Kalika Kashta Haro He Maa
माँ दुर्गा की स्तुति कालिका कष्ट हरो हे माँ! नील-मणि के सम कांति तुम्हारी, त्रिपुर सुन्दरी माँ चन्द्र मुकुट माथे पर धारे, शोभा अतुलित माँ किया आपने महिषासुर वध, शुंभ निशुंभ विनाश शक्ति न ऐेसी और किसी में, छाया अति उल्लास ऋषि, मुनि, देव समझ ना पाये, महिमा अपरंपार कौन दूसरा जान सके, माँ विश्व […]
Kaliya Nag Par Nratya Kiya
कालिया नाग का उद्धार कालिया-नाग पर नृत्य किया, साँवरिया का यह अभिनय था यमुना जल विष की गर्मी से, दिन रात खौलता रहता था कालिय-दह में हरि कूद गये, निडर हो उसमें खेल रहे भय से मूर्छित सब ग्वाल-बाल, अपनी पीड़ा को किसे कहें जीवन सर्वस्व गोपियों के, उनको कालिय ने जकड़ लिया फिर तो […]
Kahe Ko Soch Kare Manwa Tu
कर्मयोग काहे को सोच करे मनवा तूँ! होनहार सब होता प्यारे मंत्र जाप से शांति मिले पर, विधि -विधान को कैसे टारे कर्म किया हो जैसा तुमने, तदनुसार प्रारब्ध बना है जैसी करनी वैसी भरनी, नियमबद्ध सब कुछ होना है हरिश्चन्द्र, नल, राम, युधिष्ठिर, नाम यशस्वी दुनिया जाने पाया कष्ट गये वो वन में, कर्म-भोग […]
Kahe Re Van Dhoondhan Jaai
अन्तर्यामी काहे रे वन ढूँढन जाई घट घट वासी सदा अलेपा, तोही संग समाई पुष्प मध्य ज्यों गंध बसत है, मुकुर माँहि जस छार्इं तैसे ही हरि बसे निरन्तर, घट घट खोजौ भाई बाहर भीतर एकौ जानौ, ‘नानक’ ज्ञान बताई
Kishori Tere Charanan Ki Raj Pau
श्री श्री राधा महात्म्य किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ बैठि रहौं कुंजन की कोने, श्याम राधिका गाऊँ जो रज शिव सनकादिक लोचन, सो रज शीश चढाऊँ राधा स्वामिनि की छवि निरखूँ, नित्य विमल यश गाऊँ अद्वितीय सौन्दर्य तुम्हारा, मन-मंदिर बिठलाऊँ
Kuch Bhi Na Sath Me Jayega
नाम-जप कुछ भी न साथ में जायेगा, अंतिम क्षण है अब दूर नहीं ऐसे ही जीवन बीत गया, बस तेरी मेरी करके ही शायद कुछ दिन हो अभी शेष, प्रभु क्षमा करो जो भूल हुई जप सकूँ तुम्हारा नाम प्रभो, जो बीत गई सो बीत गई मैं पड़ा तुम्हारे चरणों में, कहलाते तुम करुणा-सागर हो […]
Kutiya Par Raghav Aaye To Shabari
शबरी का प्रेम कुटिया पर राघव आये तो, शबरी की साधना पूर्ण हुई तन मन की सुधि वह भूल गई, प्रभु के चरणों में लिपट गई आसन देकर वह रघुवर को, छबड़ी में बेरों को लाई चख चख कर मीठे बेर तभी, राघव को दे मन हर्षाई यह स्नेह देख कर शबरी का, निज माँ […]
Krishna Ghar Nand Ke Aaye Badhai Hai Badhai Hai
श्रीकृष्ण प्राकट्य कृष्ण घर नंद के आये, बधाई है बधाई है करो सब प्रेम से दर्शन, बधाई है बधाई है भाद्र की अष्टमी पावन में प्रगटे श्याम मनमोहन सुखों की राशि है पाई, बधाई है बधाई है मुदित सब बाल, नर-नारी, चले ले भेंट हाथों में देख शोभा अधिक हर्षित, बधाई है बधाई है कृष्ण […]
Krishna Priya Jamuna Maharani
श्री यमुना स्तवन कृष्ण-प्रिया जमुना महारानी श्यामा वर्ण अवस्था षोडश सुन्दर रूप न जाय बखानी नयन प्रफुल्लित अम्बुज के से, नुपूर की झंकार सुहानी नीली साड़ी शोभित करधनी मोतियन माल कण्ठ मनभानी स्वर्ण रत्न निर्मित दो कुण्डल, दिव्य दीप्ति जिसकी नहीं सानी आभूषण केयूर आदि की,असीमित शोभा सुखद सुहानी देवी का सौन्दर्य मनोहर, धरे हृदय […]
Krishna Radhika Radha Krishna
युगल स्वरूप कृष्ण राधिका, राधा कृष्ण, तत्व रूप से दोनों एक राधे श्याम, श्याम राधिके, भिन्न तथापि अभिन्न विवेक राधामय जीवन ही कृष्ण का, कृष्णचन्द्र ही जीवन रूप ऐकमेकता दिव्य युगल की, सदा एकरस तत्व अनूप दो के बिना न संभव होता, वितरण लीला का आस्वाद इसीलिये तो तन-मन से वे, लीला करते-निर्विवाद नित्य नया […]