Mhimamai Devi Savitri

सावित्री देवी स्तवन महिमामयी देवी सावित्री, अनुकम्पा हम पर करें आप हे मूल प्रकृति, ब्रह्मा की प्रिया, हरलो कृपया सब ताप पाप तेजोमय विग्रह वाली हो, मंगल मयी मोक्षदायिनी हो भक्तों पे अनुग्रह करती हो, सम्पत्ति तथा सुख देती हो हे! प्रीतिदायिनी हों प्रसन्न, सुखदात्री मेरे क्लेश हरो मैं दास तुम्हारा हूँ विपन्न, आनन्द स्वरूपिणि […]

Maa Kshma Karo Aparadh

काली देवी स्तवन माँ क्षमा करो अपराध, शरण मोहि लीजे हे काली! दुर्गा दुर्गति दु:ख विनाशिनि, खड्ग चक्र वाली हे परमेश्वरि, हे कामेश्वरि, विविध रूप वाली अद्भुत शोभा श्रीअंगों की विद्युत-उजियारी हेम-गिरि पे वास तिहारो, चन्द्रमुकुट धारी सर्जन, पालन, प्रलयकारिणी, दिव्य शक्तिशाली दैत्य विदारिणि, ब्रह्मस्वरूपा श्याम वर्णवाली कार्तिकेय, गणपति की जननी, अगणित गुणवाली यश, मंगल, […]

Maa Charno Main Koti Pranam

देवी स्तवन माँ! चरणों में कोटि प्रणाम मायारूपिणि, शुद्धस्वरूपा, हे जगजननी! कोटि प्रणाम त्रिगुणातीता, वेदस्वरूपा, आदिशक्ति को कोटि प्रणाम लज्जा, शोभा, ज्ञान स्वरूपा, हे महिमामयी! कोटि प्रणाम रोग, शोक, भय, संकट हरनी, मंगल दायिनि! कोटि प्रणाम दुख-दारिद्र-निवारिणि देवी, हे नारायणि! कोटि प्रणाम करुणानिधि, कल्याणकारिणी, पतितपावनी! कोटि प्रणाम सर्जन, पालन, प्रलय-कारिणी, हिमनग-नंदिनी! कोटि प्रणाम मधु, कैटभ, […]

Maa Durga Sare Kashta Hare

दुर्गा वन्दन माँ दुर्गा सारे कष्ट हरे साधन ऐसा कोई न अन्य, बस श्रद्धापूर्वक स्मरण करें माँ के जो बत्तीस नाम बड़े, यदि पाठ करें सहस्त्र बार चाहे कष्ट बड़ा कैसा भी हो, निश्चित ही उनको करें पार हिंसक पशु से जो घिर जाये, सौ बार जपें माँ दुर्गा को रक्षा करती तब माताजी और […]

Mat Yashoda Shri Ganesh Ki

श्री गणेश-श्री कृष्ण मात यशोदा श्री गणेश की पूजा करने को आई मोदक भर कर थाल सजाया, कान्हा को सँग में लाई नटवर की नटखट चालों की, याद उन्हें जैसे आई विघ्न न पूजा में हो जाये, शंका मन में जब आई तभी कन्हैया को खम्भे से, डोरी से जो बाँध दिया फिर विघ्नेश्वर की […]

Mathe Par Gagar Dhar Paniya Bharan Chanli

कन्हैया का जादू माथे पर गागर धर पनिया भरन चली जमना के तीर सुन वेणु को अटकी नंदजी को लाल प्यारो, कदंब के नीचे ठाड़ो अँखियन की चोट मेरे, हिय माँह खटकी एक घरी बीत गई, तन की सुध ना रही ठगोरीसी ठाड़ी भई, छूटी कर मटकी मोहन को रूप निरख, प्रेम को प्रवाह चल्यो […]

Mano Mano Nand Ji Ke Lal

होली मानो मानो नंदजी के लाल चूनर, चोली भिगा दी सारी, डारो न और गुलाल जमुना से जल भर मैं आई, तब भी करी ढिठाई दौड़ के मोरी गगरी गिराई, कैसो कर दियो हाल गीली चुनरिया सास लड़ेगी, ननँद साथ नहीं देगी काहू भाँति नहीं बात बनेगी, नटखट करी कुचाल नंदकुँवर खेली जो होरी, करी […]

Muskan Madhur Mohini Chitwan

श्री राधा कृष्ण स्तवन मुस्कान मधुर, मोहिनी चितवन, राधा गोविंद का हो चिन्तन वृषभानु-कुमारी, नँद-नन्दन, मैं चरण वन्दना करता हूँ मुख नयन कमल से खिले हुए, सिर स्वर्ण चन्द्रिका मोर मुकुट केशर-कस्तूरी तिलक भाल, मैं ध्यान उन्हीं का करता हूँ श्री अंगों की शोभा अनूप, नीलाम्बर पीताम्बर पहने फूलों के गजरे रत्न हार, वह रूप […]

Mero Man Nand Nandan Ju Haryo

श्रीकृष्ण छटा मेरो मन नँद-नन्दन जू हर्यो खिरक दुहावन जात रही मैं, मारग रोक रह्यो वह रूप रसीलो ऐसो री, नित नूतन मन ही फँस्यो वह निरख छटा अब कित जाऊँ, हिरदै में आन बस्यौ तेहि छिन ते मोहिं कछु न सुहावै, मन मेरो लूट लियो त्रिभुवन-सुन्दर प्रति प्रेम सखी, है अटल न जाय टर्यो 

Main Apno Man Hari So Joryo

मोहन से प्रीति मैं अपनो मन हरि सों जोर्यो, हरि सों जोरि सबनसो तोर्यो नाच नच्यों तब घूँघट कैसो, लोक-लाज डर पटक पिछोर्यो आगे पाछे सोच मिट गयो, मन-विकार मटुका को फोर्यो कहनो थो सो कह्यो सखी री, काह भयो कोऊ मुख मोर्यो नवल लाल गिरिधरन पिया संग, प्रेम रंग में यह तन बोर्यो ‘परमानंद’ […]