की झंकार सुहानी नीली साड़ी शोभित करधनी मोतियन माल कण्ठ मनभानी स्वर्ण रत्न निर्मित दो कुण्डल, दिव्य दीप्ति जिसकी नहीं सानी आभूषण केयूर आदि की,असीमित शोभा सुखद सुहानी देवी का सौन्दर्य मनोहर, धरे हृदय […]
Gangajal Pap Baha Deta
गंगा माहात्म्य गंगा जल पाप बहा देता उसका जो सेवन नित्य करे, वह मन शांति को पा लेता गंगाजी का तो दर्शन भी, मन को निश्चित निर्मल करता जलरूप यही तो वासुदेव, सच्चा सुख जिनसे मिल जाता जिसके मन में यह भाव जगे, संभव नित गंगा-स्नान करे गंगा का सेवन सुमिरन हो, पातक उसके नितांत […]
Gayon Ke Hit Ka Rahe Dhyan
गो माता गायों के हित का रहे ध्यान गो-मांस करे जो भी सेवन, निर्लज्ज व्यक्ति पापों की खान गौ माँ की सेवा पुण्य बड़ा, भवनिधि से करदे हमें पार वेदों ने जिनका किया गान, शास्त्र पुराण कहे बार-बार गौ-माता माँ के ही सदृश, वे दु:खी पर हम चुप रहते माँ की सेवा हो तन मन […]
Gou Mata Bhi Dudh Pilati
गौ माता गो माता भी दूध पिलाती, जैसे अपनी माता दधि मक्खन अरु घृत भी पाते, कौन भूल यह पाता कृषि कार्य के हेतु हमें यह, नित्य खाद भी देती उपकारों को भूल रहे हम, पोषण गैया करती भारत में गोपाल-कृष्ण ने, पूजा तुमको माता इसी देश में तेरा माता, आज न कोई त्राता कत्ल […]
Chalo Man Shri Vrindavan Dham
राधा कृष्ण चलो मन श्री वृन्दावन धाम किसी कुंज या यमुना-तट पे, मिल जायेंगे श्याम सुन्दर छबिमय मोर-मुकुट में, सातो रंग ललाम वही सुनहरे पीत-वसन में, शोभित शोभा-धाम वनमाला के सुमन सुमन में, सुलभ शुद्ध अनुराग और बाँसुरी की सुर-धुन में, राधा का बस राग सुन्दरियों संग रास रमण में, प्रेम ज्योति अभिराम राधा दीखे […]
Shrimad Bhagawat Mahima Apar
श्रीमद् भागवत श्रीमद् भागवत महिमा अपार नित नवण करे श्रद्धा पूर्वक, भवसागर से हो जाय पार यद्यपि पुराण अठ्ठारह हैं, स्थान उच्च पर भागवत् का श्रीकृष्ण-कथा पावन इसमें, वाङमय स्वरूप राधावर का भगवदीय तत्व का मना सुलभ, होता हमको इसके द्वारा यह महा-पुराण, हम सुने कहे श्रीकृष्ण-चरित इसमें सारा सब उपनिषदों का सार यही, आत्मा […]