Karahu Prabhu Bhavsagar Se Par
नाम-महिमा करहुँ प्रभु भवसागर से पार कृपा करहु तो पार होत हौं, नहिं बूड़ति मँझधार गहिरो अगम अथाह थाह नहिं, लीजै नाथ उबार हौं अति अधम अनेक जन्म की, तुम प्रभु अधम उधार ‘रूपकुँवरि’ बिन नाम श्याम के, नहिं जग में निस्तार
Karahu Man Nandnandan Ko Dhyan
प्रबोधन करहुँ मन, नँदनंदन को ध्यान येहि अवसर तोहिं फिर न मिलैगो, मेरो कह्यो अब मान अन्तकाल की राह देख मत, तब न रहेगो भान घूँघरवाली अलकैं मुख पर, कुण्डल झलकत कान मोर-मुकुट अलसाने नैना, झूमत रूप निधान दिव्य स्वरुप हृदय में धरले करहुँ नित्य प्रभु गान
Karuna Ke Sukh Sagar Data
श्रीराम प्राकट्य करुणा के सागर, सुखदाता, यश गाये जिनका वेद संत श्यामल सुन्दर राजीव नयन, शोभा-सागर कीरति अनन्त माँ कौसल्या ने जन्म दिया, आयुध है चार भुजाओं में भूषण गल माला अद्वितीय, हर्षित सब ऋषि मुनि सुर मन में अवतार लिया दशरथ सुत हो, शिशु रूप धरा तब राघव ने प्रिय लीला करने लगे तभी, […]
Karuna Mai He Bhagwati
दुर्गादेवी स्तुति करुणामयी हे भगवती! सद्बुद्धि दें, संकट हरें आरूढ़ होती सिंह पर, शुभ मुकुट माथे पर धरें मरकत मणि सम कान्तिमय, हम जगन्माता को वरें जिसकी न तुलना हो सके, सौन्दर्य माँ का मोहता वह गात कंकण, करधनी अरू नूपुरों से गूँजता माता अधीश्वरी विश्व की, सब देवताओं में प्रमुख वे अभय करतीं, भोग […]
Karo Ab Jaane Ki Taiyari
चेतावनी करो अब जाने की तैयारी साधु संत सम्राट भी जायें, जाते सब संसारी देह तुम्हारी लगी काँपने, अंत काल की बारी ईर्ष्या द्वेष अहं नहीं छूटे, उम्र बिता दी सारी मोह जाल में फँसा रहे मन, वह है व्यक्ति अनारी काम न आये कोई अन्ततः, फिर भी दुनियादारी खाते, चलते सभी समय बस, जपलो […]
Karmo Ka Fal Hi Sukh Dukh Hai
कर्म-फल कर्मों का फल ही सुख दुख है जिसने जैसा हो कर्म किया, उसका फल वह निश्चित पायेगा जो कर्म समर्पित प्रभु को हो, तो वह अक्षय हो जायेगा जो भी ऐसा सत्कर्मी हो, वह उत्तम गति को पायेगा जो व्यक्ति करे निष्काम कर्म, सर्वथा आश्रित प्रभु के ही ऐसे भक्तों का निस्संदेह, उद्धार स्वयं […]
Kalyan Mai Durga Devi
माँ दुर्गा स्तुति कल्याणमयी दुर्गादेवी, मैया को मेरा नमस्कार रक्ताम्बर से जो अंलकृता, गिरिराज सुता को नमस्कार विष्णुमाया को नमस्कार, हे व्याधि-विनाशिनि नमस्कार हे कार्तिकेय गणपति माता, चरणों में सादर नमस्कार शिव वाम भाग में जो स्थित, कैलास-वासिनी नमस्कार जो सभी प्राणियों में चेतन, उन सर्वव्यापी को नमस्कार माँ जगन्मोहिनी जगदम्बे, ज्योत्स्नामयी को नमस्कार हे […]
Kashyap Aditi Ke Putra Rup
भगवान् वामन कश्यप अदिति के पुत्र रूप जन्मे हरि, शिव अज हर्षाये वामन का रूप धरा हरिने, बलियज्ञ भूमि पर वे आये स्वागत करके बलि यों बोले, जो चाहे कुछ तो माँगो भी हरि बोले ‘भूमि दो तीन पैर, हो जरा न कम या ज्यादा भी’ बलि ने ज्योंही हामी भरदी, वामन ने रूप अनन्त […]
Kaha Karun Vaikuntha Hi Jaaye
ब्रज महिमा कहा कँरू वैकुण्ठ ही जाये जहाँ नहिं नंद जहाँ न जसोदा, जहाँ न गोपी ग्वाल न गायें जहाँ न जल जमुना को निर्मल, जहँ नहिं मिले कदंब की छायें जहाँ न वृन्दावन में मुरली वादन सबका चित्त चुराये ‘परमानंद’ प्रभु चतुर ग्वालिनि, व्रज तज मेरी जाय बलाये
Kahe Kanhaiya Bada Ho Gaya
गौचारण लीला कहे कन्हैया बड़ा हो गया, सुन जसुमति हर्षाये नेह नीर भर के नयनों में, लाला को समझाये नटखट बालकृष्ण नहीं माने, नन्दराय मुसकाये करा कलेवा ग्वाल-बाल सँग, वन को लाल पठाये लिये लकुटिया हाथ, कामरी कंधे पर लटकाये मोर-मुकुट सिर सोहे, कटि में पीत वसन लहराये पावन अधिक आज वृन्दावन, मुरली मधुर सुनाये […]