Prabhu Ne Hamko Manuj Banaya
कर्मठता प्रभु ने हमको मनुज बनाया प्रभु का नाम हृदय में रख कर, कर्म करो तन मन से प्यारे निश्चित ही फल प्राप्त करोगे, कभी नहीं हिम्मत को हारें आलस या प्रमाद में खोयें, कभी नहीं अनमोल समय को बीत गया, कल लौट न आये, नहीं दोष दो व्यर्थ भाग्य को करे सदा सत्कर्म व्यक्ति […]
Vivek Prapt Hai Manav Ko
विवेक विवेक प्राप्त है मानव को क्या तो अनुचित अथवा कि उचित, यह समझ नहीं पशु पक्षी को जो सदुपयोग करले इसका, उसका तो जीवन सफल हुआ वरना तो पशु से भी निकृष्ट, मानव का जीवन विफल हुआ हम अपने और दूसरों का, कर पायें भला विवेक यही तब तत्वज्ञान में हो परिणित, सर्वज्ञ प्रभु […]
Rasna Kyon Na Ram Ras Piti
राम रसपान रसना क्यों न राम रस पीती षट-रस भोजन पान करेगी, फिर रीती की रीती अजहूँ छोड़ कुबान आपनी, जो बीती सो बीती वा दिन की तू सुधि बिसराई, जा दिन बात कहीती जब यमराज द्वार आ अड़िहैं, खुलिहै तब करतूती ‘रूपकुँवरि’ मन मान सिखावन, भगवत् सन कर प्रीती
He Gouri Putra Ganesh Gajanan
श्री गणेश प्राकट्य हे गौरी-पुत्र गणेश गजानन, सभी कामना पूर्ण करें कलियुग में पूजा अर्चन से, सारे कष्टों को शीघ्र हरे ब्रह्मा, विष्णु अरु रुद्र आप, अग्नि, वायु, रवि, चन्द्र आप श्रद्धा पूर्वक जो स्मरण करे, हर लेते सारे पाप ताप माँ पार्वती के सुत होकर के, प्रत्येक कल्प में जो आते वे परब्रह्म-भगवान कृष्ण, […]
Yah Jiwan Kitna Sundar Hai
मानव जीवन यह जीवन कितना सुन्दर है जो सदुपयोग ना कर पाये, फिर तो पाया क्या जीवन में खाया पीया अरु भोग किया, अन्तर न रहा नर पशुओं में जो सोच समझने की शक्ति, वरदान रूप में मिली हमें उद्देश्य पूर्ण जीवन जीते, सुर दुर्लभ जीवन मिला हमें संस्कार साथ में ही जाते, इसका कुछ […]
Mila Hai Janma Manav Ka
प्रबोधन मिला है जन्म मानव का, गँवाया किन्तु यौवन को साथ में कुछ न जायेगा, चेत जा, याद कर प्रभु को अभी से आत्मचिंतन हो, पढ़ो तुम नित्य गीता को निदिध्यासन मनन भी हो, छुड़ा दे मोह माया को साधना के अनेकों पंथ भी, निर्गुण सगुण कोई श्रेष्ठ पर ज्ञान ही का मार्ग, दिखा सकते […]
Maya Se Tarna Dustar Hai
माया माया से तरना दुस्तर है आसक्ति के प्रति हो असंग, दूषित ममत्व बाहर कर दें मन को पूरा स्थिर करके, प्रभु सेवा में अर्पित कर दें पदार्थ सुखी न दुखी करते, व्यर्थ ही भ्रम को मन में रखते होता न ह्रास वासना का, विपरीत उसकी वृद्धि करते मन को नहीं खाली छोड़े हम, सत्संग […]
Manavka Tan Jinse Paya
भक्ति-भाव मानव का तन जिनसे पाया, उन राम कृष्ण की भक्ति हो आसक्ति त्याग कर दुनिया की, करुणानिधि में अनुरक्ति हो श्रीरामचरितमानस हमको, भक्ति की समुचित शिक्षा दे नवधा भक्ति के जो प्रकार, अनुगमन करें प्रभु शक्ति दे सत्संग तथा हरिकथा सुने, गुरुसेवा प्रभु गुणगान करें हो आस्था प्रभु का मंत्र जपें, इन्द्रिय -निग्रह, सत्कर्म […]
Mulyawan Yah Seekh Jo Mane
पुरुषार्थ मूल्यवान यह सीख जो माने, भाग्यवान् वह व्यक्ति है सत्कर्म करो बैठे न रहो, भगवद्गीता की उक्ति है यह सृष्टि काल के वश में है, जो रुके नहीं चलती ही रहे प्रमाद न हो गतिशील रहे, जीवन में जो भी समृद्धि चहे सन्मार्ग चुनो शुभ कार्य करो, उत्तम जीवन का मर्म यही जो यत्नशील […]
Jo Paanch Tatva Se Deh Bani
तत्व चिन्तन जो पाँच तत्व से देह बनी, वह नाशवान ऐसा जानो जीना मरना तो साथ लगा, एक तथ्य यही जो पहचानो परमात्मा ही चेतन स्वरूप और जीव अंश उसका ही है सच्चिदानंद दोनों ही तो, निर्गुण वर्णन इसका ही है जैसे की सींप में रजत दिखे, मृगतृष्णा जल होता न सत्य सम्पूर्ण जगत् ही […]