Shashwat Sathi Bas Aatma Hi

आत्मानुभूति शाश्वत साथी बस आत्मा ही जन्म से पूर्व, मृत्यु के बाद, रहता जो निरन्तर एक यही वह नहीं छोड़ता कभी हमें, परमात्मा का ही अंश जान परिवार प्रति कर्तव्य व्यक्ति का, इसका भी होए सदा मान रागात्मक भाव नहीं किन्तु, अनुभूति विराग की हो मन में निर्वहन करे दायित्वों का व पालन करे यथा […]

Samast Srushti Jis Ke Dwara

बुद्धियोग समस्त सृष्टि जिसके द्वारा, सर्वात्मा ईश्वर एक वही सब लोक महेश्वर शक्तिमान, सच्चिदानन्दमय ब्रह्म वही जो कर्म हमारे भले बुरे, हो प्राप्त शुभाशुभ लोक हमें उत्तम या अधम योनियाँ भी, मिलती हैं तद्नुसार हमें हम शास्त्र विहित आचरण करें, शास्त्र निषिद्ध का त्याग करें सांसारिक सुख सब नश्वर है, भगवत्प्राप्ति का यत्न करें निष्काम […]

Sab Se Bada Dharma Ka Bal Hai

धर्म निष्ठा सबसे बड़ा धर्म का बल है वह पूजनीय जिसको यह बल, जीवन उसका ही सार्थक है ऐश्वर्य, बुद्धि, विद्या, धन का, बल होता प्रायः लोगों को चाहे शक्तिमान या सुन्दर हो, होता है अहंकार उसको इन सबसे श्रेष्ठ धर्म का बल, भवसागर से जो पार करे जिस ओर रहे भगवान् कृष्ण, निश्चय ही […]

Sab Chala Chali Ka Mela Hai

नश्वर संसार सब चला चली का मेला है कोई चला गया कोई जाने को, बस चार दिनों का खेला है घर बार कपट की माया है, जीवन में पाप कमाया है ये मनुज योनि अति दुर्लभ है, जिसने दी उन्हें भुलाया है विषयों में डूब रहा अब भी, जाने की आ गई वेला रे सब […]

Satswarup Hai Aatma

सत्य दर्शन सत्स्वरूप है आत्मा, जो स्वभावतः सत्य झूठ बाहरी वस्तु है, जो अवश्य ही त्याज्य धन आसक्ति प्रमादवश, व्यक्ति बोलता झूठ सत्य आचरण ही करें, प्रभु ना जाए रूठ छद्म पूर्ण हो चरित तो, कहीं न आदर पाय कपट शून्य हो आचरण, विश्वासी हो जाय काम क्रोध व लोभ है, सभी नरक के द्वार […]

Satyam Shivam Sundaram

सत्यं शिवं सुन्दरम् सत्यं शिवं सुन्दरम् ही तो श्री हरि का रूप है सुख शांति का यह सार है, अकल्पनीय अनूप है जीवन मे सत्य विचार हो, व्यवहार वाणी शुद्ध हो उत्तम यही तो मार्ग है अन्तःकरण भी शुद्ध हो शिव-भाव से तात्पर्य है, कल्याणमय जीवन रहे सारे अमंगल दूर हों, मालिन्य को न जरा […]

Satogun Jivan Main Apnayen

सतोगुण सतोगुण जीवन में अपनायें रजो, तमो गुण कहीं मार्ग में, नहीं हमें भटकाये श्रद्धा, सेवा, सद्गुण को ही हम आदर्श बनायें हो सहिष्णुता, इन्द्रिय-निग्रह, मार्ग सुगम हो जाये अनुशीलन हो सद्ग्रन्थों का, सत्संग में रुचि आये वृद्धि सत्व की होए तो ही, धर्म कर्म मन भाये सद्बुद्धि दें, प्रभु कृपा कर, अचल शांति सुख […]

Sandhyopasan Dwij Nitya Kare

सन्ध्योपासना संध्योपासन द्विज नित्य करे, पातक उनके अनिवार्य जरे प्रातः, मध्याह्न तथा सायं, होए उपासना क्लेश हरे संध्यावन्दन में सूरज को, जल से हम अर्घ्य प्रदान करें ब्रह्मस्वरूपिणी गायत्री का, मंत्र विधिवत् जाप करे संध्या-महत्व को नहीं जाने वह नहीं करे तक संध्या को शुभ कर्मों का फल नहीं मिले, जीते जी क्षुद्र कहें उसको […]

Shri Krishnarjun Samvad Divya

श्रीमद्भगवद्गीता श्री कृष्णार्जुन संवाद दिव्य, गीता ने हमें प्रदान किया कालजयी यह ग्रंथ सभी धर्मों को समन्वित ज्ञान दिया हर देश परिस्थिति में रचना, मानव को मार्ग दिखाती है सर्वोत्कृष्ट यह ऐसी कृति, जो सदा प्रेरणा देती है निन्दा, स्तुति, मानापमान, जो द्वन्द्व मचायें जीवन में दुविधा में जब भी पड़ें कभी, जायें गीता के […]

Shastriya Vidhan Se Karma Karen

पाप-निवारण शास्त्रीय विधान से कर्म करे, उन कर्मों को ही कहें धर्म जिनका निषेध है वेदों में, कहलाते सारे वे अधर्म अन्तर्यामी सर्वज्ञ प्रभु, करनी को देख रहे सबकी पापों का प्रायश्चित जो न करे, तो दण्डनीय गति हो उनकी कल्याणकारी हरि के कीर्तन, जो कर पाये पूरे मन से पापों का निवारण हो जाये, […]